पंचांग · शनिवार, 5 नवंबर 2044नई दिल्ली

कार्तिक · पूर्णिमा · विक्रम संवत 2101कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)पूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:36सूर्योदय17:33सूर्यास्त
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल · 17:56 तक
नक्षत्र
अश्विनी
07:58 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3617:33
शनिवार · शनि
राहु काल
09:20 –10:43
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:36दिन17:33
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:33रात06:37
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. पूर्णिमा
    17:56 तक
  2. कृष्ण प्रतिपदा
    15:24, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    07:58 तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    06:19, 6 नव॰ तक
  3. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    04:20, 7 नव॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    09:48 तक
  2. व्यतीपात
    06:40, 6 नव॰ तक
करण
  1. विष्टि
    07:03 तक
  2. बव
    17:56 तक
  3. बालव
    04:43, 6 नव॰ तक
  4. कौलव
    15:24, 6 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:36
बिंब मध्य 06:40
सूर्यास्त
17:33
बिंब मध्य 17:28
चंद्रोदय
17:11
चंद्रास्त
06:13
दिनमान
10h 57m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मेष
11:51, 6 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:52 –05:44
  • प्रातः संध्या05:18 –06:36
  • अभिजित मुहूर्त11:43 –12:26
  • विजय मुहूर्त13:54 –14:38
  • गोधूलि मुहूर्त17:33 –17:59
  • सायाह्न संध्या17:33 –18:51
  • निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 6 नव॰
  • अमृत काल01:51 –03:20, 6 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:20 –10:43
  • यमगंड13:27 –14:49
  • गुलिक काल06:36 –07:58
  • दुर्मुहूर्त06:36 –07:20
  • दुर्मुहूर्त07:20 –08:04
  • वर्ज्य16:54 –18:24
  • गंड मूल06:36 –07:58
  • भद्रा06:36 –07:03

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि06:36 – 07:58
  • शुभशुभ07:58 – 09:20
  • रोगअनिष्ट09:20 – 10:43
  • उद्वेगअशुभ10:43 – 12:05
  • चरसम12:05 – 13:27
  • लाभलाभ13:27 – 14:49
  • अमृतश्रेष्ठ14:49 – 16:11
  • कालहानि16:11 – 17:33
रात
  • लाभलाभ17:33 – 19:11
  • उद्वेगअशुभ19:11 – 20:49
  • शुभशुभ20:49 – 22:27
  • अमृतश्रेष्ठ22:27 – 00:05
  • चरसम00:05 – 01:43
  • रोगअनिष्ट01:43 – 03:21
  • कालहानि03:21 – 04:59
  • लाभलाभ04:59 – 06:37

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि06:36–07:31
गुरु07:31–08:26
मंगल08:26–09:20
सूर्य09:20–10:15
शुक्र10:15–11:10
बुध11:10–12:05
चन्द्र12:05–12:59
शनि12:59–13:54
गुरु13:54–14:49
मंगल14:49–15:43
सूर्य15:43–16:38
शुक्र16:38–17:33
रात
ग्रहसमय
बुध17:33–18:38
चन्द्र18:38–19:44
शनि19:44–20:49
गुरु20:49–21:54
मंगल21:54–23:00
सूर्य23:00–00:05
शुक्र00:05–01:10
बुध01:10–02:16
चन्द्र02:16–03:21
शनि03:21–04:26
गुरु04:26–05:32
मंगल05:32–06:37

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 4 पद07:58 तक
  • भरणी 1 पद13:35 तक
  • भरणी 2 पद19:11 तक
  • भरणी 3 पद00:46, 6 नव॰ तक
  • भरणी 4 पद06:19, 6 नव॰ तक
  • कृत्तिका 1 पद11:51, 6 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 57m
रात्रिमान
13h 4m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 07:58 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · 06:19, 6 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:56 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 17:56 तकगौरी के साथ
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:36 –07:32
  • राज पंचक07:32 –07:58
  • शुभ मुहूर्त07:58 –09:51
  • चोर पंचक09:51 –11:55
  • शुभ मुहूर्त11:55 –13:37
  • रोग पंचक13:37 –15:04
  • शुभ मुहूर्त15:04 –17:56
  • रोग पंचक17:56 –18:05
  • शुभ मुहूर्त18:05 –20:00
  • मृत्यु पंचक20:00 –22:15
  • अग्नि पंचक22:15 –00:35, 6 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:35 –02:53, 6 नव॰
  • राज पंचक02:53 –05:09, 6 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:09 –06:19, 6 नव॰
  • चोर पंचक06:19 –06:37, 6 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:13 –07:32
  • वृश्चिक07:32 –09:51
  • धनु09:51 –11:55
  • मकर11:55 –13:37
  • कुम्भ13:37 –15:04
  • मीन15:04 –16:29
  • मेष16:29 –18:05
  • वृषभ18:05 –20:00
  • मिथुन20:00 –22:15
  • कर्क22:15 –00:35, 6 नव॰
  • सिंह00:35 –02:53, 6 नव॰
  • कन्या02:53 –05:09, 6 नव॰
  • तुला05:09 –07:28, 6 नव॰

पंचांग · नई दिल्ली, 5 नवंबर 2044

शनिवार, 5 नवंबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:36 और सूर्यास्त 17:33 पर है। तिथि पूर्णिमा 17:56 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र अश्विनी 07:58 तक, फिर भरणी; योग सिद्धि 09:48 तक, फिर व्यतीपात; करण विष्टि 07:03 तक, फिर बव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 09:20–10:43, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 5 नवंबर 2044 को कौन सी तिथि है?

पूर्णिमा 17:56 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:36, नई दिल्ली)।

5 नवंबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 07:58 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 6 नवंबर 11:51 तक।

नई दिल्ली में 5 नवंबर 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:20–10:43, यमगण्ड 13:27–14:49, गुलिक काल 06:36–07:58।

नई दिल्ली में 5 नवंबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:33, चंद्रोदय 17:11 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 नवंबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 04:52–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

5 नवंबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली), पूर्णिमा।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4836° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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