पंचांग · मंगलवार, 31 अगस्त 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया04:16, 1 सित॰ तक
- कृष्ण तृतीया03:27, 2 सित॰ तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु18:27 तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि18:04, 1 सित॰ तक
- धृति16:30 तक
- शूल14:29, 1 सित॰ तक
- तैतिल16:56 तक
- गर04:16, 1 सित॰ तक
- वणिज15:46, 1 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:59बिंब मध्य 06:02
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 19:46
- चंद्रास्त
- 06:58
- दिनमान
- 12h 45m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कुम्भ12:39 तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:14
- प्रातः संध्या04:51 –05:59
- अभिजित मुहूर्त11:56 –12:47
- विजय मुहूर्त14:29 –15:20
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:51
- निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 1 सित॰
- अमृत काल10:48 –12:20
- राहु काल15:32 –17:08
- यमगंड09:10 –10:46
- गुलिक काल12:21 –13:57
- दुर्मुहूर्त08:32 –09:23
- दुर्मुहूर्त23:14 –23:59
- वर्ज्य03:54 –05:28, 1 सित॰
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:59 – 07:34
- उद्वेगअशुभ07:34 – 09:10
- चरसम09:10 – 10:46
- लाभलाभ10:46 – 12:21
- अमृतश्रेष्ठ12:21 – 13:57
- कालहानि13:57 – 15:32
- शुभशुभ15:32 – 17:08
- रोगअनिष्ट17:08 – 18:44
- कालहानि18:44 – 20:08
- लाभलाभ20:08 – 21:33
- उद्वेगअशुभ21:33 – 22:57
- शुभशुभ22:57 – 00:21
- अमृतश्रेष्ठ00:21 – 01:46
- चरसम01:46 – 03:10
- रोगअनिष्ट03:10 – 04:35
- कालहानि04:35 – 05:59
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:59–07:02 |
| सूर्य | 07:02–08:06 |
| शुक्र | 08:06–09:10 |
| बुध | 09:10–10:14 |
| चन्द्र | 10:14–11:17 |
| शनि | 11:17–12:21 |
| गुरु | 12:21–13:25 |
| मंगल | 13:25–14:29 |
| सूर्य | 14:29–15:32 |
| शुक्र | 15:32–16:36 |
| बुध | 16:36–17:40 |
| चन्द्र | 17:40–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:44–19:40 |
| गुरु | 19:40–20:36 |
| मंगल | 20:36–21:33 |
| सूर्य | 21:33–22:29 |
| शुक्र | 22:29–23:25 |
| बुध | 23:25–00:21 |
| चन्द्र | 00:21–01:18 |
| शनि | 01:18–02:14 |
| गुरु | 02:14–03:10 |
| मंगल | 03:10–04:07 |
| सूर्य | 04:07–05:03 |
| शुक्र | 05:03–05:59 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वभाद्रपद 2 पद06:54 तक
- पूर्वभाद्रपद 3 पद12:39 तक
- पूर्वभाद्रपद 4 पद18:27 तक
- उत्तरभाद्रपद 1 पद00:17, 1 सित॰ तक
- उत्तरभाद्रपद 2 पद06:10, 1 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 45m
- रात्रिमान
- 11h 15m
- मध्याह्न
- 12:21
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 12:39 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 04:16, 1 सित॰ तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 04:16, 1 सित॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:59 –07:15
- चोर पंचक07:15 –09:31
- शुभ मुहूर्त09:31 –11:50
- रोग पंचक11:50 –14:09
- शुभ मुहूर्त14:09 –16:13
- मृत्यु पंचक16:13 –17:56
- अग्नि पंचक17:56 –18:27
- शुभ मुहूर्त18:27 –19:23
- राज पंचक19:23 –20:48
- अग्नि पंचक20:48 –22:23
- शुभ मुहूर्त22:23 –00:19, 1 सित॰
- राज पंचक00:19 –02:33, 1 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:33 –04:16, 1 सित॰
- चोर पंचक04:16 –04:54, 1 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:54 –05:59, 1 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:57 –07:15
- कन्या07:15 –09:31
- तुला09:31 –11:50
- वृश्चिक11:50 –14:09
- धनु14:09 –16:13
- मकर16:13 –17:56
- कुम्भ17:56 –19:23
- मीन19:23 –20:48
- मेष20:48 –22:23
- वृषभ22:23 –00:19, 1 सित॰
- मिथुन00:19 –02:33, 1 सित॰
- कर्क02:33 –04:54, 1 सित॰
- सिंह04:54 –07:11, 1 सित॰
पंचांग · नई दिल्ली, 31 अगस्त 2004
मंगलवार, 31 अगस्त 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 1 सितंबर 04:16 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 18:27 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग धृति 16:30 तक, फिर शूल; करण तैतिल 16:56 तक, फिर गर। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 15:32–17:08, अभिजित मुहूर्त 11:56–12:47। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 31 अगस्त 2004 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 1 सितंबर 04:16 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:59, नई दिल्ली)।
31 अगस्त 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वभाद्रपद 18:27 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 12:39 तक।
नई दिल्ली में 31 अगस्त 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:32–17:08, यमगण्ड 09:10–10:46, गुलिक काल 12:21–13:57।
नई दिल्ली में 31 अगस्त 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 19:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अगस्त 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:56–12:47, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9222° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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