पंचांग · मंगलवार, 1 नवंबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी22:28 तक
- शुक्ल द्वादशी22:25, 2 नव॰ तक
- शतभिषास्वामी राहु08:26 तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु09:25, 2 नव॰ तक
- ध्रुव17:28 तक
- व्याघात16:26, 2 नव॰ तक
- वणिज10:11 तक
- विष्टि22:28 तक
- बव10:32, 2 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:33बिंब मध्य 06:37
- सूर्यास्त
- 17:36बिंब मध्य 17:31
- चंद्रोदय
- 14:59
- चंद्रास्त
- 02:12
- दिनमान
- 11h 3m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कुम्भ03:15, 2 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:50 –05:42
- प्रातः संध्या05:16 –06:33
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
- विजय मुहूर्त13:55 –14:39
- गोधूलि मुहूर्त17:36 –18:02
- सायाह्न संध्या17:36 –18:54
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 2 नव॰
- अमृत काल01:05 –02:45, 2 नव॰
- राहु काल14:50 –16:13
- यमगंड09:19 –10:42
- गुलिक काल12:05 –13:27
- दुर्मुहूर्त08:46 –09:30
- दुर्मुहूर्त22:47 –23:39
- वर्ज्य15:06 –16:46
- भद्रा10:11 –22:28
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:33 – 07:56
- उद्वेगअशुभ07:56 – 09:19
- चरसम09:19 – 10:42
- लाभलाभ10:42 – 12:05
- अमृतश्रेष्ठ12:05 – 13:27
- कालहानि13:27 – 14:50
- शुभशुभ14:50 – 16:13
- रोगअनिष्ट16:13 – 17:36
- कालहानि17:36 – 19:13
- लाभलाभ19:13 – 20:50
- उद्वेगअशुभ20:50 – 22:28
- शुभशुभ22:28 – 00:05
- अमृतश्रेष्ठ00:05 – 01:42
- चरसम01:42 – 03:19
- रोगअनिष्ट03:19 – 04:57
- कालहानि04:57 – 06:34
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:33–07:29 |
| सूर्य | 07:29–08:24 |
| शुक्र | 08:24–09:19 |
| बुध | 09:19–10:14 |
| चन्द्र | 10:14–11:09 |
| शनि | 11:09–12:05 |
| गुरु | 12:05–13:00 |
| मंगल | 13:00–13:55 |
| सूर्य | 13:55–14:50 |
| शुक्र | 14:50–15:45 |
| बुध | 15:45–16:41 |
| चन्द्र | 16:41–17:36 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 17:36–18:41 |
| गुरु | 18:41–19:45 |
| मंगल | 19:45–20:50 |
| सूर्य | 20:50–21:55 |
| शुक्र | 21:55–23:00 |
| बुध | 23:00–00:05 |
| चन्द्र | 00:05–01:10 |
| शनि | 01:10–02:15 |
| गुरु | 02:15–03:19 |
| मंगल | 03:19–04:24 |
| सूर्य | 04:24–05:29 |
| शुक्र | 05:29–06:34 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- शतभिषा 4 पद08:26 तक
- पूर्वभाद्रपद 1 पद14:45 तक
- पूर्वभाद्रपद 2 पद21:01 तक
- पूर्वभाद्रपद 3 पद03:15, 2 नव॰ तक
- पूर्वभाद्रपद 4 पद09:25, 2 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 3m
- रात्रिमान
- 12h 58m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 03:15, 2 नव॰ तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 22:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 22:28 तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:33 –07:48
- मृत्यु पंचक07:48 –08:26
- अग्नि पंचक08:26 –10:07
- शुभ मुहूर्त10:07 –12:10
- राज पंचक12:10 –13:52
- शुभ मुहूर्त13:52 –15:20
- चोर पंचक15:20 –16:45
- राज पंचक16:45 –18:20
- शुभ मुहूर्त18:20 –20:16
- चोर पंचक20:16 –22:28
- शुभ मुहूर्त22:28 –22:31
- रोग पंचक22:31 –00:51, 2 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:51 –03:08, 2 नव॰
- मृत्यु पंचक03:08 –05:25, 2 नव॰
- अग्नि पंचक05:25 –06:34, 2 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:29 –07:48
- वृश्चिक07:48 –10:07
- धनु10:07 –12:10
- मकर12:10 –13:52
- कुम्भ13:52 –15:20
- मीन15:20 –16:45
- मेष16:45 –18:20
- वृषभ18:20 –20:16
- मिथुन20:16 –22:31
- कर्क22:31 –00:51, 2 नव॰
- सिंह00:51 –03:08, 2 नव॰
- कन्या03:08 –05:25, 2 नव॰
- तुला05:25 –07:44, 2 नव॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 नवंबर 2044
मंगलवार, 1 नवंबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:33 और सूर्यास्त 17:36 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 22:28 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र शतभिषा 08:26 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग ध्रुव 17:28 तक, फिर व्याघात; करण वणिज 10:11 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:50–16:13, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 नवंबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 22:28 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:33, नई दिल्ली)।
1 नवंबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
शतभिषा 08:26 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 2 नवंबर 03:15 तक।
नई दिल्ली में 1 नवंबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:50–16:13, यमगण्ड 09:19–10:42, गुलिक काल 12:05–13:27।
नई दिल्ली में 1 नवंबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:36, चंद्रोदय 14:59 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 नवंबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:50–05:42। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 नवंबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4834° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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