पंचांग · रविवार, 31 मार्च 2041नई दिल्ली

फाल्गुन · कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2097

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:12सूर्योदय18:39सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण · 10:00 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
08:16 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1218:39
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:05 –18:39
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:12दिन18:39
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:39रात06:11
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्दशी
    10:00 तक
  2. अमावस्या
    06:59, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    08:16 तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    06:00, 1 अप्रैल तक
  3. रेवतीस्वामी बुध
    04:06, 2 अप्रैल तक
योग
  1. शुक्ल
    08:47 तक
  2. ब्रह्मा
    05:09, 1 अप्रैल तक
  3. इन्द्र
    01:48, 2 अप्रैल तक
करण
  1. शकुनि
    10:00 तक
  2. चतुष्पाद
    20:27 तक
  3. नाग
    06:59, 1 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:12
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
18:39
बिंब मध्य 18:34
चंद्रोदय
05:50
चंद्रास्त
17:59
दिनमान
12h 27m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मीन
04:06, 2 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2097
शक संवत
1962

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:26
  • प्रातः संध्या05:03 –06:12
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:02
  • सायाह्न संध्या18:39 –19:48
  • निशीथ मुहूर्त00:02 –00:48, 1 अप्रैल
  • अमृत काल01:40 –03:06, 1 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:05 –18:39
  • यमगंड12:25 –13:59
  • गुलिक काल15:32 –17:05
  • दुर्मुहूर्त16:59 –17:49
  • वर्ज्य16:58 –18:25
  • गंड मूल06:00 –06:11, 1 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:12 – 07:46
  • चरसम07:46 – 09:19
  • लाभलाभ09:19 – 10:52
  • अमृतश्रेष्ठ10:52 – 12:25
  • कालहानि12:25 – 13:59
  • शुभशुभ13:59 – 15:32
  • रोगअनिष्ट15:32 – 17:05
  • उद्वेगअशुभ17:05 – 18:39
रात
  • शुभशुभ18:39 – 20:05
  • अमृतश्रेष्ठ20:05 – 21:32
  • चरसम21:32 – 22:58
  • रोगअनिष्ट22:58 – 00:25
  • कालहानि00:25 – 01:51
  • लाभलाभ01:51 – 03:18
  • उद्वेगअशुभ03:18 – 04:45
  • शुभशुभ04:45 – 06:11

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:12–07:14
शुक्र07:14–08:17
बुध08:17–09:19
चन्द्र09:19–10:21
शनि10:21–11:23
गुरु11:23–12:25
मंगल12:25–13:28
सूर्य13:28–14:30
शुक्र14:30–15:32
बुध15:32–16:34
चन्द्र16:34–17:36
शनि17:36–18:39
रात
ग्रहसमय
गुरु18:39–19:36
मंगल19:36–20:34
सूर्य20:34–21:32
शुक्र21:32–22:29
बुध22:29–23:27
चन्द्र23:27–00:25
शनि00:25–01:23
गुरु01:23–02:20
मंगल02:20–03:18
सूर्य03:18–04:16
शुक्र04:16–05:13
बुध05:13–06:11

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद08:16 तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद13:41 तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद19:06 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद00:33, 1 अप्रैल तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद06:00, 1 अप्रैल तक
  • रेवती 1 पद11:29, 1 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 27m
रात्रिमान
11h 32m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 08:16 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · 06:00, 1 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:00 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 10:00 तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:12 –06:55
  • अग्नि पंचक06:55 –08:16
  • शुभ मुहूर्त08:16 –08:30
  • राज पंचक08:30 –10:00
  • शुभ मुहूर्त10:00 –10:26
  • चोर पंचक10:26 –12:41
  • शुभ मुहूर्त12:41 –15:01
  • रोग पंचक15:01 –17:18
  • शुभ मुहूर्त17:18 –19:35
  • मृत्यु पंचक19:35 –21:54
  • अग्नि पंचक21:54 –00:13, 1 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:13 –02:17, 1 अप्रैल
  • राज पंचक02:17 –03:59, 1 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:59 –05:26, 1 अप्रैल
  • चोर पंचक05:26 –06:00, 1 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त06:00 –06:11, 1 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:30 –06:55
  • मेष06:55 –08:30
  • वृषभ08:30 –10:26
  • मिथुन10:26 –12:41
  • कर्क12:41 –15:01
  • सिंह15:01 –17:18
  • कन्या17:18 –19:35
  • तुला19:35 –21:54
  • वृश्चिक21:54 –00:13, 1 अप्रैल
  • धनु00:13 –02:17, 1 अप्रैल
  • मकर02:17 –03:59, 1 अप्रैल
  • कुम्भ03:59 –05:26, 1 अप्रैल
  • मीन05:26 –06:51, 1 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 31 मार्च 2041

रविवार, 31 मार्च 2041 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:12 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 10:00 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 08:16 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग शुक्ल 08:47 तक, फिर ब्रह्मा; करण शकुनि 10:00 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 17:05–18:39, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2097, शक संवत 1962।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 31 मार्च 2041 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्दशी 10:00 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 06:12, नई दिल्ली)।

31 मार्च 2041 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 08:16 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा मीन राशि में 2 अप्रैल 04:06 तक।

नई दिल्ली में 31 मार्च 2041 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:05–18:39, यमगण्ड 12:25–13:59, गुलिक काल 15:32–17:05।

नई दिल्ली में 31 मार्च 2041 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 05:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 मार्च 2041 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मार्च 2041आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2041मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4333° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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