पंचांग · गुरुवार, 18 अगस्त 2044नई दिल्ली

श्रावण · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2101

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:52सूर्योदय18:57सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 21:48 तक
नक्षत्र
रोहिणी
07:36 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5218:57
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:03 –15:41
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:52दिन18:57
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:57रात05:53
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

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सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    21:48 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    18:53, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    07:36 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:40, 19 अग॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:28, 20 अग॰ तक
योग
  1. हर्षण
    02:17, 19 अग॰ तक
  2. वज्र
    22:46, 19 अग॰ तक
करण
  1. वणिज
    11:09 तक
  2. विष्टि
    21:48 तक
  3. बव
    08:22, 19 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:52
बिंब मध्य 05:56
सूर्यास्त
18:57
बिंब मध्य 18:53
चंद्रोदय
00:13
चंद्रास्त
15:04
दिनमान
13h 5m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
18:41 तक
सूर्य राशि
सिंह

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
भाद्रपद
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:09
  • प्रातः संध्या04:47 –05:52
  • अभिजित मुहूर्त11:59 –12:51
  • विजय मुहूर्त14:36 –15:28
  • गोधूलि मुहूर्त18:57 –19:19
  • सायाह्न संध्या18:57 –20:03
  • निशीथ मुहूर्त00:03 –00:47, 19 अग॰
  • अमृत काल04:37 –06:07
  • अमृत काल21:35 –23:03
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:03 –15:41
  • यमगंड05:52 –07:30
  • गुलिक काल09:08 –10:47
  • दुर्मुहूर्त10:14 –11:06
  • दुर्मुहूर्त15:28 –16:20
  • वर्ज्य12:45 –14:14
  • भद्रा11:09 –21:48

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:52 – 07:30
  • रोगअनिष्ट07:30 – 09:08
  • उद्वेगअशुभ09:08 – 10:47
  • चरसम10:47 – 12:25
  • लाभलाभ12:25 – 14:03
  • अमृतश्रेष्ठ14:03 – 15:41
  • कालहानि15:41 – 17:19
  • शुभशुभ17:19 – 18:57
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:57 – 20:19
  • चरसम20:19 – 21:41
  • रोगअनिष्ट21:41 – 23:03
  • कालहानि23:03 – 00:25
  • लाभलाभ00:25 – 01:47
  • उद्वेगअशुभ01:47 – 03:09
  • शुभशुभ03:09 – 04:31
  • अमृतश्रेष्ठ04:31 – 05:53

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:52–06:58
मंगल06:58–08:03
सूर्य08:03–09:08
शुक्र09:08–10:14
बुध10:14–11:19
चन्द्र11:19–12:25
शनि12:25–13:30
गुरु13:30–14:36
मंगल14:36–15:41
सूर्य15:41–16:46
शुक्र16:46–17:52
बुध17:52–18:57
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:57–19:52
शनि19:52–20:46
गुरु20:46–21:41
मंगल21:41–22:36
सूर्य22:36–23:30
शुक्र23:30–00:25
बुध00:25–01:20
चन्द्र01:20–02:14
शनि02:14–03:09
गुरु03:09–04:04
मंगल04:04–04:58
सूर्य04:58–05:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद07:36 तक
  • मृगशिरा 1 पद13:09 तक
  • मृगशिरा 2 पद18:41 तक
  • मृगशिरा 3 पद00:11, 19 अग॰ तक
  • मृगशिरा 4 पद05:40, 19 अग॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद11:09, 19 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
मघा 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 5m
रात्रिमान
10h 56m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 18:41 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 07:36 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:40, 19 अग॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 18:41 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:48 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 21:48 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:52 –07:36
  • राज पंचक07:36 –08:07
  • शुभ मुहूर्त08:07 –10:23
  • चोर पंचक10:23 –12:43
  • शुभ मुहूर्त12:43 –15:01
  • रोग पंचक15:01 –17:05
  • शुभ मुहूर्त17:05 –18:47
  • मृत्यु पंचक18:47 –20:15
  • अग्नि पंचक20:15 –21:40
  • शुभ मुहूर्त21:40 –21:48
  • मृत्यु पंचक21:48 –23:15
  • अग्नि पंचक23:15 –01:11, 19 अग॰
  • शुभ मुहूर्त01:11 –03:26, 19 अग॰
  • राज पंचक03:26 –05:40, 19 अग॰
  • शुभ मुहूर्त05:40 –05:46, 19 अग॰
  • चोर पंचक05:46 –05:53, 19 अग॰

उदय लग्न

  • सिंह05:50 –08:07
  • कन्या08:07 –10:23
  • तुला10:23 –12:43
  • वृश्चिक12:43 –15:01
  • धनु15:01 –17:05
  • मकर17:05 –18:47
  • कुम्भ18:47 –20:15
  • मीन20:15 –21:40
  • मेष21:40 –23:15
  • वृषभ23:15 –01:11, 19 अग॰
  • मिथुन01:11 –03:26, 19 अग॰
  • कर्क03:26 –05:46, 19 अग॰
  • सिंह05:46 –08:03, 19 अग॰

पंचांग · नई दिल्ली, 18 अगस्त 2044

गुरुवार, 18 अगस्त 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:57 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 21:48 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र रोहिणी 07:36 तक, फिर मृगशिरा; योग हर्षण 19 अगस्त 02:17 तक, फिर वज्र; करण वणिज 11:09 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 14:03–15:41, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:51। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 18 अगस्त 2044 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 21:48 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 05:52, नई दिल्ली)।

18 अगस्त 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 07:36 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:41 तक।

नई दिल्ली में 18 अगस्त 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:03–15:41, यमगण्ड 05:52–07:30, गुलिक काल 09:08–10:47।

नई दिल्ली में 18 अगस्त 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:57, चंद्रोदय 00:13 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अगस्त 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:59–12:51, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4806° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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