पंचांग · बुधवार, 11 अक्टूबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल प्रतिपदा13:29 तक
- शुक्ल द्वितीया11:19, 12 अक्टू॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल14:44 तक
- स्वातीस्वामी राहु13:21, 12 अक्टू॰ तक
- वैधृति13:44 तक
- विष्कुम्भ10:50, 12 अक्टू॰ तक
- बव13:29 तक
- बालव00:20, 12 अक्टू॰ तक
- कौलव11:19, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:20बिंब मध्य 06:23
- सूर्यास्त
- 17:56बिंब मध्य 17:51
- चंद्रोदय
- 07:05
- चंद्रास्त
- 18:17
- दिनमान
- 11h 36m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- तुला06:42, 13 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:41 –05:30
- प्रातः संध्या05:05 –06:20
- अभिजित मुहूर्त11:44 –12:31
- विजय मुहूर्त14:04 –14:50
- गोधूलि मुहूर्त17:56 –18:20
- सायाह्न संध्या17:56 –19:10
- निशीथ मुहूर्त23:43 –00:33, 12 अक्टू॰
- अमृत काल08:50 –10:18
- अमृत काल05:03 –06:34, 12 अक्टू॰
- राहु काल12:08 –13:35
- यमगंड07:47 –09:14
- गुलिक काल10:41 –12:08
- दुर्मुहूर्त11:44 –12:31
- वर्ज्य20:01 –21:31
चौघड़िया
- लाभलाभ06:20 – 07:47
- अमृतश्रेष्ठ07:47 – 09:14
- कालहानि09:14 – 10:41
- शुभशुभ10:41 – 12:08
- रोगअनिष्ट12:08 – 13:35
- उद्वेगअशुभ13:35 – 15:02
- चरसम15:02 – 16:29
- लाभलाभ16:29 – 17:56
- उद्वेगअशुभ17:56 – 19:29
- शुभशुभ19:29 – 21:02
- अमृतश्रेष्ठ21:02 – 22:35
- चरसम22:35 – 00:08
- रोगअनिष्ट00:08 – 01:41
- कालहानि01:41 – 03:14
- लाभलाभ03:14 – 04:47
- उद्वेगअशुभ04:47 – 06:20
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:20–07:18 |
| चन्द्र | 07:18–08:16 |
| शनि | 08:16–09:14 |
| गुरु | 09:14–10:12 |
| मंगल | 10:12–11:10 |
| सूर्य | 11:10–12:08 |
| शुक्र | 12:08–13:06 |
| बुध | 13:06–14:04 |
| चन्द्र | 14:04–15:02 |
| शनि | 15:02–16:00 |
| गुरु | 16:00–16:58 |
| मंगल | 16:58–17:56 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:56–18:58 |
| शुक्र | 18:58–20:00 |
| बुध | 20:00–21:02 |
| चन्द्र | 21:02–22:04 |
| शनि | 22:04–23:06 |
| गुरु | 23:06–00:08 |
| मंगल | 00:08–01:10 |
| सूर्य | 01:10–02:12 |
| शुक्र | 02:12–03:14 |
| बुध | 03:14–04:16 |
| चन्द्र | 04:16–05:18 |
| शनि | 05:18–06:20 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- चित्रा 3 पद09:10 तक
- चित्रा 4 पद14:44 तक
- स्वाती 1 पद20:20 तक
- स्वाती 2 पद01:58, 12 अक्टू॰ तक
- स्वाती 3 पद07:38, 12 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 36m
- रात्रिमान
- 12h 24m
- मध्याह्न
- 12:08
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पाताल · 13:29 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 13:29 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:20 –06:52
- रोग पंचक06:52 –09:12
- शुभ मुहूर्त09:12 –11:30
- मृत्यु पंचक11:30 –13:29
- अग्नि पंचक13:29 –13:34
- शुभ मुहूर्त13:34 –14:44
- राज पंचक14:44 –15:16
- शुभ मुहूर्त15:16 –16:43
- चोर पंचक16:43 –18:08
- राज पंचक18:08 –19:44
- शुभ मुहूर्त19:44 –21:40
- चोर पंचक21:40 –23:54
- शुभ मुहूर्त23:54 –02:15, 12 अक्टू॰
- रोग पंचक02:15 –04:32, 12 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:32 –06:20, 12 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:36 –06:52
- तुला06:52 –09:12
- वृश्चिक09:12 –11:30
- धनु11:30 –13:34
- मकर13:34 –15:16
- कुम्भ15:16 –16:43
- मीन16:43 –18:08
- मेष18:08 –19:44
- वृषभ19:44 –21:40
- मिथुन21:40 –23:54
- कर्क23:54 –02:15, 12 अक्टू॰
- सिंह02:15 –04:32, 12 अक्टू॰
- कन्या04:32 –06:48, 12 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2045
बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 17:56 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 13:29 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र चित्रा 14:44 तक, फिर स्वाती; योग वैधृति 13:44 तक, फिर विष्कुम्भ; करण बव 13:29 तक, फिर बालव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 12:08–13:35, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:31। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 11 अक्टूबर 2045 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल प्रतिपदा 13:29 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 06:20, नई दिल्ली)।
11 अक्टूबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
चित्रा 14:44 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 13 अक्टूबर 06:42 तक।
नई दिल्ली में 11 अक्टूबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:08–13:35, यमगण्ड 07:47–09:14, गुलिक काल 10:41–12:08।
नई दिल्ली में 11 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 17:56, चंद्रोदय 07:05 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 अक्टूबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:44–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 04:41–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
11 अक्टूबर 2045 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4966° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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