पंचांग · मंगलवार, 3 मई 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी06:52 तक
- शुक्ल सप्तमी04:48, 4 मई तक
- शुक्ल अष्टमी03:15, 5 मई तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु11:09 तक
- पुष्यस्वामी शनि09:57, 4 मई तक
- शूल23:24 तक
- गण्ड20:57, 4 मई तक
- तैतिल06:52 तक
- गर17:47 तक
- वणिज04:48, 4 मई तक
- विष्टि15:58, 4 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:39बिंब मध्य 05:42
- सूर्यास्त
- 18:58बिंब मध्य 18:53
- चंद्रोदय
- 10:38
- चंद्रास्त
- 00:12
- दिनमान
- 13h 19m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कर्क09:16, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:13 –04:56
- प्रातः संध्या04:34 –05:39
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:45
- विजय मुहूर्त14:31 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:58 –19:19
- सायाह्न संध्या18:58 –20:02
- निशीथ मुहूर्त23:57 –00:39, 4 मई
- अमृत काल08:55 –10:24
- अमृत काल03:52 –05:23, 4 मई
- राहु काल15:38 –17:18
- यमगंड08:58 –10:38
- गुलिक काल12:18 –13:58
- दुर्मुहूर्त08:18 –09:12
- दुर्मुहूर्त23:14 –23:57
- वर्ज्य18:45 –20:16
- भद्रा04:48 –05:38, 4 मई
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:39 – 07:18
- उद्वेगअशुभ07:18 – 08:58
- चरसम08:58 – 10:38
- लाभलाभ10:38 – 12:18
- अमृतश्रेष्ठ12:18 – 13:58
- कालहानि13:58 – 15:38
- शुभशुभ15:38 – 17:18
- रोगअनिष्ट17:18 – 18:58
- कालहानि18:58 – 20:18
- लाभलाभ20:18 – 21:38
- उद्वेगअशुभ21:38 – 22:58
- शुभशुभ22:58 – 00:18
- अमृतश्रेष्ठ00:18 – 01:38
- चरसम01:38 – 02:58
- रोगअनिष्ट02:58 – 04:18
- कालहानि04:18 – 05:38
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:39–06:45 |
| सूर्य | 06:45–07:52 |
| शुक्र | 07:52–08:58 |
| बुध | 08:58–10:05 |
| चन्द्र | 10:05–11:12 |
| शनि | 11:12–12:18 |
| गुरु | 12:18–13:25 |
| मंगल | 13:25–14:31 |
| सूर्य | 14:31–15:38 |
| शुक्र | 15:38–16:45 |
| बुध | 16:45–17:51 |
| चन्द्र | 17:51–18:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:58–19:51 |
| गुरु | 19:51–20:45 |
| मंगल | 20:45–21:38 |
| सूर्य | 21:38–22:31 |
| शुक्र | 22:31–23:25 |
| बुध | 23:25–00:18 |
| चन्द्र | 00:18–01:11 |
| शनि | 01:11–02:04 |
| गुरु | 02:04–02:58 |
| मंगल | 02:58–03:51 |
| सूर्य | 03:51–04:44 |
| शुक्र | 04:44–05:38 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 4 पद11:09 तक
- पुष्य 1 पद16:48 तक
- पुष्य 2 पद22:29 तक
- पुष्य 3 पद04:12, 4 मई तक
- पुष्य 4 पद09:57, 4 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 19m
- रात्रिमान
- 10h 40m
- मध्याह्न
- 12:18
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 06:52 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:48, 4 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 06:52 तकभोजन में · 04:48, 4 मई तकश्मशान में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:39 –06:20
- शुभ मुहूर्त06:20 –06:52
- मृत्यु पंचक06:52 –08:16
- अग्नि पंचक08:16 –10:30
- शुभ मुहूर्त10:30 –11:09
- राज पंचक11:09 –12:51
- शुभ मुहूर्त12:51 –15:08
- चोर पंचक15:08 –17:24
- शुभ मुहूर्त17:24 –19:44
- रोग पंचक19:44 –22:02
- शुभ मुहूर्त22:02 –00:06, 4 मई
- मृत्यु पंचक00:06 –01:48, 4 मई
- अग्नि पंचक01:48 –03:15, 4 मई
- शुभ मुहूर्त03:15 –04:40, 4 मई
- मृत्यु पंचक04:40 –04:48, 4 मई
- अग्नि पंचक04:48 –05:38, 4 मई
उदय लग्न
- मेष04:44 –06:20
- वृषभ06:20 –08:16
- मिथुन08:16 –10:30
- कर्क10:30 –12:51
- सिंह12:51 –15:08
- कन्या15:08 –17:24
- तुला17:24 –19:44
- वृश्चिक19:44 –22:02
- धनु22:02 –00:06, 4 मई
- मकर00:06 –01:48, 4 मई
- कुम्भ01:48 –03:15, 4 मई
- मीन03:15 –04:40, 4 मई
- मेष04:40 –06:16, 4 मई
पंचांग · नई दिल्ली, 3 मई 2044
मंगलवार, 3 मई 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:39 और सूर्यास्त 18:58 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 06:52 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र पुनर्वसु 11:09 तक, फिर पुष्य; योग शूल 23:24 तक, फिर गण्ड; करण तैतिल 06:52 तक, फिर गर। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:38–17:18, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:45। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 3 मई 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 06:52 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:39, नई दिल्ली)।
3 मई 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 11:09 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा कर्क राशि में 5 मई 09:16 तक।
नई दिल्ली में 3 मई 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:38–17:18, यमगण्ड 08:58–10:38, गुलिक काल 12:18–13:58।
नई दिल्ली में 3 मई 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:58, चंद्रोदय 10:38 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 मई 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–04:56। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मई 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4765° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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