पंचांग · मंगलवार, 16 नवंबर 2027कोलकाता

कार्तिक · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:49सूर्योदय16:53सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 03:42, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:00 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4916:53
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:07 –15:30
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:49दिन16:53
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
राहु काल
भद्रा
यमगंड
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
16:53रात05:50
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    03:42, 17 नव॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    01:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:00 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    04:42, 17 नव॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:17, 18 नव॰ तक
योग
  1. शिव
    12:38 तक
  2. सिद्ध
    09:47, 17 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    16:43 तक
  2. विष्टि
    03:42, 17 नव॰ तक
  3. बव
    14:39, 17 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:49
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
16:53
बिंब मध्य 16:48
चंद्रोदय
18:45
चंद्रास्त
07:53
दिनमान
11h 4m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृषभ
17:22 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:06 –04:58
  • प्रातः संध्या04:32 –05:49
  • अभिजित मुहूर्त10:59 –11:43
  • विजय मुहूर्त13:12 –13:56
  • गोधूलि मुहूर्त16:53 –17:19
  • सायाह्न संध्या16:53 –18:10
  • निशीथ मुहूर्त22:56 –23:47
  • अमृत काल20:23 –21:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:07 –15:30
  • यमगंड08:35 –09:58
  • गुलिक काल11:21 –12:44
  • दुर्मुहूर्त08:02 –08:46
  • दुर्मुहूर्त22:04 –22:56
  • वर्ज्य11:18 –12:49
  • भद्रा16:43 –03:42, 17 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:49 – 07:12
  • उद्वेगअशुभ07:12 – 08:35
  • चरसम08:35 – 09:58
  • लाभलाभ09:58 – 11:21
  • अमृतश्रेष्ठ11:21 – 12:44
  • कालहानि12:44 – 14:07
  • शुभशुभ14:07 – 15:30
  • रोगअनिष्ट15:30 – 16:53
रात
  • कालहानि16:53 – 18:30
  • लाभलाभ18:30 – 20:07
  • उद्वेगअशुभ20:07 – 21:44
  • शुभशुभ21:44 – 23:21
  • अमृतश्रेष्ठ23:21 – 00:59
  • चरसम00:59 – 02:36
  • रोगअनिष्ट02:36 – 04:13
  • कालहानि04:13 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:49–06:45
सूर्य06:45–07:40
शुक्र07:40–08:35
बुध08:35–09:31
चन्द्र09:31–10:26
शनि10:26–11:21
गुरु11:21–12:16
मंगल12:16–13:12
सूर्य13:12–14:07
शुक्र14:07–15:02
बुध15:02–15:57
चन्द्र15:57–16:53
रात
ग्रहसमय
शनि16:53–17:57
गुरु17:57–19:02
मंगल19:02–20:07
सूर्य20:07–21:12
शुक्र21:12–22:17
बुध22:17–23:21
चन्द्र23:21–00:26
शनि00:26–01:31
गुरु01:31–02:36
मंगल02:36–03:41
सूर्य03:41–04:45
शुक्र04:45–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:00 तक
  • मृगशिरा 1 पद11:41 तक
  • मृगशिरा 2 पद17:22 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:02 तक
  • मृगशिरा 4 पद04:42, 17 नव॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद10:21, 17 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 4m
रात्रिमान
12h 57m
मध्याह्न
11:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 17:22 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:00 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 04:42, 17 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
दक्षिण · 17:22 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 03:42, 17 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 03:42, 17 नव॰ तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:49 –05:57
  • चोर पंचक05:57 –06:00
  • शुभ मुहूर्त06:00 –08:12
  • रोग पंचक08:12 –10:18
  • शुभ मुहूर्त10:18 –12:05
  • मृत्यु पंचक12:05 –13:38
  • अग्नि पंचक13:38 –15:09
  • शुभ मुहूर्त15:09 –16:50
  • मृत्यु पंचक16:50 –18:48
  • अग्नि पंचक18:48 –21:01
  • शुभ मुहूर्त21:01 –23:17
  • राज पंचक23:17 –01:28, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –03:39, 17 नव॰
  • चोर पंचक03:39 –03:42, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:42 –04:42, 17 नव॰
  • रोग पंचक04:42 –05:50, 17 नव॰

उदय लग्न

  • तुला03:43 –05:57
  • वृश्चिक05:57 –08:12
  • धनु08:12 –10:18
  • मकर10:18 –12:05
  • कुम्भ12:05 –13:38
  • मीन13:38 –15:09
  • मेष15:09 –16:50
  • वृषभ16:50 –18:48
  • मिथुन18:48 –21:01
  • कर्क21:01 –23:17
  • सिंह23:17 –01:28, 17 नव॰
  • कन्या01:28 –03:39, 17 नव॰
  • तुला03:39 –05:53, 17 नव॰

पंचांग · कोलकाता, 16 नवंबर 2027

मंगलवार, 16 नवंबर 2027 को कोलकाता में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 16:53 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा; योग शिव 12:38 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 16:43 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:07–15:30, अभिजित मुहूर्त 10:59–11:43। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 16 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:49, कोलकाता)।

16 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 17:22 तक।

कोलकाता में 16 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:07–15:30, यमगण्ड 08:35–09:58, गुलिक काल 11:21–12:44।

कोलकाता में 16 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 16:53, चंद्रोदय 18:45 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 10:59–11:43, ब्रह्म मुहूर्त 04:06–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2465° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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