पंचांग · सोमवार, 30 अक्टूबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी23:47 तक
- कृष्ण षष्ठी22:17, 31 अक्टू॰ तक
- मृगशिरास्वामी मंगल12:17 तक
- आर्द्रास्वामी राहु11:35, 31 अक्टू॰ तक
- शिव00:07, 31 अक्टू॰ तक
- सिद्ध21:44, 31 अक्टू॰ तक
- कौलव12:27 तक
- तैतिल23:47 तक
- गर11:04, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:32बिंब मध्य 06:35
- सूर्यास्त
- 17:37बिंब मध्य 17:33
- चंद्रोदय
- 21:08
- चंद्रास्त
- 10:51
- दिनमान
- 11h 5m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मिथुन04:55, 1 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:40
- प्रातः संध्या05:14 –06:32
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
- विजय मुहूर्त13:56 –14:40
- गोधूलि मुहूर्त17:37 –18:03
- सायाह्न संध्या17:37 –18:55
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 31 अक्टू॰
- अमृत काल01:52 –03:26, 31 अक्टू॰
- राहु काल07:55 –09:18
- यमगंड10:41 –12:05
- गुलिक काल13:28 –14:51
- दुर्मुहूर्त12:27 –13:11
- दुर्मुहूर्त14:40 –15:24
- वर्ज्य20:26 –22:00
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:32 – 07:55
- कालहानि07:55 – 09:18
- शुभशुभ09:18 – 10:41
- रोगअनिष्ट10:41 – 12:05
- उद्वेगअशुभ12:05 – 13:28
- चरसम13:28 – 14:51
- लाभलाभ14:51 – 16:14
- अमृतश्रेष्ठ16:14 – 17:37
- चरसम17:37 – 19:14
- रोगअनिष्ट19:14 – 20:51
- कालहानि20:51 – 22:28
- लाभलाभ22:28 – 00:05
- उद्वेगअशुभ00:05 – 01:42
- शुभशुभ01:42 – 03:19
- अमृतश्रेष्ठ03:19 – 04:56
- चरसम04:56 – 06:32
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:32–07:27 |
| शनि | 07:27–08:23 |
| गुरु | 08:23–09:18 |
| मंगल | 09:18–10:14 |
| सूर्य | 10:14–11:09 |
| शुक्र | 11:09–12:05 |
| बुध | 12:05–13:00 |
| चन्द्र | 13:00–13:56 |
| शनि | 13:56–14:51 |
| गुरु | 14:51–15:47 |
| मंगल | 15:47–16:42 |
| सूर्य | 16:42–17:37 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:37–18:42 |
| बुध | 18:42–19:47 |
| चन्द्र | 19:47–20:51 |
| शनि | 20:51–21:56 |
| गुरु | 21:56–23:00 |
| मंगल | 23:00–00:05 |
| सूर्य | 00:05–01:10 |
| शुक्र | 01:10–02:14 |
| बुध | 02:14–03:19 |
| चन्द्र | 03:19–04:23 |
| शनि | 04:23–05:28 |
| गुरु | 05:28–06:32 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मृगशिरा 4 पद12:17 तक
- आर्द्रा 1 पद18:08 तक
- आर्द्रा 2 पद23:58 तक
- आर्द्रा 3 पद05:47, 31 अक्टू॰ तक
- आर्द्रा 4 पद11:35, 31 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 5m
- रात्रिमान
- 12h 55m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 23:47 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 23:47 तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:32 –07:57
- रोग पंचक07:57 –10:15
- शुभ मुहूर्त10:15 –12:17
- मृत्यु पंचक12:17 –12:19
- अग्नि पंचक12:19 –14:01
- शुभ मुहूर्त14:01 –15:29
- राज पंचक15:29 –16:54
- अग्नि पंचक16:54 –18:29
- शुभ मुहूर्त18:29 –20:25
- राज पंचक20:25 –22:40
- शुभ मुहूर्त22:40 –23:47
- चोर पंचक23:47 –01:00, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:00 –03:17, 31 अक्टू॰
- रोग पंचक03:17 –05:34, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:34 –06:32, 31 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:37 –07:57
- वृश्चिक07:57 –10:15
- धनु10:15 –12:19
- मकर12:19 –14:01
- कुम्भ14:01 –15:29
- मीन15:29 –16:54
- मेष16:54 –18:29
- वृषभ18:29 –20:25
- मिथुन20:25 –22:40
- कर्क22:40 –01:00, 31 अक्टू॰
- सिंह01:00 –03:17, 31 अक्टू॰
- कन्या03:17 –05:34, 31 अक्टू॰
- तुला05:34 –07:53, 31 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2045
सोमवार, 30 अक्टूबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 17:37 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 23:47 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मृगशिरा 12:17 तक, फिर आर्द्रा; योग शिव 31 अक्टूबर 00:07 तक, फिर सिद्ध; करण कौलव 12:27 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:55–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 23:47 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:32, नई दिल्ली)।
30 अक्टूबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
मृगशिरा 12:17 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 04:55 तक।
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:55–09:18, यमगण्ड 10:41–12:05, गुलिक काल 13:28–14:51।
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 17:37, चंद्रोदय 21:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अक्टूबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4973° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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