पंचांग · सोमवार, 31 अक्टूबर 2022कोलकाता

कार्तिक · शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2079

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:40सूर्योदय17:00सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल सप्तमी
शुक्ल · 01:11, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
05:47 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4017:00
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:05 –08:30
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:40दिन17:00
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:00रात05:41
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल सप्तमी
    01:11, 1 नव॰ तक
  2. शुक्ल अष्टमी
    23:04, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:47 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    04:15, 1 नव॰ तक
  3. श्रवणस्वामी चन्द्र
    02:53, 2 नव॰ तक
योग
  1. धृति
    16:12 तक
  2. शूल
    13:15, 1 नव॰ तक
करण
  1. गर
    14:19 तक
  2. वणिज
    01:11, 1 नव॰ तक
  3. विष्टि
    12:07, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:40
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
17:00
बिंब मध्य 16:56
चंद्रोदय
11:34
चंद्रास्त
22:28
दिनमान
11h 20m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
धनु
11:24 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:50
  • प्रातः संध्या04:24 –05:40
  • अभिजित मुहूर्त10:57 –11:43
  • विजय मुहूर्त13:13 –13:59
  • गोधूलि मुहूर्त17:00 –17:25
  • सायाह्न संध्या17:00 –18:16
  • निशीथ मुहूर्त22:55 –23:46
  • अमृत काल22:16 –23:46
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:05 –08:30
  • यमगंड09:55 –11:20
  • गुलिक काल12:45 –14:10
  • दुर्मुहूर्त11:43 –12:28
  • दुर्मुहूर्त13:59 –14:44
  • वर्ज्य13:17 –14:47
  • भद्रा01:11 –05:41, 1 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:40 – 07:05
  • कालहानि07:05 – 08:30
  • शुभशुभ08:30 – 09:55
  • रोगअनिष्ट09:55 – 11:20
  • उद्वेगअशुभ11:20 – 12:45
  • चरसम12:45 – 14:10
  • लाभलाभ14:10 – 15:35
  • अमृतश्रेष्ठ15:35 – 17:00
रात
  • चरसम17:00 – 18:35
  • रोगअनिष्ट18:35 – 20:10
  • कालहानि20:10 – 21:45
  • लाभलाभ21:45 – 23:20
  • उद्वेगअशुभ23:20 – 00:55
  • शुभशुभ00:55 – 02:31
  • अमृतश्रेष्ठ02:31 – 04:06
  • चरसम04:06 – 05:41

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:40–06:37
शनि06:37–07:34
गुरु07:34–08:30
मंगल08:30–09:27
सूर्य09:27–10:23
शुक्र10:23–11:20
बुध11:20–12:17
चन्द्र12:17–13:13
शनि13:13–14:10
गुरु14:10–15:07
मंगल15:07–16:03
सूर्य16:03–17:00
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:00–18:03
बुध18:03–19:07
चन्द्र19:07–20:10
शनि20:10–21:13
गुरु21:13–22:17
मंगल22:17–23:20
सूर्य23:20–00:24
शुक्र00:24–01:27
बुध01:27–02:31
चन्द्र02:31–03:34
शनि03:34–04:37
गुरु04:37–05:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:47 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद11:24 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद17:00 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद22:38 तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद04:15, 1 नव॰ तक
  • श्रवण 1 पद09:54, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 20m
रात्रिमान
12h 41m
मध्याह्न
11:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 11:24 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 05:47 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · 04:15, 1 नव॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
श्रवण · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 11:24 तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 01:11, 1 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 01:11, 1 नव॰ तकश्मशान में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:40 –05:47
  • मृत्यु पंचक05:47 –06:58
  • अग्नि पंचक06:58 –09:14
  • शुभ मुहूर्त09:14 –11:20
  • राज पंचक11:20 –13:06
  • शुभ मुहूर्त13:06 –14:40
  • चोर पंचक14:40 –16:11
  • राज पंचक16:11 –17:52
  • शुभ मुहूर्त17:52 –19:50
  • चोर पंचक19:50 –22:03
  • शुभ मुहूर्त22:03 –00:19, 1 नव॰
  • रोग पंचक00:19 –01:11, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:11 –02:30, 1 नव॰
  • मृत्यु पंचक02:30 –04:15, 1 नव॰
  • अग्नि पंचक04:15 –04:40, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:40 –05:41, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:44 –06:58
  • वृश्चिक06:58 –09:14
  • धनु09:14 –11:20
  • मकर11:20 –13:06
  • कुम्भ13:06 –14:40
  • मीन14:40 –16:11
  • मेष16:11 –17:52
  • वृषभ17:52 –19:50
  • मिथुन19:50 –22:03
  • कर्क22:03 –00:19, 1 नव॰
  • सिंह00:19 –02:30, 1 नव॰
  • कन्या02:30 –04:40, 1 नव॰
  • तुला04:40 –06:55, 1 नव॰

पंचांग · कोलकाता, 31 अक्टूबर 2022

सोमवार, 31 अक्टूबर 2022 को कोलकाता में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 17:00 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 1 नवंबर 01:11 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 05:47 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग धृति 16:12 तक, फिर शूल; करण गर 14:19 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:05–08:30, अभिजित मुहूर्त 10:57–11:43। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल सप्तमी 1 नवंबर 01:11 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:40, कोलकाता)।

31 अक्टूबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 05:47 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 11:24 तक।

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:05–08:30, यमगण्ड 09:55–11:20, गुलिक काल 12:45–14:10।

कोलकाता में 31 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 17:00, चंद्रोदय 11:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 10:57–11:43, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1760° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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