पंचांग · बुधवार, 4 मई 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी03:15, 5 मई तक
- शुक्ल नवमी02:14, 6 मई तक
- पुष्यस्वामी शनि09:57 तक
- अश्लेषास्वामी बुध09:16, 5 मई तक
- गण्ड20:57 तक
- वृद्धि18:56, 5 मई तक
- विष्टि15:58 तक
- बव03:15, 5 मई तक
- बालव14:41, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 18:59बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- 11:46
- चंद्रास्त
- 00:59
- दिनमान
- 13h 21m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कर्क09:16, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:12 –04:55
- प्रातः संध्या04:34 –05:38
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:45
- विजय मुहूर्त14:32 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:59 –19:20
- सायाह्न संध्या18:59 –20:02
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:39, 5 मई
- राहु काल12:18 –13:58
- यमगंड07:18 –08:58
- गुलिक काल10:38 –12:18
- दुर्मुहूर्त11:51 –12:45
- वर्ज्य22:23 –23:56
- गंड मूल09:57 –05:37, 5 मई
- भद्रा05:38 –15:58
चौघड़िया
- लाभलाभ05:38 – 07:18
- अमृतश्रेष्ठ07:18 – 08:58
- कालहानि08:58 – 10:38
- शुभशुभ10:38 – 12:18
- रोगअनिष्ट12:18 – 13:58
- उद्वेगअशुभ13:58 – 15:38
- चरसम15:38 – 17:18
- लाभलाभ17:18 – 18:59
- उद्वेगअशुभ18:59 – 20:18
- शुभशुभ20:18 – 21:38
- अमृतश्रेष्ठ21:38 – 22:58
- चरसम22:58 – 00:18
- रोगअनिष्ट00:18 – 01:38
- कालहानि01:38 – 02:57
- लाभलाभ02:57 – 04:17
- उद्वेगअशुभ04:17 – 05:37
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:38–06:44 |
| चन्द्र | 06:44–07:51 |
| शनि | 07:51–08:58 |
| गुरु | 08:58–10:05 |
| मंगल | 10:05–11:11 |
| सूर्य | 11:11–12:18 |
| शुक्र | 12:18–13:25 |
| बुध | 13:25–14:32 |
| चन्द्र | 14:32–15:38 |
| शनि | 15:38–16:45 |
| गुरु | 16:45–17:52 |
| मंगल | 17:52–18:59 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:59–19:52 |
| शुक्र | 19:52–20:45 |
| बुध | 20:45–21:38 |
| चन्द्र | 21:38–22:31 |
| शनि | 22:31–23:25 |
| गुरु | 23:25–00:18 |
| मंगल | 00:18–01:11 |
| सूर्य | 01:11–02:04 |
| शुक्र | 02:04–02:57 |
| बुध | 02:57–03:51 |
| चन्द्र | 03:51–04:44 |
| शनि | 04:44–05:37 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 4 पद09:57 तक
- अश्लेषा 1 पद15:44 तक
- अश्लेषा 2 पद21:32 तक
- अश्लेषा 3 पद03:23, 5 मई तक
- अश्लेषा 4 पद09:16, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 21m
- रात्रिमान
- 10h 38m
- मध्याह्न
- 12:18
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 03:15, 5 मई तकपाताल
- शिववास
- श्मशान में · 03:15, 5 मई तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:38 –06:16
- राज पंचक06:16 –08:12
- शुभ मुहूर्त08:12 –09:57
- चोर पंचक09:57 –10:26
- शुभ मुहूर्त10:26 –12:47
- रोग पंचक12:47 –15:04
- शुभ मुहूर्त15:04 –17:20
- मृत्यु पंचक17:20 –19:40
- अग्नि पंचक19:40 –21:58
- शुभ मुहूर्त21:58 –00:02, 5 मई
- राज पंचक00:02 –01:44, 5 मई
- शुभ मुहूर्त01:44 –03:12, 5 मई
- चोर पंचक03:12 –03:15, 5 मई
- शुभ मुहूर्त03:15 –05:37, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:40 –06:16
- वृषभ06:16 –08:12
- मिथुन08:12 –10:26
- कर्क10:26 –12:47
- सिंह12:47 –15:04
- कन्या15:04 –17:20
- तुला17:20 –19:40
- वृश्चिक19:40 –21:58
- धनु21:58 –00:02, 5 मई
- मकर00:02 –01:44, 5 मई
- कुम्भ01:44 –03:12, 5 मई
- मीन03:12 –04:37, 5 मई
- मेष04:37 –06:12, 5 मई
पंचांग · नई दिल्ली, 4 मई 2044
बुधवार, 4 मई 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 18:59 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 5 मई 03:15 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुष्य 09:57 तक, फिर अश्लेषा; योग गण्ड 20:57 तक, फिर वृद्धि; करण विष्टि 15:58 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:18–13:58, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:45। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 मई 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 5 मई 03:15 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 05:38, नई दिल्ली)।
4 मई 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 09:57 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 5 मई 09:16 तक।
नई दिल्ली में 4 मई 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:18–13:58, यमगण्ड 07:18–08:58, गुलिक काल 10:38–12:18।
नई दिल्ली में 4 मई 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:59, चंद्रोदय 11:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:12–04:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मई 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4765° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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