पंचांग · शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027कोलकाता

फाल्गुन · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2083पापमोचनी एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:29सूर्योदय17:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 02:52, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण
12:16 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2917:52
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:07 –11:40
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:29दिन17:52
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:52रात05:28
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    02:52, 3 अप्रैल तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    04:27, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    12:16 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    14:41, 3 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्ध
    09:40 तक
  2. साध्य
    10:10, 3 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    13:52 तक
  2. बालव
    02:52, 3 अप्रैल तक
  3. कौलव
    15:44, 3 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:29
बिंब मध्य 05:32
सूर्यास्त
17:52
बिंब मध्य 17:48
चंद्रोदय
02:28
चंद्रास्त
13:51
दिनमान
12h 23m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मकर
01:32, 3 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:56 –04:42
  • प्रातः संध्या04:19 –05:29
  • अभिजित मुहूर्त11:16 –12:05
  • विजय मुहूर्त13:44 –14:34
  • गोधूलि मुहूर्त17:52 –18:15
  • सायाह्न संध्या17:52 –19:02
  • निशीथ मुहूर्त23:17 –00:03, 3 अप्रैल
  • अमृत काल03:14 –05:00, 3 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:07 –11:40
  • यमगंड14:46 –16:19
  • गुलिक काल07:02 –08:35
  • दुर्मुहूर्त07:57 –08:47
  • दुर्मुहूर्त12:05 –12:55
  • वर्ज्य16:40 –18:26

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:29 – 07:02
  • लाभलाभ07:02 – 08:35
  • अमृतश्रेष्ठ08:35 – 10:07
  • कालहानि10:07 – 11:40
  • शुभशुभ11:40 – 13:13
  • रोगअनिष्ट13:13 – 14:46
  • उद्वेगअशुभ14:46 – 16:19
  • चरसम16:19 – 17:52
रात
  • रोगअनिष्ट17:52 – 19:19
  • कालहानि19:19 – 20:46
  • लाभलाभ20:46 – 22:13
  • उद्वेगअशुभ22:13 – 23:40
  • शुभशुभ23:40 – 01:07
  • अमृतश्रेष्ठ01:07 – 02:34
  • चरसम02:34 – 04:01
  • रोगअनिष्ट04:01 – 05:28

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:29–06:31
बुध06:31–07:33
चन्द्र07:33–08:35
शनि08:35–09:37
गुरु09:37–10:38
मंगल10:38–11:40
सूर्य11:40–12:42
शुक्र12:42–13:44
बुध13:44–14:46
चन्द्र14:46–15:48
शनि15:48–16:50
गुरु16:50–17:52
रात
ग्रहसमय
मंगल17:52–18:50
सूर्य18:50–19:48
शुक्र19:48–20:46
बुध20:46–21:44
चन्द्र21:44–22:42
शनि22:42–23:40
गुरु23:40–00:38
मंगल00:38–01:36
सूर्य01:36–02:34
शुक्र02:34–03:32
बुध03:32–04:30
चन्द्र04:30–05:28

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 3 पद05:35 तक
  • श्रवण 4 पद12:16 तक
  • धनिष्ठा 1 पद18:55 तक
  • धनिष्ठा 2 पद01:32, 3 अप्रैल तक
  • धनिष्ठा 3 पद08:08, 3 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 23m
रात्रिमान
11h 36m
मध्याह्न
11:40

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 01:32, 3 अप्रैल तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 12:16 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण · 01:32, 3 अप्रैल तकपश्चिम
अग्निवास
आकाश · 02:52, 3 अप्रैल तकपाताल
शिववास
कैलाश पर · 02:52, 3 अप्रैल तकनंदी पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:29 –06:09
  • मृत्यु पंचक06:09 –07:50
  • अग्नि पंचक07:50 –09:48
  • शुभ मुहूर्त09:48 –12:02
  • राज पंचक12:02 –12:16
  • शुभ मुहूर्त12:16 –14:18
  • चोर पंचक14:18 –16:29
  • शुभ मुहूर्त16:29 –18:39
  • रोग पंचक18:39 –20:53
  • शुभ मुहूर्त20:53 –23:09
  • मृत्यु पंचक23:09 –01:14, 3 अप्रैल
  • अग्नि पंचक01:14 –02:52, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:52 –03:01, 3 अप्रैल
  • राज पंचक03:01 –04:34, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:34 –05:28, 3 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:38 –06:09
  • मेष06:09 –07:50
  • वृषभ07:50 –09:48
  • मिथुन09:48 –12:02
  • कर्क12:02 –14:18
  • सिंह14:18 –16:29
  • कन्या16:29 –18:39
  • तुला18:39 –20:53
  • वृश्चिक20:53 –23:09
  • धनु23:09 –01:14, 3 अप्रैल
  • मकर01:14 –03:01, 3 अप्रैल
  • कुम्भ03:01 –04:34, 3 अप्रैल
  • मीन04:34 –06:06, 3 अप्रैल

पंचांग · कोलकाता, 2 अप्रैल 2027

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 को कोलकाता में सूर्योदय 05:29 और सूर्यास्त 17:52 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 3 अप्रैल 02:52 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र श्रवण 12:16 तक, फिर धनिष्ठा; योग सिद्ध 09:40 तक, फिर साध्य; करण बव 13:52 तक, फिर बालव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:07–11:40, अभिजित मुहूर्त 11:16–12:05। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 2 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 3 अप्रैल 02:52 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 05:29, कोलकाता)।

2 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 12:16 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 3 अप्रैल 01:32 तक।

कोलकाता में 2 अप्रैल 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:07–11:40, यमगण्ड 14:46–16:19, गुलिक काल 07:02–08:35।

कोलकाता में 2 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 17:52, चंद्रोदय 02:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 अप्रैल 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:16–12:05, ब्रह्म मुहूर्त 03:56–04:42। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

2 अप्रैल 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

पापमोचनी एकादशी।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2377° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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