पंचांग · शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030नासिक
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी20:31 तक
- शुक्ल नवमी18:53, 5 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र02:35, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य01:45, 6 अक्टू॰ तक
- शोभन14:40 तक
- अतिगण्ड12:10, 5 अक्टू॰ तक
- विष्टि09:26 तक
- बव20:31 तक
- बालव07:40, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:26बिंब मध्य 06:29
- सूर्यास्त
- 18:21बिंब मध्य 18:16
- चंद्रोदय
- 13:09
- चंद्रास्त
- —
- दिनमान
- 11h 55m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु08:21, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:50 –05:38
- प्रातः संध्या05:14 –06:26
- अभिजित मुहूर्त12:00 –12:47
- विजय मुहूर्त14:22 –15:10
- गोधूलि मुहूर्त18:21 –18:45
- सायाह्न संध्या18:21 –19:33
- निशीथ मुहूर्त23:59 –00:48, 5 अक्टू॰
- अमृत काल22:00 –23:31
- राहु काल10:54 –12:23
- यमगंड15:22 –16:51
- गुलिक काल07:56 –09:25
- दुर्मुहूर्त08:49 –09:37
- दुर्मुहूर्त12:47 –13:35
- वर्ज्य12:50 –14:22
- भद्रा06:26 –09:26
चौघड़िया
- चरसम06:26 – 07:56
- लाभलाभ07:56 – 09:25
- अमृतश्रेष्ठ09:25 – 10:54
- कालहानि10:54 – 12:23
- शुभशुभ12:23 – 13:53
- रोगअनिष्ट13:53 – 15:22
- उद्वेगअशुभ15:22 – 16:51
- चरसम16:51 – 18:21
- रोगअनिष्ट18:21 – 19:51
- कालहानि19:51 – 21:22
- लाभलाभ21:22 – 22:53
- उद्वेगअशुभ22:53 – 00:24
- शुभशुभ00:24 – 01:54
- अमृतश्रेष्ठ01:54 – 03:25
- चरसम03:25 – 04:56
- रोगअनिष्ट04:56 – 06:27
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:26–07:26 |
| बुध | 07:26–08:25 |
| चन्द्र | 08:25–09:25 |
| शनि | 09:25–10:24 |
| गुरु | 10:24–11:24 |
| मंगल | 11:24–12:23 |
| सूर्य | 12:23–13:23 |
| शुक्र | 13:23–14:22 |
| बुध | 14:22–15:22 |
| चन्द्र | 15:22–16:22 |
| शनि | 16:22–17:21 |
| गुरु | 17:21–18:21 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:21–19:21 |
| सूर्य | 19:21–20:22 |
| शुक्र | 20:22–21:22 |
| बुध | 21:22–22:23 |
| चन्द्र | 22:23–23:23 |
| शनि | 23:23–00:24 |
| गुरु | 00:24–01:24 |
| मंगल | 01:24–02:25 |
| सूर्य | 02:25–03:25 |
| शुक्र | 03:25–04:26 |
| बुध | 04:26–05:26 |
| चन्द्र | 05:26–06:27 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद09:23 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद15:06 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद20:50 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद02:35, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद08:21, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 55m
- रात्रिमान
- 12h 6m
- मध्याह्न
- 12:23
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:31 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 20:31 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:26 –07:27
- शुभ मुहूर्त07:27 –09:39
- चोर पंचक09:39 –11:54
- शुभ मुहूर्त11:54 –13:59
- रोग पंचक13:59 –15:48
- शुभ मुहूर्त15:48 –17:24
- मृत्यु पंचक17:24 –18:57
- रोग पंचक18:57 –20:31
- शुभ मुहूर्त20:31 –20:40
- मृत्यु पंचक20:40 –22:40
- अग्नि पंचक22:40 –00:52, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:52 –02:35, 5 अक्टू॰
- राज पंचक02:35 –03:06, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:06 –05:15, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक05:15 –06:27, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:19 –07:27
- तुला07:27 –09:39
- वृश्चिक09:39 –11:54
- धनु11:54 –13:59
- मकर13:59 –15:48
- कुम्भ15:48 –17:24
- मीन17:24 –18:57
- मेष18:57 –20:40
- वृषभ20:40 –22:40
- मिथुन22:40 –00:52, 5 अक्टू॰
- कर्क00:52 –03:06, 5 अक्टू॰
- सिंह03:06 –05:15, 5 अक्टू॰
- कन्या05:15 –07:23, 5 अक्टू॰
पंचांग · नासिक, 4 अक्टूबर 2030
शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030 को नासिक में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 18:21 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 20:31 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शोभन 14:40 तक, फिर अतिगण्ड; करण विष्टि 09:26 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:54–12:23, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:47। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नासिक में 4 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 20:31 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:26, नासिक)।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अक्टूबर 08:21 तक।
नासिक में 4 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:54–12:23, यमगण्ड 15:22–16:51, गुलिक काल 07:56–09:25।
नासिक में 4 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:21, चंद्रोदय 13:09 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:00–12:47, ब्रह्म मुहूर्त 04:50–05:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दुर्गा अष्टमी।
नासिक हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2867° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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