पंचांग · गुरुवार, 20 अप्रैल 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया09:33 तक
- शुक्ल चतुर्थी07:47, 21 अप्रैल तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य06:04 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र05:05, 21 अप्रैल तक
- मृगशिरास्वामी मंगल03:54, 22 अप्रैल तक
- सौभाग्य18:08 तक
- शोभन15:33, 21 अप्रैल तक
- गर09:33 तक
- वणिज20:41 तक
- विष्टि07:47, 21 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:50बिंब मध्य 05:54
- सूर्यास्त
- 18:50बिंब मध्य 18:46
- चंद्रोदय
- 07:34
- चंद्रास्त
- 22:16
- दिनमान
- 13h 0m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृषभ16:31, 21 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:22 –05:06
- प्रातः संध्या04:44 –05:50
- अभिजित मुहूर्त11:54 –12:46
- विजय मुहूर्त14:30 –15:22
- गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:12
- सायाह्न संध्या18:50 –19:56
- निशीथ मुहूर्त23:58 –00:42, 21 अप्रैल
- अमृत काल02:01 –03:33, 21 अप्रैल
- राहु काल13:58 –15:35
- यमगंड05:50 –07:28
- गुलिक काल09:05 –10:43
- दुर्मुहूर्त10:10 –11:02
- दुर्मुहूर्त15:22 –16:14
- वर्ज्य21:24 –22:56
- भद्रा20:41 –05:49, 21 अप्रैल
चौघड़िया
- शुभशुभ05:50 – 07:28
- रोगअनिष्ट07:28 – 09:05
- उद्वेगअशुभ09:05 – 10:43
- चरसम10:43 – 12:20
- लाभलाभ12:20 – 13:58
- अमृतश्रेष्ठ13:58 – 15:35
- कालहानि15:35 – 17:13
- शुभशुभ17:13 – 18:50
- अमृतश्रेष्ठ18:50 – 20:12
- चरसम20:12 – 21:35
- रोगअनिष्ट21:35 – 22:57
- कालहानि22:57 – 00:20
- लाभलाभ00:20 – 01:42
- उद्वेगअशुभ01:42 – 03:05
- शुभशुभ03:05 – 04:27
- अमृतश्रेष्ठ04:27 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:50–06:55 |
| मंगल | 06:55–08:00 |
| सूर्य | 08:00–09:05 |
| शुक्र | 09:05–10:10 |
| बुध | 10:10–11:15 |
| चन्द्र | 11:15–12:20 |
| शनि | 12:20–13:25 |
| गुरु | 13:25–14:30 |
| मंगल | 14:30–15:35 |
| सूर्य | 15:35–16:40 |
| शुक्र | 16:40–17:45 |
| बुध | 17:45–18:50 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:50–19:45 |
| शनि | 19:45–20:40 |
| गुरु | 20:40–21:35 |
| मंगल | 21:35–22:30 |
| सूर्य | 22:30–23:25 |
| शुक्र | 23:25–00:20 |
| बुध | 00:20–01:15 |
| चन्द्र | 01:15–02:10 |
| शनि | 02:10–03:05 |
| गुरु | 03:05–04:00 |
| मंगल | 04:00–04:55 |
| सूर्य | 04:55–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 4 पद06:04 तक
- रोहिणी 1 पद11:51 तक
- रोहिणी 2 पद17:36 तक
- रोहिणी 3 पद23:21 तक
- रोहिणी 4 पद05:05, 21 अप्रैल तक
- मृगशिरा 1 पद10:48, 21 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 0m
- रात्रिमान
- 10h 59m
- मध्याह्न
- 12:20
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 09:33 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 09:33 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:50 –06:04
- राज पंचक06:04 –07:12
- शुभ मुहूर्त07:12 –09:08
- चोर पंचक09:08 –09:33
- शुभ मुहूर्त09:33 –11:22
- रोग पंचक11:22 –13:43
- शुभ मुहूर्त13:43 –16:00
- मृत्यु पंचक16:00 –18:16
- अग्नि पंचक18:16 –20:36
- शुभ मुहूर्त20:36 –22:54
- राज पंचक22:54 –00:58, 21 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:58 –02:40, 21 अप्रैल
- चोर पंचक02:40 –04:08, 21 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:08 –05:05, 21 अप्रैल
- रोग पंचक05:05 –05:33, 21 अप्रैल
- चोर पंचक05:33 –05:49, 21 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:36 –07:12
- वृषभ07:12 –09:08
- मिथुन09:08 –11:22
- कर्क11:22 –13:43
- सिंह13:43 –16:00
- कन्या16:00 –18:16
- तुला18:16 –20:36
- वृश्चिक20:36 –22:54
- धनु22:54 –00:58, 21 अप्रैल
- मकर00:58 –02:40, 21 अप्रैल
- कुम्भ02:40 –04:08, 21 अप्रैल
- मीन04:08 –05:33, 21 अप्रैल
- मेष05:33 –07:08, 21 अप्रैल
पंचांग · नई दिल्ली, 20 अप्रैल 2045
गुरुवार, 20 अप्रैल 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 09:33 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 06:04 तक, फिर रोहिणी; योग सौभाग्य 18:08 तक, फिर शोभन; करण गर 09:33 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 13:58–15:35, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2045 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 09:33 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:50, नई दिल्ली)।
20 अप्रैल 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 06:04 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 21 अप्रैल 16:31 तक।
नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:58–15:35, यमगण्ड 05:50–07:28, गुलिक काल 09:05–10:43।
नई दिल्ली में 20 अप्रैल 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 07:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 अप्रैल 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:22–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
20 अप्रैल 2045 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अक्षय तृतीया।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4899° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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