पंचांग · शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी14:19 तक
- कृष्ण नवमी12:20, 15 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु14:35 तक
- पुष्यस्वामी शनि13:20, 15 अक्टू॰ तक
- शिव08:29 तक
- सिद्ध05:41, 15 अक्टू॰ तक
- साध्य03:01, 16 अक्टू॰ तक
- कौलव14:19 तक
- तैतिल01:18, 15 अक्टू॰ तक
- गर12:20, 15 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:22बिंब मध्य 06:25
- सूर्यास्त
- 17:52बिंब मध्य 17:48
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 13:43
- दिनमान
- 11h 30m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मिथुन08:56 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:42 –05:32
- प्रातः संध्या05:07 –06:22
- अभिजित मुहूर्त11:44 –12:30
- विजय मुहूर्त14:02 –14:48
- गोधूलि मुहूर्त17:52 –18:17
- सायाह्न संध्या17:52 –19:07
- निशीथ मुहूर्त23:42 –00:32, 15 अक्टू॰
- अमृत काल12:20 –13:50
- राहु काल10:41 –12:07
- यमगंड15:00 –16:26
- गुलिक काल07:48 –09:14
- दुर्मुहूर्त08:40 –09:26
- दुर्मुहूर्त12:30 –13:16
- वर्ज्य22:10 –23:41
चौघड़िया
- चरसम06:22 – 07:48
- लाभलाभ07:48 – 09:14
- अमृतश्रेष्ठ09:14 – 10:41
- कालहानि10:41 – 12:07
- शुभशुभ12:07 – 13:33
- रोगअनिष्ट13:33 – 15:00
- उद्वेगअशुभ15:00 – 16:26
- चरसम16:26 – 17:52
- रोगअनिष्ट17:52 – 19:26
- कालहानि19:26 – 21:00
- लाभलाभ21:00 – 22:33
- उद्वेगअशुभ22:33 – 00:07
- शुभशुभ00:07 – 01:41
- अमृतश्रेष्ठ01:41 – 03:15
- चरसम03:15 – 04:48
- रोगअनिष्ट04:48 – 06:22
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:22–07:19 |
| बुध | 07:19–08:17 |
| चन्द्र | 08:17–09:14 |
| शनि | 09:14–10:12 |
| गुरु | 10:12–11:09 |
| मंगल | 11:09–12:07 |
| सूर्य | 12:07–13:04 |
| शुक्र | 13:04–14:02 |
| बुध | 14:02–15:00 |
| चन्द्र | 15:00–15:57 |
| शनि | 15:57–16:55 |
| गुरु | 16:55–17:52 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:52–18:55 |
| सूर्य | 18:55–19:57 |
| शुक्र | 19:57–21:00 |
| बुध | 21:00–22:02 |
| चन्द्र | 22:02–23:05 |
| शनि | 23:05–00:07 |
| गुरु | 00:07–01:10 |
| मंगल | 01:10–02:12 |
| सूर्य | 02:12–03:15 |
| शुक्र | 03:15–04:17 |
| बुध | 04:17–05:20 |
| चन्द्र | 05:20–06:22 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 3 पद08:56 तक
- पुनर्वसु 4 पद14:35 तक
- पुष्य 1 पद20:16 तक
- पुष्य 2 पद01:56, 15 अक्टू॰ तक
- पुष्य 3 पद07:38, 15 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 30m
- रात्रिमान
- 12h 30m
- मध्याह्न
- 12:07
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 08:56 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 14:19 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 14:19 तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:22 –06:39
- शुभ मुहूर्त06:39 –08:59
- रोग पंचक08:59 –11:17
- शुभ मुहूर्त11:17 –13:21
- मृत्यु पंचक13:21 –14:19
- अग्नि पंचक14:19 –14:35
- शुभ मुहूर्त14:35 –15:03
- राज पंचक15:03 –16:31
- शुभ मुहूर्त16:31 –19:31
- राज पंचक19:31 –21:27
- शुभ मुहूर्त21:27 –23:42
- चोर पंचक23:42 –02:02, 15 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:02 –04:19, 15 अक्टू॰
- रोग पंचक04:19 –06:22, 15 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:23 –06:39
- तुला06:39 –08:59
- वृश्चिक08:59 –11:17
- धनु11:17 –13:21
- मकर13:21 –15:03
- कुम्भ15:03 –16:31
- मीन16:31 –17:56
- मेष17:56 –19:31
- वृषभ19:31 –21:27
- मिथुन21:27 –23:42
- कर्क23:42 –02:02, 15 अक्टू॰
- सिंह02:02 –04:19, 15 अक्टू॰
- कन्या04:19 –06:35, 15 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2044
शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:22 और सूर्यास्त 17:52 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 14:19 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 14:35 तक, फिर पुष्य; योग शिव 08:29 तक, फिर सिद्ध; करण कौलव 14:19 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:41–12:07, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:30। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 14 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 14:19 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:22, नई दिल्ली)।
14 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 14:35 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 08:56 तक।
नई दिल्ली में 14 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:41–12:07, यमगण्ड 15:00–16:26, गुलिक काल 07:48–09:14।
नई दिल्ली में 14 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 17:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:44–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:42–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4827° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP