पंचांग · शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2001नई दिल्ली

आश्विन (अधिक मास) · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2058

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:20सूर्योदय17:55सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 16:40 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
00:25, 13 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2017:55
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:41 –12:07
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:20दिन17:55
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:55रात06:21
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    16:40 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    13:50, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    00:25, 13 अक्टू॰ तक
  2. मघास्वामी केतु
    22:12, 13 अक्टू॰ तक
योग
  1. साध्य
    20:53 तक
  2. शुभ
    17:20, 13 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    16:40 तक
  2. बव
    03:18, 13 अक्टू॰ तक
  3. बालव
    13:50, 13 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:20
बिंब मध्य 06:23
सूर्यास्त
17:55
बिंब मध्य 17:51
चंद्रोदय
01:04
चंद्रास्त
15:07
दिनमान
11h 35m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कर्क
00:25, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन (अधिक मास)
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:41 –05:30
  • प्रातः संध्या05:06 –06:20
  • अभिजित मुहूर्त11:44 –12:31
  • विजय मुहूर्त14:03 –14:50
  • गोधूलि मुहूर्त17:55 –18:20
  • सायाह्न संध्या17:55 –19:10
  • निशीथ मुहूर्त23:43 –00:33, 13 अक्टू॰
  • अमृत काल22:57 –00:25, 13 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:41 –12:07
  • यमगंड15:01 –16:28
  • गुलिक काल07:47 –09:14
  • दुर्मुहूर्त08:39 –09:25
  • दुर्मुहूर्त12:31 –13:17
  • वर्ज्य14:05 –15:33
  • गंड मूल06:20 –00:25, 13 अक्टू॰
  • गंड मूल00:25 –06:21, 13 अक्टू॰
  • भद्रा06:20 –16:40

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:20 – 07:47
  • लाभलाभ07:47 – 09:14
  • अमृतश्रेष्ठ09:14 – 10:41
  • कालहानि10:41 – 12:07
  • शुभशुभ12:07 – 13:34
  • रोगअनिष्ट13:34 – 15:01
  • उद्वेगअशुभ15:01 – 16:28
  • चरसम16:28 – 17:55
रात
  • रोगअनिष्ट17:55 – 19:28
  • कालहानि19:28 – 21:01
  • लाभलाभ21:01 – 22:35
  • उद्वेगअशुभ22:35 – 00:08
  • शुभशुभ00:08 – 01:41
  • अमृतश्रेष्ठ01:41 – 03:14
  • चरसम03:14 – 04:47
  • रोगअनिष्ट04:47 – 06:21

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:20–07:18
बुध07:18–08:16
चन्द्र08:16–09:14
शनि09:14–10:12
गुरु10:12–11:10
मंगल11:10–12:07
सूर्य12:07–13:05
शुक्र13:05–14:03
बुध14:03–15:01
चन्द्र15:01–15:59
शनि15:59–16:57
गुरु16:57–17:55
रात
ग्रहसमय
मंगल17:55–18:57
सूर्य18:57–19:59
शुक्र19:59–21:01
बुध21:01–22:03
चन्द्र22:03–23:06
शनि23:06–00:08
गुरु00:08–01:10
मंगल01:10–02:12
सूर्य02:12–03:14
शुक्र03:14–04:16
बुध04:16–05:18
चन्द्र05:18–06:21

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद07:50 तक
  • अश्लेषा 2 पद13:24 तक
  • अश्लेषा 3 पद18:55 तक
  • अश्लेषा 4 पद00:25, 13 अक्टू॰ तक
  • मघा 1 पद05:54, 13 अक्टू॰ तक
  • मघा 2 पद11:21, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 35m
रात्रिमान
12h 26m
मध्याह्न
12:07

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 00:25, 13 अक्टू॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 00:25, 13 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 00:25, 13 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:40 तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 16:40 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:20 –06:47
  • अग्नि पंचक06:47 –09:06
  • शुभ मुहूर्त09:06 –11:25
  • राज पंचक11:25 –13:29
  • शुभ मुहूर्त13:29 –15:12
  • चोर पंचक15:12 –16:39
  • शुभ मुहूर्त16:39 –16:40
  • रोग पंचक16:40 –18:04
  • चोर पंचक18:04 –19:39
  • शुभ मुहूर्त19:39 –21:34
  • रोग पंचक21:34 –23:49
  • शुभ मुहूर्त23:49 –00:25, 13 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:25 –02:09, 13 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:09 –04:27, 13 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27 –06:21, 13 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:31 –06:47
  • तुला06:47 –09:06
  • वृश्चिक09:06 –11:25
  • धनु11:25 –13:29
  • मकर13:29 –15:12
  • कुम्भ15:12 –16:39
  • मीन16:39 –18:04
  • मेष18:04 –19:39
  • वृषभ19:39 –21:34
  • मिथुन21:34 –23:49
  • कर्क23:49 –02:09, 13 अक्टू॰
  • सिंह02:09 –04:27, 13 अक्टू॰
  • कन्या04:27 –06:43, 13 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2001

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2001 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 17:55 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 16:40 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र अश्लेषा 13 अक्टूबर 00:25 तक, फिर मघा; योग साध्य 20:53 तक, फिर शुभ; करण विष्टि 16:40 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:41–12:07, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:31। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2058, शक संवत 1923।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2001 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 16:40 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:20, नई दिल्ली)।

12 अक्टूबर 2001 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 13 अक्टूबर 00:25 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 13 अक्टूबर 00:25 तक।

नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2001 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:41–12:07, यमगण्ड 15:01–16:28, गुलिक काल 07:47–09:14।

नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2001 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 17:55, चंद्रोदय 01:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अक्टूबर 2001 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:44–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 04:41–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2001आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2001मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.8819° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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