पंचांग · सोमवार, 31 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी21:43 तक
- शुक्ल एकादशी22:28, 1 नव॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल06:41 तक
- शतभिषास्वामी राहु08:26, 1 नव॰ तक
- वृद्धि17:53 तक
- ध्रुव17:28, 1 नव॰ तक
- तैतिल09:03 तक
- गर21:43 तक
- वणिज10:11, 1 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:33बिंब मध्य 06:36
- सूर्यास्त
- 17:37बिंब मध्य 17:32
- चंद्रोदय
- 14:30
- चंद्रास्त
- 01:16
- दिनमान
- 11h 4m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कुम्भ03:15, 2 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:41
- प्रातः संध्या05:15 –06:33
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
- विजय मुहूर्त13:55 –14:39
- गोधूलि मुहूर्त17:37 –18:02
- सायाह्न संध्या17:37 –18:54
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 1 नव॰
- अमृत काल00:42 –02:25, 1 नव॰
- राहु काल07:56 –09:19
- यमगंड10:42 –12:05
- गुलिक काल13:28 –14:51
- दुर्मुहूर्त12:27 –13:11
- दुर्मुहूर्त14:39 –15:24
- वर्ज्य14:25 –16:08
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:33 – 07:56
- कालहानि07:56 – 09:19
- शुभशुभ09:19 – 10:42
- रोगअनिष्ट10:42 – 12:05
- उद्वेगअशुभ12:05 – 13:28
- चरसम13:28 – 14:51
- लाभलाभ14:51 – 16:14
- अमृतश्रेष्ठ16:14 – 17:37
- चरसम17:37 – 19:14
- रोगअनिष्ट19:14 – 20:51
- कालहानि20:51 – 22:28
- लाभलाभ22:28 – 00:05
- उद्वेगअशुभ00:05 – 01:42
- शुभशुभ01:42 – 03:19
- अमृतश्रेष्ठ03:19 – 04:56
- चरसम04:56 – 06:33
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:33–07:28 |
| शनि | 07:28–08:23 |
| गुरु | 08:23–09:19 |
| मंगल | 09:19–10:14 |
| सूर्य | 10:14–11:09 |
| शुक्र | 11:09–12:05 |
| बुध | 12:05–13:00 |
| चन्द्र | 13:00–13:55 |
| शनि | 13:55–14:51 |
| गुरु | 14:51–15:46 |
| मंगल | 15:46–16:41 |
| सूर्य | 16:41–17:37 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:37–18:41 |
| बुध | 18:41–19:46 |
| चन्द्र | 19:46–20:51 |
| शनि | 20:51–21:55 |
| गुरु | 21:55–23:00 |
| मंगल | 23:00–00:05 |
| सूर्य | 00:05–01:10 |
| शुक्र | 01:10–02:14 |
| बुध | 02:14–03:19 |
| चन्द्र | 03:19–04:24 |
| शनि | 04:24–05:29 |
| गुरु | 05:29–06:33 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 4 पद06:41 तक
- शतभिषा 1 पद13:11 तक
- शतभिषा 2 पद19:39 तक
- शतभिषा 3 पद02:04, 1 नव॰ तक
- शतभिषा 4 पद08:26, 1 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 4m
- रात्रिमान
- 12h 56m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 21:43 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 21:43 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:33 –06:41
- शुभ मुहूर्त06:41 –07:52
- रोग पंचक07:52 –10:11
- शुभ मुहूर्त10:11 –12:14
- मृत्यु पंचक12:14 –13:56
- अग्नि पंचक13:56 –15:24
- शुभ मुहूर्त15:24 –16:49
- मृत्यु पंचक16:49 –18:24
- अग्नि पंचक18:24 –20:20
- शुभ मुहूर्त20:20 –21:43
- राज पंचक21:43 –22:35
- शुभ मुहूर्त22:35 –00:55, 1 नव॰
- चोर पंचक00:55 –03:12, 1 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:12 –05:29, 1 नव॰
- रोग पंचक05:29 –06:33, 1 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:33 –07:52
- वृश्चिक07:52 –10:11
- धनु10:11 –12:14
- मकर12:14 –13:56
- कुम्भ13:56 –15:24
- मीन15:24 –16:49
- मेष16:49 –18:24
- वृषभ18:24 –20:20
- मिथुन20:20 –22:35
- कर्क22:35 –00:55, 1 नव॰
- सिंह00:55 –03:12, 1 नव॰
- कन्या03:12 –05:29, 1 नव॰
- तुला05:29 –07:48, 1 नव॰
पंचांग · नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2044
सोमवार, 31 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:33 और सूर्यास्त 17:37 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 21:43 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र धनिष्ठा 06:41 तक, फिर शतभिषा; योग वृद्धि 17:53 तक, फिर ध्रुव; करण तैतिल 09:03 तक, फिर गर। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:56–09:19, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 21:43 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:33, नई दिल्ली)।
31 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 06:41 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा कुम्भ राशि में 2 नवंबर 03:15 तक।
नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:56–09:19, यमगण्ड 10:42–12:05, गुलिक काल 13:28–14:51।
नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:37, चंद्रोदय 14:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:41। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4834° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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