पंचांग · बुधवार, 4 नवंबर 2043नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया08:48, 5 नव॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि17:42 तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध20:42, 5 नव॰ तक
- शोभन22:23 तक
- अतिगण्ड23:17, 5 नव॰ तक
- तैतिल19:31 तक
- गर08:48, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:35बिंब मध्य 06:38
- सूर्यास्त
- 17:34बिंब मध्य 17:30
- चंद्रोदय
- 08:46
- चंद्रास्त
- 18:59
- दिनमान
- 10h 59m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक20:42, 5 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2100
- शक संवत
- 1965
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:51 –05:43
- प्रातः संध्या05:17 –06:35
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:26
- विजय मुहूर्त13:54 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:34 –18:00
- सायाह्न संध्या17:34 –18:52
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 5 नव॰
- अमृत काल06:00 –07:48
- राहु काल12:05 –13:27
- यमगंड07:57 –09:20
- गुलिक काल10:42 –12:05
- दुर्मुहूर्त11:43 –12:26
- वर्ज्य00:00 –01:48, 5 नव॰
- गंड मूल17:42 –06:36, 5 नव॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:35 – 07:57
- अमृतश्रेष्ठ07:57 – 09:20
- कालहानि09:20 – 10:42
- शुभशुभ10:42 – 12:05
- रोगअनिष्ट12:05 – 13:27
- उद्वेगअशुभ13:27 – 14:49
- चरसम14:49 – 16:12
- लाभलाभ16:12 – 17:34
- उद्वेगअशुभ17:34 – 19:12
- शुभशुभ19:12 – 20:49
- अमृतश्रेष्ठ20:49 – 22:27
- चरसम22:27 – 00:05
- रोगअनिष्ट00:05 – 01:43
- कालहानि01:43 – 03:20
- लाभलाभ03:20 – 04:58
- उद्वेगअशुभ04:58 – 06:36
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:35–07:30 |
| चन्द्र | 07:30–08:25 |
| शनि | 08:25–09:20 |
| गुरु | 09:20–10:15 |
| मंगल | 10:15–11:10 |
| सूर्य | 11:10–12:05 |
| शुक्र | 12:05–12:59 |
| बुध | 12:59–13:54 |
| चन्द्र | 13:54–14:49 |
| शनि | 14:49–15:44 |
| गुरु | 15:44–16:39 |
| मंगल | 16:39–17:34 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:34–18:39 |
| शुक्र | 18:39–19:44 |
| बुध | 19:44–20:49 |
| चन्द्र | 20:49–21:55 |
| शनि | 21:55–23:00 |
| गुरु | 23:00–00:05 |
| मंगल | 00:05–01:10 |
| सूर्य | 01:10–02:15 |
| शुक्र | 02:15–03:20 |
| बुध | 03:20–04:25 |
| चन्द्र | 04:25–05:31 |
| शनि | 05:31–06:36 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 3 पद10:57 तक
- अनुराधा 4 पद17:42 तक
- ज्येष्ठा 1 पद00:27, 5 नव॰ तक
- ज्येष्ठा 2 पद07:12, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 59m
- रात्रिमान
- 13h 2m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:35 –07:39
- शुभ मुहूर्त07:39 –09:58
- चोर पंचक09:58 –12:01
- शुभ मुहूर्त12:01 –13:44
- रोग पंचक13:44 –15:11
- शुभ मुहूर्त15:11 –17:42
- रोग पंचक17:42 –18:11
- शुभ मुहूर्त18:11 –20:07
- मृत्यु पंचक20:07 –22:22
- अग्नि पंचक22:22 –00:42, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:42 –02:59, 5 नव॰
- राज पंचक02:59 –05:16, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त05:16 –06:36, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:20 –07:39
- वृश्चिक07:39 –09:58
- धनु09:58 –12:01
- मकर12:01 –13:44
- कुम्भ13:44 –15:11
- मीन15:11 –16:36
- मेष16:36 –18:11
- वृषभ18:11 –20:07
- मिथुन20:07 –22:22
- कर्क22:22 –00:42, 5 नव॰
- सिंह00:42 –02:59, 5 नव॰
- कन्या02:59 –05:16, 5 नव॰
- तुला05:16 –07:35, 5 नव॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 नवंबर 2043
बुधवार, 4 नवंबर 2043 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:35 और सूर्यास्त 17:34 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 5 नवंबर 08:48 तक; नक्षत्र अनुराधा 17:42 तक, फिर ज्येष्ठा; योग शोभन 22:23 तक, फिर अतिगण्ड; करण तैतिल 19:31 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:05–13:27, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2100, शक संवत 1965।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2043 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 5 नवंबर 08:48 तक (सूर्योदय 06:35, नई दिल्ली)।
4 नवंबर 2043 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 17:42 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 5 नवंबर 20:42 तक।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2043 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:05–13:27, यमगण्ड 07:57–09:20, गुलिक काल 10:42–12:05।
नई दिल्ली में 4 नवंबर 2043 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:34, चंद्रोदय 08:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2043 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 04:51–05:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2043आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2043मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4695° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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