पंचांग · शुक्रवार, 4 नवंबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्दशी20:03 तक
- पूर्णिमा17:56, 5 नव॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध09:07 तक
- अश्विनीस्वामी केतु07:58, 5 नव॰ तक
- वज्र12:32 तक
- सिद्धि09:48, 5 नव॰ तक
- गर08:54 तक
- वणिज20:03 तक
- विष्टि07:03, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:36बिंब मध्य 06:39
- सूर्यास्त
- 17:34बिंब मध्य 17:29
- चंद्रोदय
- 16:32
- चंद्रास्त
- 05:08
- दिनमान
- 10h 58m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मीन09:07 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:51 –05:43
- प्रातः संध्या05:17 –06:36
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:26
- विजय मुहूर्त13:54 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:34 –18:00
- सायाह्न संध्या17:34 –18:52
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 5 नव॰
- अमृत काल06:46 –08:20
- अमृत काल01:07 –02:38, 5 नव॰
- राहु काल10:42 –12:05
- यमगंड14:49 –16:11
- गुलिक काल07:58 –09:20
- दुर्मुहूर्त08:47 –09:31
- दुर्मुहूर्त12:26 –13:10
- वर्ज्य04:09 –05:41, 5 नव॰
- गंड मूल06:36 –09:07
- गंड मूल09:07 –06:36, 5 नव॰
- भद्रा20:03 –06:36, 5 नव॰
चौघड़िया
- चरसम06:36 – 07:58
- लाभलाभ07:58 – 09:20
- अमृतश्रेष्ठ09:20 – 10:42
- कालहानि10:42 – 12:05
- शुभशुभ12:05 – 13:27
- रोगअनिष्ट13:27 – 14:49
- उद्वेगअशुभ14:49 – 16:11
- चरसम16:11 – 17:34
- रोगअनिष्ट17:34 – 19:11
- कालहानि19:11 – 20:49
- लाभलाभ20:49 – 22:27
- उद्वेगअशुभ22:27 – 00:05
- शुभशुभ00:05 – 01:43
- अमृतश्रेष्ठ01:43 – 03:21
- चरसम03:21 – 04:58
- रोगअनिष्ट04:58 – 06:36
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:36–07:30 |
| बुध | 07:30–08:25 |
| चन्द्र | 08:25–09:20 |
| शनि | 09:20–10:15 |
| गुरु | 10:15–11:10 |
| मंगल | 11:10–12:05 |
| सूर्य | 12:05–12:59 |
| शुक्र | 12:59–13:54 |
| बुध | 13:54–14:49 |
| चन्द्र | 14:49–15:44 |
| शनि | 15:44–16:39 |
| गुरु | 16:39–17:34 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:34–18:39 |
| सूर्य | 18:39–19:44 |
| शुक्र | 19:44–20:49 |
| बुध | 20:49–21:54 |
| चन्द्र | 21:54–23:00 |
| शनि | 23:00–00:05 |
| गुरु | 00:05–01:10 |
| मंगल | 01:10–02:15 |
| सूर्य | 02:15–03:21 |
| शुक्र | 03:21–04:26 |
| बुध | 04:26–05:31 |
| चन्द्र | 05:31–06:36 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 4 पद09:07 तक
- अश्विनी 1 पद14:53 तक
- अश्विनी 2 पद20:37 तक
- अश्विनी 3 पद02:18, 5 नव॰ तक
- अश्विनी 4 पद07:58, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 58m
- रात्रिमान
- 13h 2m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर · 09:07 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 20:03 तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 20:03 तकश्मशान में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:36 –07:36
- मृत्यु पंचक07:36 –09:07
- अग्नि पंचक09:07 –09:55
- शुभ मुहूर्त09:55 –11:59
- राज पंचक11:59 –13:41
- शुभ मुहूर्त13:41 –15:08
- चोर पंचक15:08 –16:33
- राज पंचक16:33 –18:09
- शुभ मुहूर्त18:09 –20:03
- चोर पंचक20:03 –20:04
- शुभ मुहूर्त20:04 –22:19
- रोग पंचक22:19 –00:39, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:39 –02:57, 5 नव॰
- मृत्यु पंचक02:57 –05:13, 5 नव॰
- अग्नि पंचक05:13 –06:36, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:17 –07:36
- वृश्चिक07:36 –09:55
- धनु09:55 –11:59
- मकर11:59 –13:41
- कुम्भ13:41 –15:08
- मीन15:08 –16:33
- मेष16:33 –18:09
- वृषभ18:09 –20:04
- मिथुन20:04 –22:19
- कर्क22:19 –00:39, 5 नव॰
- सिंह00:39 –02:57, 5 नव॰
- कन्या02:57 –05:13, 5 नव॰
- तुला05:13 –07:32, 5 नव॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 नवंबर 2044
शुक्रवार, 4 नवंबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:36 और सूर्यास्त 17:34 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 20:03 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र रेवती 09:07 तक, फिर अश्विनी; योग वज्र 12:32 तक, फिर सिद्धि; करण गर 08:54 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:42–12:05, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्दशी 20:03 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 06:36, नई दिल्ली)।
4 नवंबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 09:07 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 09:07 तक।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:42–12:05, यमगण्ड 14:49–16:11, गुलिक काल 07:58–09:20।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:34, चंद्रोदय 16:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 04:51–05:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4835° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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