पंचांग · शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2031प्रयागराज
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया21:34 तक
- कृष्ण चतुर्थी21:59, 4 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र06:20, 4 अक्टू॰ तक
- हर्षण19:26 तक
- वज्र18:38, 4 अक्टू॰ तक
- वणिज09:37 तक
- विष्टि21:34 तक
- बव09:41, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 17:48बिंब मध्य 17:44
- चंद्रोदय
- 19:31
- चंद्रास्त
- 08:10
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मेष12:36, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:18 –05:07
- प्रातः संध्या04:43 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:28 –12:15
- विजय मुहूर्त13:50 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:48 –18:12
- सायाह्न संध्या17:48 –19:01
- निशीथ मुहूर्त23:28 –00:16, 4 अक्टू॰
- अमृत काल01:25 –03:04, 4 अक्टू॰
- राहु काल10:23 –11:52
- यमगंड14:50 –16:19
- गुलिक काल07:24 –08:53
- दुर्मुहूर्त08:18 –09:05
- दुर्मुहूर्त12:15 –13:03
- वर्ज्य15:35 –17:13
- भद्रा09:37 –21:34
चौघड़िया
- चरसम05:55 – 07:24
- लाभलाभ07:24 – 08:53
- अमृतश्रेष्ठ08:53 – 10:23
- कालहानि10:23 – 11:52
- शुभशुभ11:52 – 13:21
- रोगअनिष्ट13:21 – 14:50
- उद्वेगअशुभ14:50 – 16:19
- चरसम16:19 – 17:48
- रोगअनिष्ट17:48 – 19:19
- कालहानि19:19 – 20:50
- लाभलाभ20:50 – 22:21
- उद्वेगअशुभ22:21 – 23:52
- शुभशुभ23:52 – 01:23
- अमृतश्रेष्ठ01:23 – 02:54
- चरसम02:54 – 04:25
- रोगअनिष्ट04:25 – 05:56
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:55–06:55 |
| बुध | 06:55–07:54 |
| चन्द्र | 07:54–08:53 |
| शनि | 08:53–09:53 |
| गुरु | 09:53–10:52 |
| मंगल | 10:52–11:52 |
| सूर्य | 11:52–12:51 |
| शुक्र | 12:51–13:50 |
| बुध | 13:50–14:50 |
| चन्द्र | 14:50–15:49 |
| शनि | 15:49–16:48 |
| गुरु | 16:48–17:48 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:48–18:48 |
| सूर्य | 18:48–19:49 |
| शुक्र | 19:49–20:50 |
| बुध | 20:50–21:50 |
| चन्द्र | 21:50–22:51 |
| शनि | 22:51–23:52 |
| गुरु | 23:52–00:52 |
| मंगल | 00:52–01:53 |
| सूर्य | 01:53–02:54 |
| शुक्र | 02:54–03:54 |
| बुध | 03:54–04:55 |
| चन्द्र | 04:55–05:56 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 1 पद11:49 तक
- भरणी 2 पद17:57 तक
- भरणी 3 पद00:07, 4 अक्टू॰ तक
- भरणी 4 पद06:20, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 11:52
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 21:34 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 21:34 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:55 –07:04
- चोर पंचक07:04 –09:21
- शुभ मुहूर्त09:21 –11:38
- रोग पंचक11:38 –13:42
- शुभ मुहूर्त13:42 –15:27
- मृत्यु पंचक15:27 –16:58
- अग्नि पंचक16:58 –18:26
- शुभ मुहूर्त18:26 –20:04
- मृत्यु पंचक20:04 –21:34
- अग्नि पंचक21:34 –22:01
- शुभ मुहूर्त22:01 –00:15, 4 अक्टू॰
- राज पंचक00:15 –02:33, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:33 –04:47, 4 अक्टू॰
- चोर पंचक04:47 –05:56, 4 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:51 –07:04
- तुला07:04 –09:21
- वृश्चिक09:21 –11:38
- धनु11:38 –13:42
- मकर13:42 –15:27
- कुम्भ15:27 –16:58
- मीन16:58 –18:26
- मेष18:26 –20:04
- वृषभ20:04 –22:01
- मिथुन22:01 –00:15, 4 अक्टू॰
- कर्क00:15 –02:33, 4 अक्टू॰
- सिंह02:33 –04:47, 4 अक्टू॰
- कन्या04:47 –07:00, 4 अक्टू॰
पंचांग · प्रयागराज, 3 अक्टूबर 2031
शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2031 को प्रयागराज में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 17:48 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 21:34 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र भरणी 4 अक्टूबर 06:20 तक; योग हर्षण 19:26 तक, फिर वज्र; करण वणिज 09:37 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:23–11:52, अभिजित मुहूर्त 11:28–12:15। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 21:34 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:55, प्रयागराज)।
3 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 4 अक्टूबर 06:20 तक। चंद्रमा मेष राशि में 4 अक्टूबर 12:36 तक।
प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:23–11:52, यमगण्ड 14:50–16:19, गुलिक काल 07:24–08:53।
प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:48, चंद्रोदय 19:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:28–12:15, ब्रह्म मुहूर्त 04:18–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3007° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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