पंचांग · बुधवार, 17 अप्रैल 2030लंदन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्दशी07:48 तक
- पूर्णिमा04:20, 18 अप्रैल तक
- कृष्ण प्रतिपदा00:42, 19 अप्रैल तक
- हस्तस्वामी चन्द्र11:29 तक
- चित्रास्वामी मंगल08:46, 18 अप्रैल तक
- व्याघात06:41 तक
- हर्षण02:43, 18 अप्रैल तक
- वज्र22:37, 18 अप्रैल तक
- वणिज07:48 तक
- विष्टि18:05 तक
- बव04:20, 18 अप्रैल तक
- बालव14:31, 18 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:06
- सूर्यास्त
- 20:01बिंब मध्य 19:54
- चंद्रोदय
- 19:41
- चंद्रास्त
- 05:12
- दिनमान
- 14h 0m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कन्या22:09 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:21
- प्रातः संध्या05:00 –06:01
- अभिजित मुहूर्त12:33 –13:29
- विजय मुहूर्त15:21 –16:17
- गोधूलि मुहूर्त20:01 –20:21
- सायाह्न संध्या20:01 –21:00
- निशीथ मुहूर्त00:40 –01:19, 18 अप्रैल
- अमृत काल06:05 –07:32
- अमृत काल03:06 –04:31, 18 अप्रैल
- राहु काल13:01 –14:46
- यमगंड07:46 –09:31
- गुलिक काल11:16 –13:01
- दुर्मुहूर्त12:33 –13:29
- वर्ज्य18:35 –20:00
- भद्रा07:48 –18:05
चौघड़िया
- लाभलाभ06:01 – 07:46
- अमृतश्रेष्ठ07:46 – 09:31
- कालहानि09:31 – 11:16
- शुभशुभ11:16 – 13:01
- रोगअनिष्ट13:01 – 14:46
- उद्वेगअशुभ14:46 – 16:31
- चरसम16:31 – 18:16
- लाभलाभ18:16 – 20:01
- उद्वेगअशुभ20:01 – 21:15
- शुभशुभ21:15 – 22:30
- अमृतश्रेष्ठ22:30 – 23:45
- चरसम23:45 – 01:00
- रोगअनिष्ट01:00 – 02:14
- कालहानि02:14 – 03:29
- लाभलाभ03:29 – 04:44
- उद्वेगअशुभ04:44 – 05:59
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:01–07:11 |
| चन्द्र | 07:11–08:21 |
| शनि | 08:21–09:31 |
| गुरु | 09:31–10:41 |
| मंगल | 10:41–11:51 |
| सूर्य | 11:51–13:01 |
| शुक्र | 13:01–14:11 |
| बुध | 14:11–15:21 |
| चन्द्र | 15:21–16:31 |
| शनि | 16:31–17:41 |
| गुरु | 17:41–18:51 |
| मंगल | 18:51–20:01 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 20:01–20:50 |
| शुक्र | 20:50–21:40 |
| बुध | 21:40–22:30 |
| चन्द्र | 22:30–23:20 |
| शनि | 23:20–00:10 |
| गुरु | 00:10–01:00 |
| मंगल | 01:00–01:49 |
| सूर्य | 01:49–02:39 |
| शुक्र | 02:39–03:29 |
| बुध | 03:29–04:19 |
| चन्द्र | 04:19–05:09 |
| शनि | 05:09–05:59 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- हस्त 3 पद06:08 तक
- हस्त 4 पद11:29 तक
- चित्रा 1 पद16:50 तक
- चित्रा 2 पद22:09 तक
- चित्रा 3 पद03:28, 18 अप्रैल तक
- चित्रा 4 पद08:46, 18 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 14h 0m
- रात्रिमान
- 9h 58m
- मध्याह्न
- 13:01
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 22:09 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:48 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:20, 18 अप्रैल तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 07:48 तकश्मशान में · 04:20, 18 अप्रैल तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:01 –07:04
- चोर पंचक07:04 –07:48
- शुभ मुहूर्त07:48 –08:42
- रोग पंचक08:42 –11:05
- शुभ मुहूर्त11:05 –11:29
- मृत्यु पंचक11:29 –13:54
- अग्नि पंचक13:54 –16:44
- शुभ मुहूर्त16:44 –19:34
- राज पंचक19:34 –22:25
- शुभ मुहूर्त22:25 –01:02, 18 अप्रैल
- चोर पंचक01:02 –02:57, 18 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:57 –04:11, 18 अप्रैल
- रोग पंचक04:11 –04:20, 18 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:20 –05:05, 18 अप्रैल
- मृत्यु पंचक05:05 –05:56, 18 अप्रैल
- रोग पंचक05:56 –05:59, 18 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष06:00 –07:04
- वृषभ07:04 –08:42
- मिथुन08:42 –11:05
- कर्क11:05 –13:54
- सिंह13:54 –16:44
- कन्या16:44 –19:34
- तुला19:34 –22:25
- वृश्चिक22:25 –01:02, 18 अप्रैल
- धनु01:02 –02:57, 18 अप्रैल
- मकर02:57 –04:11, 18 अप्रैल
- कुम्भ04:11 –05:05, 18 अप्रैल
- मीन05:05 –05:56, 18 अप्रैल
- मेष05:56 –07:00, 18 अप्रैल
पंचांग · लंदन, 17 अप्रैल 2030
बुधवार, 17 अप्रैल 2030 को लंदन में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 20:01 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 07:48 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र हस्त 11:29 तक, फिर चित्रा; योग व्याघात 06:41 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 07:48 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 13:01–14:46, अभिजित मुहूर्त 12:33–13:29। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
लंदन में 17 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्दशी 07:48 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 06:01, लंदन)।
17 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
हस्त 11:29 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 22:09 तक।
लंदन में 17 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:01–14:46, यमगण्ड 07:46–09:31, गुलिक काल 11:16–13:01।
लंदन में 17 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 20:01, चंद्रोदय 19:41 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:33–13:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
17 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
हनुमान जयंती, पूर्णिमा।
लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2802° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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