एकादशी 2001
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 6जन॰पौष पुत्रदा एकादशीशनिवार
- 20जन॰षट्तिला एकादशीशनिवार
- 4फ़र॰जया एकादशीरविवार
- 18फ़र॰विजया एकादशीरविवार
- 6मार्चआमलकी एकादशीमंगलवार
- 20मार्चपापमोचनी एकादशीमंगलवार
- 4अप्रैलकामदा एकादशीबुधवार
- 19अप्रैलवरुथिनी एकादशीगुरुवार
- 3मईमोहिनी एकादशीगुरुवार
- 19मईअपरा एकादशीशनिवार
- 2जूननिर्जला एकादशीशनिवार
- 17जूनयोगिनी एकादशीरविवार
- 1जुल॰देवशयनी एकादशीरविवार
- 17जुल॰कामिका एकादशीमंगलवार
- 30जुल॰श्रावण पुत्रदा एकादशीसोमवार
- 15अग॰अजा एकादशीबुधवार
- 29अग॰परिवर्तिनी एकादशीबुधवार
- 13सित॰इंदिरा एकादशीगुरुवार
- 28सित॰पद्मिनी एकादशीशुक्रवार
- 13अक्टू॰परमा एकादशीशनिवार
- 27अक्टू॰पापांकुशा एकादशीशनिवार
- 11नव॰रमा एकादशीरविवार
- 26नव॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीसोमवार
- 10दिस॰उत्पन्ना एकादशीसोमवार
- 26दिस॰मोक्षदा एकादशीबुधवार
प्रश्न-उत्तर
2001 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली पौष पुत्रदा एकादशी (शनिवार, 6 जनवरी 2001), अंतिम मोक्षदा एकादशी (26 दिसंबर 2001)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।