पंचांग · शनिवार, 3 अक्टूबर 2048नई दिल्ली

भाद्रपद · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2105इंदिरा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:04सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 02:23, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अश्लेषा
04:41, 4 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:04
शनिवार · शनि
राहु काल
09:13 –10:41
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:04
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:04रात06:16
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    02:23, 4 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    02:37, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    04:41, 4 अक्टू॰ तक
  2. मघास्वामी केतु
    05:28, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    16:34 तक
  2. साध्य
    15:55, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    13:59 तक
  2. बालव
    02:23, 4 अक्टू॰ तक
  3. कौलव
    14:36, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:04
बिंब मध्य 18:00
चंद्रोदय
01:48
चंद्रास्त
15:09
दिनमान
11h 49m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
कर्क
04:41, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2105
शक संवत
1970

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
  • प्रातः संध्या05:02 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:55
  • गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:04 –19:17
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:34, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल02:59 –04:41, 4 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:13 –10:41
  • यमगंड13:38 –15:07
  • गुलिक काल06:15 –07:44
  • दुर्मुहूर्त06:15 –07:03
  • दुर्मुहूर्त07:03 –07:50
  • वर्ज्य16:47 –18:29
  • गंड मूल06:15 –04:41, 4 अक्टू॰
  • गंड मूल04:41 –06:16, 4 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि06:15 – 07:44
  • शुभशुभ07:44 – 09:13
  • रोगअनिष्ट09:13 – 10:41
  • उद्वेगअशुभ10:41 – 12:10
  • चरसम12:10 – 13:38
  • लाभलाभ13:38 – 15:07
  • अमृतश्रेष्ठ15:07 – 16:36
  • कालहानि16:36 – 18:04
रात
  • लाभलाभ18:04 – 19:36
  • उद्वेगअशुभ19:36 – 21:07
  • शुभशुभ21:07 – 22:39
  • अमृतश्रेष्ठ22:39 – 00:10
  • चरसम00:10 – 01:42
  • रोगअनिष्ट01:42 – 03:13
  • कालहानि03:13 – 04:44
  • लाभलाभ04:44 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि06:15–07:14
गुरु07:14–08:14
मंगल08:14–09:13
सूर्य09:13–10:12
शुक्र10:12–11:11
बुध11:11–12:10
चन्द्र12:10–13:09
शनि13:09–14:08
गुरु14:08–15:07
मंगल15:07–16:06
सूर्य16:06–17:05
शुक्र17:05–18:04
रात
ग्रहसमय
बुध18:04–19:05
चन्द्र19:05–20:06
शनि20:06–21:07
गुरु21:07–22:08
मंगल22:08–23:09
सूर्य23:09–00:10
शुक्र00:10–01:11
बुध01:11–02:12
चन्द्र02:12–03:13
शनि03:13–04:14
गुरु04:14–05:15
मंगल05:15–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद09:37 तक
  • अश्लेषा 2 पद16:01 तक
  • अश्लेषा 3 पद22:23 तक
  • अश्लेषा 4 पद04:41, 4 अक्टू॰ तक
  • मघा 1 पद10:57, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 49m
रात्रिमान
12h 12m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 04:41, 4 अक्टू॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 04:41, 4 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर · 04:41, 4 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 02:23, 4 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 02:23, 4 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:15 –07:23
  • राज पंचक07:23 –09:42
  • शुभ मुहूर्त09:42 –12:01
  • चोर पंचक12:01 –14:04
  • शुभ मुहूर्त14:04 –15:47
  • रोग पंचक15:47 –17:14
  • शुभ मुहूर्त17:14 –20:14
  • रोग पंचक20:14 –22:10
  • शुभ मुहूर्त22:10 –00:25, 4 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:25 –02:23, 4 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:23 –02:45, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:45 –04:41, 4 अक्टू॰
  • राज पंचक04:41 –05:03, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:03 –06:16, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:06 –07:23
  • तुला07:23 –09:42
  • वृश्चिक09:42 –12:01
  • धनु12:01 –14:04
  • मकर14:04 –15:47
  • कुम्भ15:47 –17:14
  • मीन17:14 –18:39
  • मेष18:39 –20:14
  • वृषभ20:14 –22:10
  • मिथुन22:10 –00:25, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:25 –02:45, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:45 –05:03, 4 अक्टू॰
  • कन्या05:03 –07:19, 4 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2048

शनिवार, 3 अक्टूबर 2048 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 4 अक्टूबर 02:23 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 4 अक्टूबर 04:41 तक, फिर मघा; योग सिद्ध 16:34 तक, फिर साध्य; करण बव 13:59 तक, फिर बालव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:13–10:41, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2105, शक संवत 1970।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2048 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 4 अक्टूबर 02:23 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।

3 अक्टूबर 2048 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 4 अक्टूबर 04:41 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 4 अक्टूबर 04:41 तक।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2048 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:13–10:41, यमगण्ड 13:38–15:07, गुलिक काल 06:15–07:44।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2048 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 01:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2048 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अक्टूबर 2048 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

इंदिरा एकादशी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2048आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2048मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.5382° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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