पंचांग · गुरुवार, 1 अप्रैल 2027लंदन

फाल्गुन · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:37सूर्योदय19:33सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 20:15 तक
नक्षत्र
श्रवण
07:46, 2 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3719:33
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:42 –16:19
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:37दिन19:33
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
राहु काल
भद्रा
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:0019:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:33रात06:34
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    20:15 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    22:22, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    07:46, 2 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्ध
    05:10, 2 अप्रैल तक
  2. साध्य
    05:40, 3 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    07:03 तक
  2. विष्टि
    20:15 तक
  3. बव
    09:22, 2 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:37
बिंब मध्य 06:41
सूर्यास्त
19:33
बिंब मध्य 19:27
चंद्रोदय
04:43
चंद्रास्त
13:22
दिनमान
12h 56m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मकर
21:02, 2 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:08 –05:52
  • प्रातः संध्या05:30 –06:37
  • अभिजित मुहूर्त12:39 –13:31
  • विजय मुहूर्त15:14 –16:06
  • गोधूलि मुहूर्त19:33 –19:55
  • सायाह्न संध्या19:33 –20:39
  • निशीथ मुहूर्त00:42 –01:26, 2 अप्रैल
  • अमृत काल20:08 –21:55
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:42 –16:19
  • यमगंड06:37 –08:14
  • गुलिक काल09:51 –11:28
  • दुर्मुहूर्त10:55 –11:47
  • दुर्मुहूर्त16:06 –16:58
  • वर्ज्य09:23 –11:11
  • भद्रा07:03 –20:15

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:37 – 08:14
  • रोगअनिष्ट08:14 – 09:51
  • उद्वेगअशुभ09:51 – 11:28
  • चरसम11:28 – 13:05
  • लाभलाभ13:05 – 14:42
  • अमृतश्रेष्ठ14:42 – 16:19
  • कालहानि16:19 – 17:56
  • शुभशुभ17:56 – 19:33
रात
  • अमृतश्रेष्ठ19:33 – 20:56
  • चरसम20:56 – 22:19
  • रोगअनिष्ट22:19 – 23:41
  • कालहानि23:41 – 01:04
  • लाभलाभ01:04 – 02:26
  • उद्वेगअशुभ02:26 – 03:49
  • शुभशुभ03:49 – 05:12
  • अमृतश्रेष्ठ05:12 – 06:34

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:37–07:41
मंगल07:41–08:46
सूर्य08:46–09:51
शुक्र09:51–10:55
बुध10:55–12:00
चन्द्र12:00–13:05
शनि13:05–14:10
गुरु14:10–15:14
मंगल15:14–16:19
सूर्य16:19–17:24
शुक्र17:24–18:29
बुध18:29–19:33
रात
ग्रहसमय
चन्द्र19:33–20:28
शनि20:28–21:24
गुरु21:24–22:19
मंगल22:19–23:14
सूर्य23:14–00:09
शुक्र00:09–01:04
बुध01:04–01:59
चन्द्र01:59–02:54
शनि02:54–03:49
गुरु03:49–04:44
मंगल04:44–05:39
सूर्य05:39–06:34

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 1 पद11:39 तक
  • श्रवण 2 पद18:23 तक
  • श्रवण 3 पद01:05, 2 अप्रैल तक
  • श्रवण 4 पद07:46, 2 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 56m
रात्रिमान
11h 1m
मध्याह्न
13:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:15 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 20:15 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:37 –07:04
  • रोग पंचक07:04 –08:08
  • शुभ मुहूर्त08:08 –09:46
  • मृत्यु पंचक09:46 –12:09
  • अग्नि पंचक12:09 –14:57
  • शुभ मुहूर्त14:57 –17:48
  • राज पंचक17:48 –20:15
  • शुभ मुहूर्त20:15 –20:38
  • चोर पंचक20:38 –23:29
  • शुभ मुहूर्त23:29 –02:06, 2 अप्रैल
  • रोग पंचक02:06 –04:01, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:01 –05:15, 2 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:15 –06:09, 2 अप्रैल
  • अग्नि पंचक06:09 –06:34, 2 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन06:13 –07:04
  • मेष07:04 –08:08
  • वृषभ08:08 –09:46
  • मिथुन09:46 –12:09
  • कर्क12:09 –14:57
  • सिंह14:57 –17:48
  • कन्या17:48 –20:38
  • तुला20:38 –23:29
  • वृश्चिक23:29 –02:06, 2 अप्रैल
  • धनु02:06 –04:01, 2 अप्रैल
  • मकर04:01 –05:15, 2 अप्रैल
  • कुम्भ05:15 –06:09, 2 अप्रैल
  • मीन06:09 –07:00, 2 अप्रैल

पंचांग · लंदन, 1 अप्रैल 2027

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को लंदन में सूर्योदय 06:37 और सूर्यास्त 19:33 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 20:15 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र श्रवण 2 अप्रैल 07:46 तक; योग सिद्ध 2 अप्रैल 05:10 तक, फिर साध्य; करण वणिज 07:03 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:42–16:19, अभिजित मुहूर्त 12:39–13:31। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 1 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 20:15 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:37, लंदन)।

1 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 2 अप्रैल 07:46 तक। चंद्रमा मकर राशि में 2 अप्रैल 21:02 तक।

लंदन में 1 अप्रैल 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:42–16:19, यमगण्ड 06:37–08:14, गुलिक काल 09:51–11:28।

लंदन में 1 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 19:33, चंद्रोदय 04:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अप्रैल 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:39–13:31, ब्रह्म मुहूर्त 05:08–05:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2377° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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