पंचांग · शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030लंदन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी16:01 तक
- शुक्ल नवमी14:23, 5 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र22:05 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य21:15, 5 अक्टू॰ तक
- शोभन10:10 तक
- अतिगण्ड07:40, 5 अक्टू॰ तक
- बव16:01 तक
- बालव03:10, 5 अक्टू॰ तक
- कौलव14:23, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 07:06बिंब मध्य 07:11
- सूर्यास्त
- 18:32बिंब मध्य 18:26
- चंद्रोदय
- 15:03
- चंद्रास्त
- —
- दिनमान
- 11h 26m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु03:51, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:26 –06:16
- प्रातः संध्या05:51 –07:06
- अभिजित मुहूर्त12:26 –13:12
- विजय मुहूर्त14:43 –15:29
- गोधूलि मुहूर्त18:32 –18:57
- सायाह्न संध्या18:32 –19:47
- निशीथ मुहूर्त00:24 –01:15, 5 अक्टू॰
- अमृत काल17:30 –19:01
- राहु काल11:23 –12:49
- यमगंड15:40 –17:06
- गुलिक काल08:32 –09:57
- दुर्मुहूर्त09:23 –10:09
- दुर्मुहूर्त13:12 –13:57
- वर्ज्य08:20 –09:52
- वर्ज्य05:48 –07:21, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- चरसम07:06 – 08:32
- लाभलाभ08:32 – 09:57
- अमृतश्रेष्ठ09:57 – 11:23
- कालहानि11:23 – 12:49
- शुभशुभ12:49 – 14:14
- रोगअनिष्ट14:14 – 15:40
- उद्वेगअशुभ15:40 – 17:06
- चरसम17:06 – 18:32
- रोगअनिष्ट18:32 – 20:06
- कालहानि20:06 – 21:41
- लाभलाभ21:41 – 23:15
- उद्वेगअशुभ23:15 – 00:50
- शुभशुभ00:50 – 02:24
- अमृतश्रेष्ठ02:24 – 03:59
- चरसम03:59 – 05:33
- रोगअनिष्ट05:33 – 07:08
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 07:06–08:03 |
| बुध | 08:03–09:00 |
| चन्द्र | 09:00–09:57 |
| शनि | 09:57–10:54 |
| गुरु | 10:54–11:52 |
| मंगल | 11:52–12:49 |
| सूर्य | 12:49–13:46 |
| शुक्र | 13:46–14:43 |
| बुध | 14:43–15:40 |
| चन्द्र | 15:40–16:37 |
| शनि | 16:37–17:34 |
| गुरु | 17:34–18:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:32–19:35 |
| सूर्य | 19:35–20:38 |
| शुक्र | 20:38–21:41 |
| बुध | 21:41–22:44 |
| चन्द्र | 22:44–23:47 |
| शनि | 23:47–00:50 |
| गुरु | 00:50–01:53 |
| मंगल | 01:53–02:56 |
| सूर्य | 02:56–03:59 |
| शुक्र | 03:59–05:02 |
| बुध | 05:02–06:05 |
| चन्द्र | 06:05–07:08 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद10:36 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद16:20 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद22:05 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद03:51, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद09:38, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 26m
- रात्रिमान
- 12h 36m
- मध्याह्न
- 12:49
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व · 03:51, 5 अक्टू॰ तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:01 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 16:01 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक07:06 –08:26
- शुभ मुहूर्त08:26 –11:17
- चोर पंचक11:17 –13:53
- शुभ मुहूर्त13:53 –15:49
- रोग पंचक15:49 –16:01
- शुभ मुहूर्त16:01 –17:03
- मृत्यु पंचक17:03 –17:57
- अग्नि पंचक17:57 –18:48
- शुभ मुहूर्त18:48 –19:52
- मृत्यु पंचक19:52 –21:30
- अग्नि पंचक21:30 –22:05
- शुभ मुहूर्त22:05 –23:53
- राज पंचक23:53 –02:41, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:41 –05:32, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक05:32 –07:08, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:36 –08:26
- तुला08:26 –11:17
- वृश्चिक11:17 –13:53
- धनु13:53 –15:49
- मकर15:49 –17:03
- कुम्भ17:03 –17:57
- मीन17:57 –18:48
- मेष18:48 –19:52
- वृषभ19:52 –21:30
- मिथुन21:30 –23:53
- कर्क23:53 –02:41, 5 अक्टू॰
- सिंह02:41 –05:32, 5 अक्टू॰
- कन्या05:32 –08:22, 5 अक्टू॰
पंचांग · लंदन, 4 अक्टूबर 2030
शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030 को लंदन में सूर्योदय 07:06 और सूर्यास्त 18:32 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 16:01 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 22:05 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शोभन 10:10 तक, फिर अतिगण्ड; करण बव 16:01 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 11:23–12:49, अभिजित मुहूर्त 12:26–13:12। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
लंदन में 4 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 16:01 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 07:06, लंदन)।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 22:05 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अक्टूबर 03:51 तक।
लंदन में 4 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:23–12:49, यमगण्ड 15:40–17:06, गुलिक काल 08:32–09:57।
लंदन में 4 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 07:06, सूर्यास्त 18:32, चंद्रोदय 15:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:26–13:12, ब्रह्म मुहूर्त 05:26–06:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दुर्गा अष्टमी।
लंदन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2868° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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