पंचांग · शुक्रवार, 1 सितंबर 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी04:01, 2 सित॰ तक
- कृष्ण षष्ठी04:17, 3 सित॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु00:07, 2 सित॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र01:08, 3 सित॰ तक
- वृद्धि20:46 तक
- ध्रुव20:06, 2 सित॰ तक
- कौलव15:40 तक
- तैतिल04:01, 2 सित॰ तक
- गर16:14, 2 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:59बिंब मध्य 06:03
- सूर्यास्त
- 18:42बिंब मध्य 18:38
- चंद्रोदय
- 21:03
- चंद्रास्त
- 10:00
- दिनमान
- 12h 43m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मेष07:18, 3 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:14
- प्रातः संध्या04:52 –05:59
- अभिजित मुहूर्त11:55 –12:46
- विजय मुहूर्त14:28 –15:19
- गोधूलि मुहूर्त18:42 –19:05
- सायाह्न संध्या18:42 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 2 सित॰
- अमृत काल16:27 –18:09
- राहु काल10:46 –12:21
- यमगंड15:32 –17:07
- गुलिक काल07:35 –09:10
- दुर्मुहूर्त08:32 –09:23
- दुर्मुहूर्त12:46 –13:37
- वर्ज्य19:52 –21:34
- गंड मूल05:59 –00:07, 2 सित॰
चौघड़िया
- चरसम05:59 – 07:35
- लाभलाभ07:35 – 09:10
- अमृतश्रेष्ठ09:10 – 10:46
- कालहानि10:46 – 12:21
- शुभशुभ12:21 – 13:56
- रोगअनिष्ट13:56 – 15:32
- उद्वेगअशुभ15:32 – 17:07
- चरसम17:07 – 18:42
- रोगअनिष्ट18:42 – 20:07
- कालहानि20:07 – 21:32
- लाभलाभ21:32 – 22:56
- उद्वेगअशुभ22:56 – 00:21
- शुभशुभ00:21 – 01:46
- अमृतश्रेष्ठ01:46 – 03:10
- चरसम03:10 – 04:35
- रोगअनिष्ट04:35 – 06:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:59–07:03 |
| बुध | 07:03–08:07 |
| चन्द्र | 08:07–09:10 |
| शनि | 09:10–10:14 |
| गुरु | 10:14–11:17 |
| मंगल | 11:17–12:21 |
| सूर्य | 12:21–13:24 |
| शुक्र | 13:24–14:28 |
| बुध | 14:28–15:32 |
| चन्द्र | 15:32–16:35 |
| शनि | 16:35–17:39 |
| गुरु | 17:39–18:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:42–19:39 |
| सूर्य | 19:39–20:35 |
| शुक्र | 20:35–21:32 |
| बुध | 21:32–22:28 |
| चन्द्र | 22:28–23:25 |
| शनि | 23:25–00:21 |
| गुरु | 00:21–01:18 |
| मंगल | 01:18–02:14 |
| सूर्य | 02:14–03:10 |
| शुक्र | 03:10–04:07 |
| बुध | 04:07–05:03 |
| चन्द्र | 05:03–06:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्विनी 2 पद11:24 तक
- अश्विनी 3 पद17:47 तक
- अश्विनी 4 पद00:07, 2 सित॰ तक
- भरणी 1 पद06:25, 2 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 43m
- रात्रिमान
- 11h 18m
- मध्याह्न
- 12:21
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:01, 2 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 04:01, 2 सित॰ तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:59 –07:13
- चोर पंचक07:13 –09:29
- शुभ मुहूर्त09:29 –11:49
- रोग पंचक11:49 –14:07
- शुभ मुहूर्त14:07 –16:11
- मृत्यु पंचक16:11 –17:53
- अग्नि पंचक17:53 –19:21
- शुभ मुहूर्त19:21 –20:46
- मृत्यु पंचक20:46 –22:21
- अग्नि पंचक22:21 –00:07, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:07 –00:17, 2 सित॰
- राज पंचक00:17 –02:32, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:32 –04:01, 2 सित॰
- चोर पंचक04:01 –04:52, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:52 –06:00, 2 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:56 –07:13
- कन्या07:13 –09:29
- तुला09:29 –11:49
- वृश्चिक11:49 –14:07
- धनु14:07 –16:11
- मकर16:11 –17:53
- कुम्भ17:53 –19:21
- मीन19:21 –20:46
- मेष20:46 –22:21
- वृषभ22:21 –00:17, 2 सित॰
- मिथुन00:17 –02:32, 2 सित॰
- कर्क02:32 –04:52, 2 सित॰
- सिंह04:52 –07:09, 2 सित॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 सितंबर 2045
शुक्रवार, 1 सितंबर 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 18:42 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 2 सितंबर 04:01 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र अश्विनी 2 सितंबर 00:07 तक, फिर भरणी; योग वृद्धि 20:46 तक, फिर ध्रुव; करण कौलव 15:40 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 10:46–12:21, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:46। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 2 सितंबर 04:01 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:59, नई दिल्ली)।
1 सितंबर 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्विनी 2 सितंबर 00:07 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 3 सितंबर 07:18 तक।
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:46–12:21, यमगण्ड 15:32–17:07, गुलिक काल 07:35–09:10।
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:42, चंद्रोदय 21:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 सितंबर 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:55–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4951° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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