पंचांग · शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया02:47, 28 अक्टू॰ तक
- कृष्ण तृतीया02:05, 29 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र12:48 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य12:57, 28 अक्टू॰ तक
- सिद्धि07:30 तक
- व्यतीपात06:03, 28 अक्टू॰ तक
- वरीयान्04:18, 29 अक्टू॰ तक
- तैतिल15:00 तक
- गर02:47, 28 अक्टू॰ तक
- वणिज14:28, 28 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:30बिंब मध्य 06:33
- सूर्यास्त
- 17:40बिंब मध्य 17:36
- चंद्रोदय
- 18:23
- चंद्रास्त
- 07:46
- दिनमान
- 11h 10m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मेष18:52 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:47 –05:38
- प्रातः संध्या05:13 –06:30
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
- विजय मुहूर्त13:57 –14:41
- गोधूलि मुहूर्त17:40 –18:06
- सायाह्न संध्या17:40 –18:57
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 28 अक्टू॰
- अमृत काल07:53 –09:32
- राहु काल10:41 –12:05
- यमगंड14:52 –16:16
- गुलिक काल07:53 –09:17
- दुर्मुहूर्त08:44 –09:28
- दुर्मुहूर्त12:27 –13:12
- वर्ज्य00:52 –02:29, 28 अक्टू॰
चौघड़िया
- चरसम06:30 – 07:53
- लाभलाभ07:53 – 09:17
- अमृतश्रेष्ठ09:17 – 10:41
- कालहानि10:41 – 12:05
- शुभशुभ12:05 – 13:29
- रोगअनिष्ट13:29 – 14:52
- उद्वेगअशुभ14:52 – 16:16
- चरसम16:16 – 17:40
- रोगअनिष्ट17:40 – 19:16
- कालहानि19:16 – 20:53
- लाभलाभ20:53 – 22:29
- उद्वेगअशुभ22:29 – 00:05
- शुभशुभ00:05 – 01:41
- अमृतश्रेष्ठ01:41 – 03:18
- चरसम03:18 – 04:54
- रोगअनिष्ट04:54 – 06:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:30–07:26 |
| बुध | 07:26–08:21 |
| चन्द्र | 08:21–09:17 |
| शनि | 09:17–10:13 |
| गुरु | 10:13–11:09 |
| मंगल | 11:09–12:05 |
| सूर्य | 12:05–13:01 |
| शुक्र | 13:01–13:57 |
| बुध | 13:57–14:52 |
| चन्द्र | 14:52–15:48 |
| शनि | 15:48–16:44 |
| गुरु | 16:44–17:40 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:40–18:44 |
| सूर्य | 18:44–19:48 |
| शुक्र | 19:48–20:53 |
| बुध | 20:53–21:57 |
| चन्द्र | 21:57–23:01 |
| शनि | 23:01–00:05 |
| गुरु | 00:05–01:09 |
| मंगल | 01:09–02:14 |
| सूर्य | 02:14–03:18 |
| शुक्र | 03:18–04:22 |
| बुध | 04:22–05:26 |
| चन्द्र | 05:26–06:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 3 पद06:42 तक
- भरणी 4 पद12:48 तक
- कृत्तिका 1 पद18:52 तक
- कृत्तिका 2 पद00:55, 28 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 3 पद06:57, 28 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 10m
- रात्रिमान
- 12h 50m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व · 18:52 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:47, 28 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 02:47, 28 अक्टू॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:30 –08:09
- चोर पंचक08:09 –10:27
- शुभ मुहूर्त10:27 –12:31
- रोग पंचक12:31 –12:48
- शुभ मुहूर्त12:48 –14:13
- मृत्यु पंचक14:13 –15:41
- अग्नि पंचक15:41 –17:06
- शुभ मुहूर्त17:06 –18:41
- मृत्यु पंचक18:41 –20:37
- अग्नि पंचक20:37 –22:52
- शुभ मुहूर्त22:52 –01:12, 28 अक्टू॰
- राज पंचक01:12 –02:47, 28 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:47 –03:29, 28 अक्टू॰
- चोर पंचक03:29 –05:45, 28 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:45 –06:30, 28 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:49 –08:09
- वृश्चिक08:09 –10:27
- धनु10:27 –12:31
- मकर12:31 –14:13
- कुम्भ14:13 –15:41
- मीन15:41 –17:06
- मेष17:06 –18:41
- वृषभ18:41 –20:37
- मिथुन20:37 –22:52
- कर्क22:52 –01:12, 28 अक्टू॰
- सिंह01:12 –03:29, 28 अक्टू॰
- कन्या03:29 –05:45, 28 अक्टू॰
- तुला05:45 –08:05, 28 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2045
शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 17:40 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 28 अक्टूबर 02:47 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र भरणी 12:48 तक, फिर कृत्तिका; योग सिद्धि 07:30 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 15:00 तक, फिर गर। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:41–12:05, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 27 अक्टूबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 28 अक्टूबर 02:47 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:30, नई दिल्ली)।
27 अक्टूबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 12:48 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 18:52 तक।
नई दिल्ली में 27 अक्टूबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:41–12:05, यमगण्ड 14:52–16:16, गुलिक काल 07:53–09:17।
नई दिल्ली में 27 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 17:40, चंद्रोदय 18:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
27 अक्टूबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:47–05:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4972° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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