पंचांग · बुधवार, 1 सितंबर 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया03:27, 2 सित॰ तक
- कृष्ण चतुर्थी03:24, 3 सित॰ तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि18:04 तक
- रेवतीस्वामी बुध18:24, 2 सित॰ तक
- शूल14:29 तक
- गण्ड13:02, 2 सित॰ तक
- वणिज15:46 तक
- विष्टि03:27, 2 सित॰ तक
- बव15:20, 2 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:59बिंब मध्य 06:03
- सूर्यास्त
- 18:43बिंब मध्य 18:38
- चंद्रोदय
- 20:17
- चंद्रास्त
- 07:59
- दिनमान
- 12h 44m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मीन18:24, 2 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:14
- प्रातः संध्या04:52 –05:59
- अभिजित मुहूर्त11:55 –12:46
- विजय मुहूर्त14:28 –15:19
- गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:05
- सायाह्न संध्या18:43 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 2 सित॰
- अमृत काल13:20 –14:55
- राहु काल12:21 –13:56
- यमगंड07:35 –09:10
- गुलिक काल10:45 –12:21
- दुर्मुहूर्त11:55 –12:46
- गंड मूल18:04 –06:00, 2 सित॰
- भद्रा15:46 –03:27, 2 सित॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:59 – 07:35
- अमृतश्रेष्ठ07:35 – 09:10
- कालहानि09:10 – 10:45
- शुभशुभ10:45 – 12:21
- रोगअनिष्ट12:21 – 13:56
- उद्वेगअशुभ13:56 – 15:32
- चरसम15:32 – 17:07
- लाभलाभ17:07 – 18:43
- उद्वेगअशुभ18:43 – 20:07
- शुभशुभ20:07 – 21:32
- अमृतश्रेष्ठ21:32 – 22:56
- चरसम22:56 – 00:21
- रोगअनिष्ट00:21 – 01:46
- कालहानि01:46 – 03:10
- लाभलाभ03:10 – 04:35
- उद्वेगअशुभ04:35 – 06:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:59–07:03 |
| चन्द्र | 07:03–08:06 |
| शनि | 08:06–09:10 |
| गुरु | 09:10–10:14 |
| मंगल | 10:14–11:17 |
| सूर्य | 11:17–12:21 |
| शुक्र | 12:21–13:24 |
| बुध | 13:24–14:28 |
| चन्द्र | 14:28–15:32 |
| शनि | 15:32–16:35 |
| गुरु | 16:35–17:39 |
| मंगल | 17:39–18:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:43–19:39 |
| शुक्र | 19:39–20:35 |
| बुध | 20:35–21:32 |
| चन्द्र | 21:32–22:28 |
| शनि | 22:28–23:25 |
| गुरु | 23:25–00:21 |
| मंगल | 00:21–01:18 |
| सूर्य | 01:18–02:14 |
| शुक्र | 02:14–03:10 |
| बुध | 03:10–04:07 |
| चन्द्र | 04:07–05:03 |
| शनि | 05:03–06:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तरभाद्रपद 2 पद06:10 तक
- उत्तरभाद्रपद 3 पद12:06 तक
- उत्तरभाद्रपद 4 पद18:04 तक
- रेवती 1 पद00:05, 2 सित॰ तक
- रेवती 2 पद06:08, 2 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 44m
- रात्रिमान
- 11h 17m
- मध्याह्न
- 12:21
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:27, 2 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 03:27, 2 सित॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:59 –07:11
- शुभ मुहूर्त07:11 –09:27
- मृत्यु पंचक09:27 –11:47
- अग्नि पंचक11:47 –14:05
- शुभ मुहूर्त14:05 –16:09
- राज पंचक16:09 –17:52
- शुभ मुहूर्त17:52 –18:04
- चोर पंचक18:04 –19:19
- शुभ मुहूर्त19:19 –22:19
- चोर पंचक22:19 –00:15, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:15 –02:29, 2 सित॰
- रोग पंचक02:29 –03:27, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त03:27 –04:50, 2 सित॰
- मृत्यु पंचक04:50 –06:00, 2 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:54 –07:11
- कन्या07:11 –09:27
- तुला09:27 –11:47
- वृश्चिक11:47 –14:05
- धनु14:05 –16:09
- मकर16:09 –17:52
- कुम्भ17:52 –19:19
- मीन19:19 –20:44
- मेष20:44 –22:19
- वृषभ22:19 –00:15, 2 सित॰
- मिथुन00:15 –02:29, 2 सित॰
- कर्क02:29 –04:50, 2 सित॰
- सिंह04:50 –07:07, 2 सित॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 सितंबर 2004
बुधवार, 1 सितंबर 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 2 सितंबर 03:27 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 18:04 तक, फिर रेवती; योग शूल 14:29 तक, फिर गण्ड; करण वणिज 15:46 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 12:21–13:56, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:46। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2004 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 2 सितंबर 03:27 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:59, नई दिल्ली)।
1 सितंबर 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तरभाद्रपद 18:04 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 2 सितंबर 18:24 तक।
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:21–13:56, यमगण्ड 07:35–09:10, गुलिक काल 10:45–12:21।
नई दिल्ली में 1 सितंबर 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 20:17 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 सितंबर 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:55–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 सितंबर 2004 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
कजरी तीज।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9223° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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