पंचांग · बुधवार, 21 अक्टूबर 2043नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया07:14 तक
- कृष्ण चतुर्थी03:59, 22 अक्टू॰ तक
- कृष्ण पंचमी01:04, 23 अक्टू॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य08:42 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र06:15, 22 अक्टू॰ तक
- मृगशिरास्वामी मंगल04:08, 23 अक्टू॰ तक
- व्यतीपात14:01 तक
- वरीयान्10:15, 22 अक्टू॰ तक
- विष्टि07:14 तक
- बव17:34 तक
- बालव03:59, 22 अक्टू॰ तक
- कौलव14:29, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:25बिंब मध्य 06:29
- सूर्यास्त
- 17:46बिंब मध्य 17:41
- चंद्रोदय
- 19:53
- चंद्रास्त
- 09:32
- दिनमान
- 11h 21m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृषभ17:08, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2100
- शक संवत
- 1965
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:35
- प्रातः संध्या05:10 –06:25
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:28
- विजय मुहूर्त13:59 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त17:46 –18:11
- सायाह्न संध्या17:46 –19:02
- निशीथ मुहूर्त23:41 –00:31, 22 अक्टू॰
- अमृत काल06:34 –07:59
- अमृत काल03:22 –04:48, 22 अक्टू॰
- राहु काल12:06 –13:31
- यमगंड07:50 –09:15
- गुलिक काल10:41 –12:06
- दुर्मुहूर्त11:43 –12:28
- वर्ज्य23:04 –00:30, 22 अक्टू॰
- भद्रा06:25 –07:14
चौघड़िया
- लाभलाभ06:25 – 07:50
- अमृतश्रेष्ठ07:50 – 09:15
- कालहानि09:15 – 10:41
- शुभशुभ10:41 – 12:06
- रोगअनिष्ट12:06 – 13:31
- उद्वेगअशुभ13:31 – 14:56
- चरसम14:56 – 16:21
- लाभलाभ16:21 – 17:46
- उद्वेगअशुभ17:46 – 19:21
- शुभशुभ19:21 – 20:56
- अमृतश्रेष्ठ20:56 – 22:31
- चरसम22:31 – 00:06
- रोगअनिष्ट00:06 – 01:41
- कालहानि01:41 – 03:16
- लाभलाभ03:16 – 04:51
- उद्वेगअशुभ04:51 – 06:26
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:25–07:22 |
| चन्द्र | 07:22–08:19 |
| शनि | 08:19–09:15 |
| गुरु | 09:15–10:12 |
| मंगल | 10:12–11:09 |
| सूर्य | 11:09–12:06 |
| शुक्र | 12:06–13:02 |
| बुध | 13:02–13:59 |
| चन्द्र | 13:59–14:56 |
| शनि | 14:56–15:52 |
| गुरु | 15:52–16:49 |
| मंगल | 16:49–17:46 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:46–18:49 |
| शुक्र | 18:49–19:53 |
| बुध | 19:53–20:56 |
| चन्द्र | 20:56–21:59 |
| शनि | 21:59–23:03 |
| गुरु | 23:03–00:06 |
| मंगल | 00:06–01:09 |
| सूर्य | 01:09–02:13 |
| शुक्र | 02:13–03:16 |
| बुध | 03:16–04:19 |
| चन्द्र | 04:19–05:23 |
| शनि | 05:23–06:26 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 4 पद08:42 तक
- रोहिणी 1 पद14:04 तक
- रोहिणी 2 पद19:26 तक
- रोहिणी 3 पद00:50, 22 अक्टू॰ तक
- रोहिणी 4 पद06:15, 22 अक्टू॰ तक
- मृगशिरा 1 पद11:41, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 21m
- रात्रिमान
- 12h 40m
- मध्याह्न
- 12:06
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:14 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:59, 22 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में · 07:14 तककैलाश पर · 03:59, 22 अक्टू॰ तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:25 –07:14
- चोर पंचक07:14 –08:34
- शुभ मुहूर्त08:34 –08:42
- रोग पंचक08:42 –10:53
- शुभ मुहूर्त10:53 –12:57
- मृत्यु पंचक12:57 –14:39
- अग्नि पंचक14:39 –16:06
- शुभ मुहूर्त16:06 –17:31
- मृत्यु पंचक17:31 –19:06
- अग्नि पंचक19:06 –21:02
- शुभ मुहूर्त21:02 –23:17
- राज पंचक23:17 –01:37, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:37 –03:55, 22 अक्टू॰
- चोर पंचक03:55 –03:59, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:59 –06:11, 22 अक्टू॰
- रोग पंचक06:11 –06:15, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त06:15 –06:26, 22 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला06:15 –08:34
- वृश्चिक08:34 –10:53
- धनु10:53 –12:57
- मकर12:57 –14:39
- कुम्भ14:39 –16:06
- मीन16:06 –17:31
- मेष17:31 –19:06
- वृषभ19:06 –21:02
- मिथुन21:02 –23:17
- कर्क23:17 –01:37, 22 अक्टू॰
- सिंह01:37 –03:55, 22 अक्टू॰
- कन्या03:55 –06:11, 22 अक्टू॰
- तुला06:11 –08:30, 22 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2043
बुधवार, 21 अक्टूबर 2043 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:25 और सूर्यास्त 17:46 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 07:14 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 08:42 तक, फिर रोहिणी; योग व्यतीपात 14:01 तक, फिर वरीयान्; करण विष्टि 07:14 तक, फिर बव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:06–13:31, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2100, शक संवत 1965।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2043 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 07:14 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:25, नई दिल्ली)।
21 अक्टूबर 2043 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 08:42 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 22 अक्टूबर 17:08 तक।
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2043 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:06–13:31, यमगण्ड 07:50–09:15, गुलिक काल 10:41–12:06।
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2043 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:46, चंद्रोदय 19:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अक्टूबर 2043 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:35। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 अक्टूबर 2043 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2043आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2043मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4690° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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