पंचांग · रविवार, 1 अक्टूबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी14:37 तक
- कृष्ण षष्ठी13:54, 2 अक्टू॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य07:09 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र07:15, 2 अक्टू॰ तक
- सिद्धि23:14 तक
- व्यतीपात21:26, 2 अक्टू॰ तक
- तैतिल14:37 तक
- गर02:19, 2 अक्टू॰ तक
- वणिज13:54, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:14बिंब मध्य 06:17
- सूर्यास्त
- 18:07बिंब मध्य 18:03
- चंद्रोदय
- 21:14
- चंद्रास्त
- 10:57
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- वृषभ19:08, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:26
- प्रातः संध्या05:02 –06:14
- अभिजित मुहूर्त11:47 –12:34
- विजय मुहूर्त14:09 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:31
- सायाह्न संध्या18:07 –19:20
- निशीथ मुहूर्त23:47 –00:35, 2 अक्टू॰
- अमृत काल04:42 –06:20
- अमृत काल04:02 –05:38, 2 अक्टू॰
- राहु काल16:38 –18:07
- यमगंड12:11 –13:40
- गुलिक काल15:09 –16:38
- दुर्मुहूर्त16:32 –17:19
- वर्ज्य23:13 –00:49, 2 अक्टू॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:14 – 07:43
- चरसम07:43 – 09:12
- लाभलाभ09:12 – 10:41
- अमृतश्रेष्ठ10:41 – 12:11
- कालहानि12:11 – 13:40
- शुभशुभ13:40 – 15:09
- रोगअनिष्ट15:09 – 16:38
- उद्वेगअशुभ16:38 – 18:07
- शुभशुभ18:07 – 19:38
- अमृतश्रेष्ठ19:38 – 21:09
- चरसम21:09 – 22:40
- रोगअनिष्ट22:40 – 00:11
- कालहानि00:11 – 01:42
- लाभलाभ01:42 – 03:13
- उद्वेगअशुभ03:13 – 04:44
- शुभशुभ04:44 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:14–07:14 |
| शुक्र | 07:14–08:13 |
| बुध | 08:13–09:12 |
| चन्द्र | 09:12–10:12 |
| शनि | 10:12–11:11 |
| गुरु | 11:11–12:11 |
| मंगल | 12:11–13:10 |
| सूर्य | 13:10–14:09 |
| शुक्र | 14:09–15:09 |
| बुध | 15:09–16:08 |
| चन्द्र | 16:08–17:08 |
| शनि | 17:08–18:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:07–19:08 |
| मंगल | 19:08–20:08 |
| सूर्य | 20:08–21:09 |
| शुक्र | 21:09–22:10 |
| बुध | 22:10–23:10 |
| चन्द्र | 23:10–00:11 |
| शनि | 00:11–01:11 |
| गुरु | 01:11–02:12 |
| मंगल | 02:12–03:13 |
| सूर्य | 03:13–04:13 |
| शुक्र | 04:13–05:14 |
| बुध | 05:14–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 4 पद07:09 तक
- रोहिणी 1 पद13:13 तक
- रोहिणी 2 पद19:15 तक
- रोहिणी 3 पद01:16, 2 अक्टू॰ तक
- रोहिणी 4 पद07:15, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 14:37 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 14:37 तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:14 –07:09
- राज पंचक07:09 –07:31
- शुभ मुहूर्त07:31 –09:51
- चोर पंचक09:51 –12:09
- शुभ मुहूर्त12:09 –14:13
- रोग पंचक14:13 –14:37
- शुभ मुहूर्त14:37 –15:55
- मृत्यु पंचक15:55 –17:23
- अग्नि पंचक17:23 –18:48
- शुभ मुहूर्त18:48 –20:23
- मृत्यु पंचक20:23 –22:19
- अग्नि पंचक22:19 –00:34, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:34 –02:54, 2 अक्टू॰
- राज पंचक02:54 –05:11, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:11 –06:15, 2 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:15 –07:31
- तुला07:31 –09:51
- वृश्चिक09:51 –12:09
- धनु12:09 –14:13
- मकर14:13 –15:55
- कुम्भ15:55 –17:23
- मीन17:23 –18:48
- मेष18:48 –20:23
- वृषभ20:23 –22:19
- मिथुन22:19 –00:34, 2 अक्टू॰
- कर्क00:34 –02:54, 2 अक्टू॰
- सिंह02:54 –05:11, 2 अक्टू॰
- कन्या05:11 –07:28, 2 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2045
रविवार, 1 अक्टूबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 14:37 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र कृत्तिका 07:09 तक, फिर रोहिणी; योग सिद्धि 23:14 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 14:37 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:38–18:07, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 14:37 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:14, नई दिल्ली)।
1 अक्टूबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 07:09 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 2 अक्टूबर 19:08 तक।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:38–18:07, यमगण्ड 12:11–13:40, गुलिक काल 15:09–16:38।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 21:14 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अक्टूबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4962° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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