पंचांग · शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030काठमांडू
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी20:46 तक
- शुक्ल नवमी19:08, 5 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र02:50, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य02:00, 6 अक्टू॰ तक
- शोभन14:55 तक
- अतिगण्ड12:25, 5 अक्टू॰ तक
- विष्टि09:41 तक
- बव20:46 तक
- बालव07:55, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:58बिंब मध्य 06:01
- सूर्यास्त
- 17:47बिंब मध्य 17:42
- चंद्रोदय
- 12:50
- चंद्रास्त
- 23:49
- दिनमान
- 11h 49m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु08:36, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:09
- प्रातः संध्या04:45 –05:58
- अभिजित मुहूर्त11:29 –12:16
- विजय मुहूर्त13:50 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:47 –18:11
- सायाह्न संध्या17:47 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:28 –00:17, 5 अक्टू॰
- अमृत काल22:15 –23:46
- राहु काल10:24 –11:52
- यमगंड14:50 –16:18
- गुलिक काल07:26 –08:55
- दुर्मुहूर्त08:20 –09:07
- दुर्मुहूर्त12:16 –13:03
- वर्ज्य13:05 –14:37
- भद्रा05:58 –09:41
चौघड़िया
- चरसम05:58 – 07:26
- लाभलाभ07:26 – 08:55
- अमृतश्रेष्ठ08:55 – 10:24
- कालहानि10:24 – 11:52
- शुभशुभ11:52 – 13:21
- रोगअनिष्ट13:21 – 14:50
- उद्वेगअशुभ14:50 – 16:18
- चरसम16:18 – 17:47
- रोगअनिष्ट17:47 – 19:18
- कालहानि19:18 – 20:50
- लाभलाभ20:50 – 22:21
- उद्वेगअशुभ22:21 – 23:53
- शुभशुभ23:53 – 01:24
- अमृतश्रेष्ठ01:24 – 02:55
- चरसम02:55 – 04:27
- रोगअनिष्ट04:27 – 05:58
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:58–06:57 |
| बुध | 06:57–07:56 |
| चन्द्र | 07:56–08:55 |
| शनि | 08:55–09:54 |
| गुरु | 09:54–10:53 |
| मंगल | 10:53–11:52 |
| सूर्य | 11:52–12:51 |
| शुक्र | 12:51–13:50 |
| बुध | 13:50–14:50 |
| चन्द्र | 14:50–15:49 |
| शनि | 15:49–16:48 |
| गुरु | 16:48–17:47 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:47–18:48 |
| सूर्य | 18:48–19:49 |
| शुक्र | 19:49–20:50 |
| बुध | 20:50–21:51 |
| चन्द्र | 21:51–22:52 |
| शनि | 22:52–23:53 |
| गुरु | 23:53–00:53 |
| मंगल | 00:53–01:54 |
| सूर्य | 01:54–02:55 |
| शुक्र | 02:55–03:56 |
| बुध | 03:56–04:57 |
| चन्द्र | 04:57–05:58 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद09:38 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद15:21 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद21:05 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद02:50, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद08:36, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 49m
- रात्रिमान
- 12h 11m
- मध्याह्न
- 11:52
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:46 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 20:46 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:58 –07:02
- शुभ मुहूर्त07:02 –09:21
- चोर पंचक09:21 –11:39
- शुभ मुहूर्त11:39 –13:43
- रोग पंचक13:43 –15:26
- शुभ मुहूर्त15:26 –16:54
- मृत्यु पंचक16:54 –18:20
- रोग पंचक18:20 –19:56
- शुभ मुहूर्त19:56 –20:46
- मृत्यु पंचक20:46 –21:52
- अग्नि पंचक21:52 –00:07, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:07 –02:26, 5 अक्टू॰
- राज पंचक02:26 –02:50, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:50 –04:43, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक04:43 –05:58, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:47 –07:02
- तुला07:02 –09:21
- वृश्चिक09:21 –11:39
- धनु11:39 –13:43
- मकर13:43 –15:26
- कुम्भ15:26 –16:54
- मीन16:54 –18:20
- मेष18:20 –19:56
- वृषभ19:56 –21:52
- मिथुन21:52 –00:07, 5 अक्टू॰
- कर्क00:07 –02:26, 5 अक्टू॰
- सिंह02:26 –04:43, 5 अक्टू॰
- कन्या04:43 –06:58, 5 अक्टू॰
पंचांग · काठमांडू, 4 अक्टूबर 2030
शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2030 को काठमांडू में सूर्योदय 05:58 और सूर्यास्त 17:47 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 20:46 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 5 अक्टूबर 02:50 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शोभन 14:55 तक, फिर अतिगण्ड; करण विष्टि 09:41 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:24–11:52, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:16। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
काठमांडू में 4 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 20:46 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 05:58, काठमांडू)।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 5 अक्टूबर 02:50 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अक्टूबर 08:36 तक।
काठमांडू में 4 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:24–11:52, यमगण्ड 14:50–16:18, गुलिक काल 07:26–08:55।
काठमांडू में 4 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 17:47, चंद्रोदय 12:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:29–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दुर्गा अष्टमी।
काठमांडू हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2867° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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