पंचांग · बुधवार, 17 अगस्त 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी00:24, 18 अग॰ तक
- कृष्ण दशमी21:48, 18 अग॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य09:10 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र07:36, 18 अग॰ तक
- ध्रुव08:30 तक
- व्याघात05:33, 18 अग॰ तक
- हर्षण02:17, 19 अग॰ तक
- तैतिल13:34 तक
- गर00:24, 18 अग॰ तक
- वणिज11:09, 18 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:52बिंब मध्य 05:55
- सूर्यास्त
- 18:58बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 13:56
- दिनमान
- 13h 6m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृषभ18:41, 18 अग॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:08
- प्रातः संध्या04:46 –05:52
- अभिजित मुहूर्त11:59 –12:51
- विजय मुहूर्त14:36 –15:28
- गोधूलि मुहूर्त18:58 –19:20
- सायाह्न संध्या18:58 –20:04
- निशीथ मुहूर्त00:03 –00:47, 18 अग॰
- अमृत काल06:53 –08:24
- अमृत काल04:37 –06:07, 18 अग॰
- राहु काल12:25 –14:03
- यमगंड07:30 –09:08
- गुलिक काल10:47 –12:25
- दुर्मुहूर्त11:59 –12:51
- वर्ज्य00:08 –01:37, 18 अग॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:52 – 07:30
- अमृतश्रेष्ठ07:30 – 09:08
- कालहानि09:08 – 10:47
- शुभशुभ10:47 – 12:25
- रोगअनिष्ट12:25 – 14:03
- उद्वेगअशुभ14:03 – 15:42
- चरसम15:42 – 17:20
- लाभलाभ17:20 – 18:58
- उद्वेगअशुभ18:58 – 20:20
- शुभशुभ20:20 – 21:42
- अमृतश्रेष्ठ21:42 – 23:03
- चरसम23:03 – 00:25
- रोगअनिष्ट00:25 – 01:47
- कालहानि01:47 – 03:09
- लाभलाभ03:09 – 04:30
- उद्वेगअशुभ04:30 – 05:52
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:52–06:57 |
| चन्द्र | 06:57–08:03 |
| शनि | 08:03–09:08 |
| गुरु | 09:08–10:14 |
| मंगल | 10:14–11:19 |
| सूर्य | 11:19–12:25 |
| शुक्र | 12:25–13:31 |
| बुध | 13:31–14:36 |
| चन्द्र | 14:36–15:42 |
| शनि | 15:42–16:47 |
| गुरु | 16:47–17:53 |
| मंगल | 17:53–18:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:58–19:53 |
| शुक्र | 19:53–20:47 |
| बुध | 20:47–21:42 |
| चन्द्र | 21:42–22:36 |
| शनि | 22:36–23:31 |
| गुरु | 23:31–00:25 |
| मंगल | 00:25–01:20 |
| सूर्य | 01:20–02:14 |
| शुक्र | 02:14–03:09 |
| बुध | 03:09–04:03 |
| चन्द्र | 04:03–04:58 |
| शनि | 04:58–05:52 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 4 पद09:10 तक
- रोहिणी 1 पद14:49 तक
- रोहिणी 2 पद20:26 तक
- रोहिणी 3 पद02:02, 18 अग॰ तक
- रोहिणी 4 पद07:36, 18 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- मघा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 6m
- रात्रिमान
- 10h 54m
- मध्याह्न
- 12:25
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 00:24, 18 अग॰ तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 00:24, 18 अग॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:52 –05:54
- शुभ मुहूर्त05:54 –08:11
- मृत्यु पंचक08:11 –09:10
- अग्नि पंचक09:10 –10:27
- शुभ मुहूर्त10:27 –12:47
- राज पंचक12:47 –15:05
- शुभ मुहूर्त15:05 –17:09
- चोर पंचक17:09 –18:51
- शुभ मुहूर्त18:51 –20:19
- रोग पंचक20:19 –21:44
- चोर पंचक21:44 –23:19
- शुभ मुहूर्त23:19 –00:24, 18 अग॰
- रोग पंचक00:24 –01:15, 18 अग॰
- शुभ मुहूर्त01:15 –03:30, 18 अग॰
- मृत्यु पंचक03:30 –05:50, 18 अग॰
- अग्नि पंचक05:50 –05:52, 18 अग॰
उदय लग्न
- कर्क03:34 –05:54
- सिंह05:54 –08:11
- कन्या08:11 –10:27
- तुला10:27 –12:47
- वृश्चिक12:47 –15:05
- धनु15:05 –17:09
- मकर17:09 –18:51
- कुम्भ18:51 –20:19
- मीन20:19 –21:44
- मेष21:44 –23:19
- वृषभ23:19 –01:15, 18 अग॰
- मिथुन01:15 –03:30, 18 अग॰
- कर्क03:30 –05:50, 18 अग॰
- सिंह05:50 –08:07, 18 अग॰
पंचांग · नई दिल्ली, 17 अगस्त 2044
बुधवार, 17 अगस्त 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:58 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 18 अगस्त 00:24 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र कृत्तिका 09:10 तक, फिर रोहिणी; योग ध्रुव 08:30 तक, फिर व्याघात; करण तैतिल 13:34 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 12:25–14:03, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:51। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 17 अगस्त 2044 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 18 अगस्त 00:24 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 05:52, नई दिल्ली)।
17 अगस्त 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 09:10 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 18 अगस्त 18:41 तक।
नई दिल्ली में 17 अगस्त 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:25–14:03, यमगण्ड 07:30–09:08, गुलिक काल 10:47–12:25।
नई दिल्ली में 17 अगस्त 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 अगस्त 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:59–12:51, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:08। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4805° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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