पंचांग · शुक्रवार, 25 अप्रैल 2031कोच्चि

वैशाख · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:10सूर्योदय18:36सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 04:24, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी
16:30 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1018:36
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:50 –12:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:10दिन18:36
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:36रात06:10
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    04:24, 26 अप्रैल तक
  2. शुक्ल पंचमी
    06:52, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    16:30 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    19:24, 26 अप्रैल तक
योग
  1. शोभन
    21:16 तक
  2. अतिगण्ड
    22:10, 26 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    15:16 तक
  2. विष्टि
    04:24, 26 अप्रैल तक
  3. बव
    17:37, 26 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:10
बिंब मध्य 06:13
सूर्यास्त
18:36
बिंब मध्य 18:32
चंद्रोदय
08:48
चंद्रास्त
21:44
दिनमान
12h 26m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृषभ
05:55, 26 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:24
  • प्रातः संध्या05:01 –06:10
  • अभिजित मुहूर्त11:58 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:27 –15:17
  • गोधूलि मुहूर्त18:36 –18:59
  • सायाह्न संध्या18:36 –19:45
  • निशीथ मुहूर्त00:00 –00:46, 26 अप्रैल
  • अमृत काल12:58 –14:44
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:50 –12:23
  • यमगंड15:29 –17:03
  • गुलिक काल07:43 –09:17
  • दुर्मुहूर्त08:39 –09:29
  • दुर्मुहूर्त12:48 –13:38
  • वर्ज्य07:39 –09:25
  • वर्ज्य22:47 –00:34, 26 अप्रैल
  • भद्रा15:16 –04:24, 26 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:10 – 07:43
  • लाभलाभ07:43 – 09:17
  • अमृतश्रेष्ठ09:17 – 10:50
  • कालहानि10:50 – 12:23
  • शुभशुभ12:23 – 13:56
  • रोगअनिष्ट13:56 – 15:29
  • उद्वेगअशुभ15:29 – 17:03
  • चरसम17:03 – 18:36
रात
  • रोगअनिष्ट18:36 – 20:03
  • कालहानि20:03 – 21:29
  • लाभलाभ21:29 – 22:56
  • उद्वेगअशुभ22:56 – 00:23
  • शुभशुभ00:23 – 01:50
  • अमृतश्रेष्ठ01:50 – 03:16
  • चरसम03:16 – 04:43
  • रोगअनिष्ट04:43 – 06:10

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:10–07:12
बुध07:12–08:14
चन्द्र08:14–09:17
शनि09:17–10:19
गुरु10:19–11:21
मंगल11:21–12:23
सूर्य12:23–13:25
शुक्र13:25–14:27
बुध14:27–15:29
चन्द्र15:29–16:32
शनि16:32–17:34
गुरु17:34–18:36
रात
ग्रहसमय
मंगल18:36–19:34
सूर्य19:34–20:32
शुक्र20:32–21:29
बुध21:29–22:27
चन्द्र22:27–23:25
शनि23:25–00:23
गुरु00:23–01:21
मंगल01:21–02:18
सूर्य02:18–03:16
शुक्र03:16–04:14
बुध04:14–05:12
चन्द्र05:12–06:10

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 3 पद09:50 तक
  • रोहिणी 4 पद16:30 तक
  • मृगशिरा 1 पद23:12 तक
  • मृगशिरा 2 पद05:55, 26 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 3 पद12:39, 26 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 4 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 26m
रात्रिमान
11h 34m
मध्याह्न
12:23

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 05:55, 26 अप्रैल तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 16:30 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण · 05:55, 26 अप्रैल तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:24, 26 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 04:24, 26 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:10 –07:27
  • शुभ मुहूर्त07:27 –09:30
  • रोग पंचक09:30 –11:41
  • शुभ मुहूर्त11:41 –13:49
  • मृत्यु पंचक13:49 –15:49
  • अग्नि पंचक15:49 –16:30
  • शुभ मुहूर्त16:30 –17:48
  • राज पंचक17:48 –19:52
  • शुभ मुहूर्त19:52 –22:03
  • चोर पंचक22:03 –00:11, 26 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:11 –02:06, 26 अप्रैल
  • रोग पंचक02:06 –03:50, 26 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:50 –04:24, 26 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:24 –05:33, 26 अप्रैल
  • रोग पंचक05:33 –06:10, 26 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:36 –07:27
  • वृषभ07:27 –09:30
  • मिथुन09:30 –11:41
  • कर्क11:41 –13:49
  • सिंह13:49 –15:49
  • कन्या15:49 –17:48
  • तुला17:48 –19:52
  • वृश्चिक19:52 –22:03
  • धनु22:03 –00:11, 26 अप्रैल
  • मकर00:11 –02:06, 26 अप्रैल
  • कुम्भ02:06 –03:50, 26 अप्रैल
  • मीन03:50 –05:33, 26 अप्रैल
  • मेष05:33 –07:23, 26 अप्रैल

पंचांग · कोच्चि, 25 अप्रैल 2031

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2031 को कोच्चि में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 18:36 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 26 अप्रैल 04:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र रोहिणी 16:30 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 21:16 तक, फिर अतिगण्ड; करण वणिज 15:16 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:50–12:23, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:48। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोच्चि में 25 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 26 अप्रैल 04:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:10, कोच्चि)।

25 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 16:30 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 26 अप्रैल 05:55 तक।

कोच्चि में 25 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:50–12:23, यमगण्ड 15:29–17:03, गुलिक काल 07:43–09:17।

कोच्चि में 25 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:36, चंद्रोदय 08:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

25 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:58–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:24। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोच्चि हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2945° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP