पंचांग · शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2003नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2060दुर्गा अष्टमीमहा नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:06सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 11:53 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
20:33 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:06
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:41 –12:10
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:06
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:06रात06:15
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    11:53 तक
  2. शुक्ल नवमी
    10:42, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    20:33 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    20:14, 4 अक्टू॰ तक
योग
  1. शोभन
    10:36 तक
  2. अतिगण्ड
    08:30, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    11:53 तक
  2. बालव
    23:15 तक
  3. कौलव
    10:42, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:18
सूर्यास्त
18:06
बिंब मध्य 18:01
चंद्रोदय
13:53
चंद्रास्त
—
दिनमान
11h 51m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
धनु
02:26, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:26
  • प्रातः संध्या05:02 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:09 –14:56
  • गोधूलि मुहूर्त18:06 –18:30
  • सायाह्न संध्या18:06 –19:19
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल15:54 –17:27
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:41 –12:10
  • यमगंड15:08 –16:37
  • गुलिक काल07:44 –09:12
  • दुर्मुहूर्त08:37 –09:24
  • दुर्मुहूर्त12:34 –13:21
  • वर्ज्य06:36 –08:09
  • वर्ज्य04:27 –06:02, 4 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:15 – 07:44
  • लाभलाभ07:44 – 09:12
  • अमृतश्रेष्ठ09:12 – 10:41
  • कालहानि10:41 – 12:10
  • शुभशुभ12:10 – 13:39
  • रोगअनिष्ट13:39 – 15:08
  • उद्वेगअशुभ15:08 – 16:37
  • चरसम16:37 – 18:06
रात
  • रोगअनिष्ट18:06 – 19:37
  • कालहानि19:37 – 21:08
  • लाभलाभ21:08 – 22:39
  • उद्वेगअशुभ22:39 – 00:10
  • शुभशुभ00:10 – 01:42
  • अमृतश्रेष्ठ01:42 – 03:13
  • चरसम03:13 – 04:44
  • रोगअनिष्ट04:44 – 06:15

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:15–07:14
बुध07:14–08:13
चन्द्र08:13–09:12
शनि09:12–10:12
गुरु10:12–11:11
मंगल11:11–12:10
सूर्य12:10–13:09
शुक्र13:09–14:09
बुध14:09–15:08
चन्द्र15:08–16:07
शनि16:07–17:06
गुरु17:06–18:06
रात
ग्रहसमय
मंगल18:06–19:06
सूर्य19:06–20:07
शुक्र20:07–21:08
बुध21:08–22:09
चन्द्र22:09–23:10
शनि23:10–00:10
गुरु00:10–01:11
मंगल01:11–02:12
सूर्य02:12–03:13
शुक्र03:13–04:14
बुध04:14–05:14
चन्द्र05:14–06:15

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद08:52 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद14:42 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद20:33 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद02:26, 4 अक्टू॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद08:20, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 51m
रात्रिमान
12h 9m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 02:26, 4 अक्टू॰ तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 20:33 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व · 02:26, 4 अक्टू॰ तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:53 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 11:53 तकगौरी के साथ
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:15 –07:24
  • शुभ मुहूर्त07:24 –09:44
  • चोर पंचक09:44 –11:53
  • शुभ मुहूर्त11:53 –12:02
  • रोग पंचक12:02 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –15:49
  • मृत्यु पंचक15:49 –17:16
  • अग्नि पंचक17:16 –18:41
  • शुभ मुहूर्त18:41 –20:17
  • मृत्यु पंचक20:17 –20:33
  • अग्नि पंचक20:33 –22:12
  • शुभ मुहूर्त22:12 –00:26, 4 अक्टू॰
  • राज पंचक00:26 –02:47, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:47 –05:04, 4 अक्टू॰
  • चोर पंचक05:04 –06:15, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:08 –07:24
  • तुला07:24 –09:44
  • वृश्चिक09:44 –12:02
  • धनु12:02 –14:06
  • मकर14:06 –15:49
  • कुम्भ15:49 –17:16
  • मीन17:16 –18:41
  • मेष18:41 –20:17
  • वृषभ20:17 –22:12
  • मिथुन22:12 –00:26, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:26 –02:47, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:47 –05:04, 4 अक्टू॰
  • कन्या05:04 –07:20, 4 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2003

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:06 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 11:53 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 20:33 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शोभन 10:36 तक, फिर अतिगण्ड; करण बव 11:53 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:41–12:10, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2060, शक संवत 1925।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2003 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 11:53 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।

3 अक्टूबर 2003 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 20:33 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 4 अक्टूबर 02:26 तक।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2003 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:41–12:10, यमगण्ड 15:08–16:37, गुलिक काल 07:44–09:12।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2003 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:06, चंद्रोदय 13:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2003 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अक्टूबर 2003 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

दुर्गा अष्टमी, महा नवमी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2003आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2003मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9095° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP