पंचांग · सोमवार, 4 सितंबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी02:59, 5 सित॰ तक
- कृष्ण नवमी01:24, 6 सित॰ तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र01:22, 5 सित॰ तक
- मृगशिरास्वामी मंगल00:33, 6 सित॰ तक
- हर्षण17:20 तक
- वज्र15:12, 5 सित॰ तक
- बालव15:33 तक
- कौलव02:59, 5 सित॰ तक
- तैतिल14:16, 5 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:04
- सूर्यास्त
- 18:39बिंब मध्य 18:35
- चंद्रोदय
- 23:18
- चंद्रास्त
- 13:04
- दिनमान
- 12h 38m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृषभ13:02, 5 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:15
- प्रातः संध्या04:53 –06:01
- अभिजित मुहूर्त11:55 –12:45
- विजय मुहूर्त14:26 –15:17
- गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:02
- सायाह्न संध्या18:39 –19:47
- निशीथ मुहूर्त23:57 –00:43, 5 सित॰
- अमृत काल22:11 –23:46
- राहु काल07:36 –09:10
- यमगंड10:45 –12:20
- गुलिक काल13:55 –15:29
- दुर्मुहूर्त12:45 –13:36
- दुर्मुहूर्त15:17 –16:07
- वर्ज्य17:26 –19:01
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:01 – 07:36
- कालहानि07:36 – 09:10
- शुभशुभ09:10 – 10:45
- रोगअनिष्ट10:45 – 12:20
- उद्वेगअशुभ12:20 – 13:55
- चरसम13:55 – 15:29
- लाभलाभ15:29 – 17:04
- अमृतश्रेष्ठ17:04 – 18:39
- चरसम18:39 – 20:04
- रोगअनिष्ट20:04 – 21:30
- कालहानि21:30 – 22:55
- लाभलाभ22:55 – 00:20
- उद्वेगअशुभ00:20 – 01:45
- शुभशुभ01:45 – 03:11
- अमृतश्रेष्ठ03:11 – 04:36
- चरसम04:36 – 06:01
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:01–07:04 |
| शनि | 07:04–08:07 |
| गुरु | 08:07–09:10 |
| मंगल | 09:10–10:14 |
| सूर्य | 10:14–11:17 |
| शुक्र | 11:17–12:20 |
| बुध | 12:20–13:23 |
| चन्द्र | 13:23–14:26 |
| शनि | 14:26–15:29 |
| गुरु | 15:29–16:33 |
| मंगल | 16:33–17:36 |
| सूर्य | 17:36–18:39 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:39–19:36 |
| बुध | 19:36–20:33 |
| चन्द्र | 20:33–21:30 |
| शनि | 21:30–22:26 |
| गुरु | 22:26–23:23 |
| मंगल | 23:23–00:20 |
| सूर्य | 00:20–01:17 |
| शुक्र | 01:17–02:14 |
| बुध | 02:14–03:11 |
| चन्द्र | 03:11–04:08 |
| शनि | 04:08–05:04 |
| गुरु | 05:04–06:01 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 1 पद07:34 तक
- रोहिणी 2 पद13:32 तक
- रोहिणी 3 पद19:28 तक
- रोहिणी 4 पद01:22, 5 सित॰ तक
- मृगशिरा 1 पद07:13, 5 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 38m
- रात्रिमान
- 11h 22m
- मध्याह्न
- 12:20
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 02:59, 5 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 02:59, 5 सित॰ तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –07:01
- रोग पंचक07:01 –09:18
- शुभ मुहूर्त09:18 –11:37
- मृत्यु पंचक11:37 –13:56
- अग्नि पंचक13:56 –15:59
- शुभ मुहूर्त15:59 –17:42
- राज पंचक17:42 –19:09
- शुभ मुहूर्त19:09 –22:09
- राज पंचक22:09 –00:05, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:05 –01:22, 5 सित॰
- चोर पंचक01:22 –02:20, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:20 –02:59, 5 सित॰
- रोग पंचक02:59 –04:40, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:40 –06:01, 5 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:44 –07:01
- कन्या07:01 –09:18
- तुला09:18 –11:37
- वृश्चिक11:37 –13:56
- धनु13:56 –15:59
- मकर15:59 –17:42
- कुम्भ17:42 –19:09
- मीन19:09 –20:34
- मेष20:34 –22:09
- वृषभ22:09 –00:05, 5 सित॰
- मिथुन00:05 –02:20, 5 सित॰
- कर्क02:20 –04:40, 5 सित॰
- सिंह04:40 –06:57, 5 सित॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 सितंबर 2045
सोमवार, 4 सितंबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 5 सितंबर 02:59 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र रोहिणी 5 सितंबर 01:22 तक, फिर मृगशिरा; योग हर्षण 17:20 तक, फिर वज्र; करण बालव 15:33 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 07:36–09:10, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:45। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 सितंबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 5 सितंबर 02:59 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:01, नई दिल्ली)।
4 सितंबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 5 सितंबर 01:22 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 5 सितंबर 13:02 तक।
नई दिल्ली में 4 सितंबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:36–09:10, यमगण्ड 10:45–12:20, गुलिक काल 13:55–15:29।
नई दिल्ली में 4 सितंबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 23:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 सितंबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:55–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 सितंबर 2045 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
कृष्ण जन्माष्टमी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4952° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP