पंचांग · बुधवार, 4 अक्टूबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी11:11 तक
- कृष्ण नवमी09:11, 5 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु04:59, 5 अक्टू॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि03:25, 6 अक्टू॰ तक
- परिघ16:48 तक
- शिव13:58, 5 अक्टू॰ तक
- कौलव11:11 तक
- तैतिल22:14 तक
- गर09:11, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:03बिंब मध्य 17:59
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 13:49
- दिनमान
- 11h 47m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मिथुन23:18 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
- प्रातः संध्या05:03 –06:16
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
- विजय मुहूर्त14:08 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:03 –18:28
- सायाह्न संध्या18:03 –19:17
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 5 अक्टू॰
- अमृत काल02:42 –04:13, 5 अक्टू॰
- राहु काल12:10 –13:38
- यमगंड07:44 –09:13
- गुलिक काल10:41 –12:10
- दुर्मुहूर्त11:46 –12:33
- वर्ज्य17:34 –19:05
चौघड़िया
- लाभलाभ06:16 – 07:44
- अमृतश्रेष्ठ07:44 – 09:13
- कालहानि09:13 – 10:41
- शुभशुभ10:41 – 12:10
- रोगअनिष्ट12:10 – 13:38
- उद्वेगअशुभ13:38 – 15:07
- चरसम15:07 – 16:35
- लाभलाभ16:35 – 18:03
- उद्वेगअशुभ18:03 – 19:35
- शुभशुभ19:35 – 21:07
- अमृतश्रेष्ठ21:07 – 22:38
- चरसम22:38 – 00:10
- रोगअनिष्ट00:10 – 01:41
- कालहानि01:41 – 03:13
- लाभलाभ03:13 – 04:45
- उद्वेगअशुभ04:45 – 06:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:16–07:15 |
| चन्द्र | 07:15–08:14 |
| शनि | 08:14–09:13 |
| गुरु | 09:13–10:12 |
| मंगल | 10:12–11:11 |
| सूर्य | 11:11–12:10 |
| शुक्र | 12:10–13:09 |
| बुध | 13:09–14:08 |
| चन्द्र | 14:08–15:07 |
| शनि | 15:07–16:06 |
| गुरु | 16:06–17:04 |
| मंगल | 17:04–18:03 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:03–19:05 |
| शुक्र | 19:05–20:06 |
| बुध | 20:06–21:07 |
| चन्द्र | 21:07–22:08 |
| शनि | 22:08–23:09 |
| गुरु | 23:09–00:10 |
| मंगल | 00:10–01:11 |
| सूर्य | 01:11–02:12 |
| शुक्र | 02:12–03:13 |
| बुध | 03:13–04:14 |
| चन्द्र | 04:14–05:15 |
| शनि | 05:15–06:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 1 पद11:54 तक
- पुनर्वसु 2 पद17:37 तक
- पुनर्वसु 3 पद23:18 तक
- पुनर्वसु 4 पद04:59, 5 अक्टू॰ तक
- पुष्य 1 पद10:37, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 47m
- रात्रिमान
- 12h 13m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 23:18 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:11 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 11:11 तकसभा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:16 –07:20
- शुभ मुहूर्त07:20 –09:39
- चोर पंचक09:39 –11:11
- शुभ मुहूर्त11:11 –11:58
- रोग पंचक11:58 –14:01
- शुभ मुहूर्त14:01 –15:44
- मृत्यु पंचक15:44 –17:11
- अग्नि पंचक17:11 –18:36
- शुभ मुहूर्त18:36 –20:11
- मृत्यु पंचक20:11 –22:07
- अग्नि पंचक22:07 –00:22, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:22 –02:42, 5 अक्टू॰
- राज पंचक02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:59 –04:59, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक04:59 –06:16, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:03 –07:20
- तुला07:20 –09:39
- वृश्चिक09:39 –11:58
- धनु11:58 –14:01
- मकर14:01 –15:44
- कुम्भ15:44 –17:11
- मीन17:11 –18:36
- मेष18:36 –20:11
- वृषभ20:11 –22:07
- मिथुन22:07 –00:22, 5 अक्टू॰
- कर्क00:22 –02:42, 5 अक्टू॰
- सिंह02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
- कन्या04:59 –07:16, 5 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2045
बुधवार, 4 अक्टूबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:03 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 11:11 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 5 अक्टूबर 04:59 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 16:48 तक, फिर शिव; करण कौलव 11:11 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 12:10–13:38, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 11:11 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:16, नई दिल्ली)।
4 अक्टूबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 5 अक्टूबर 04:59 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 23:18 तक।
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:10–13:38, यमगण्ड 07:44–09:13, गुलिक काल 10:41–12:10।
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4963° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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