पंचांग · बुधवार, 4 सितंबर 2030काठमांडू
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी16:43 तक
- शुक्ल अष्टमी14:37, 5 सित॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि01:11, 5 सित॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध23:51, 5 सित॰ तक
- वैधृति17:42 तक
- विष्कुम्भ14:55, 5 सित॰ तक
- गर05:46 तक
- वणिज16:43 तक
- विष्टि03:40, 5 सित॰ तक
- बव14:37, 5 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:44बिंब मध्य 05:47
- सूर्यास्त
- 18:21बिंब मध्य 18:17
- चंद्रोदय
- 12:02
- चंद्रास्त
- 22:49
- दिनमान
- 12h 37m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक23:51, 5 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:13 –04:58
- प्रातः संध्या04:36 –05:44
- अभिजित मुहूर्त11:37 –12:28
- विजय मुहूर्त14:09 –14:59
- गोधूलि मुहूर्त18:21 –18:44
- सायाह्न संध्या18:21 –19:30
- निशीथ मुहूर्त23:40 –00:26, 5 सित॰
- अमृत काल15:21 –16:52
- राहु काल12:03 –13:37
- यमगंड07:18 –08:53
- गुलिक काल10:28 –12:03
- दुर्मुहूर्त11:37 –12:28
- वर्ज्य06:17 –07:48
- गंड मूल01:11 –05:44, 5 सित॰
- भद्रा16:43 –03:40, 5 सित॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:44 – 07:18
- अमृतश्रेष्ठ07:18 – 08:53
- कालहानि08:53 – 10:28
- शुभशुभ10:28 – 12:03
- रोगअनिष्ट12:03 – 13:37
- उद्वेगअशुभ13:37 – 15:12
- चरसम15:12 – 16:47
- लाभलाभ16:47 – 18:21
- उद्वेगअशुभ18:21 – 19:47
- शुभशुभ19:47 – 21:12
- अमृतश्रेष्ठ21:12 – 22:37
- चरसम22:37 – 00:03
- रोगअनिष्ट00:03 – 01:28
- कालहानि01:28 – 02:54
- लाभलाभ02:54 – 04:19
- उद्वेगअशुभ04:19 – 05:44
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:44–06:47 |
| चन्द्र | 06:47–07:50 |
| शनि | 07:50–08:53 |
| गुरु | 08:53–09:56 |
| मंगल | 09:56–10:59 |
| सूर्य | 10:59–12:03 |
| शुक्र | 12:03–13:06 |
| बुध | 13:06–14:09 |
| चन्द्र | 14:09–15:12 |
| शनि | 15:12–16:15 |
| गुरु | 16:15–17:18 |
| मंगल | 17:18–18:21 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:21–19:18 |
| शुक्र | 19:18–20:15 |
| बुध | 20:15–21:12 |
| चन्द्र | 21:12–22:09 |
| शनि | 22:09–23:06 |
| गुरु | 23:06–00:03 |
| मंगल | 00:03–01:00 |
| सूर्य | 01:00–01:57 |
| शुक्र | 01:57–02:54 |
| बुध | 02:54–03:50 |
| चन्द्र | 03:50–04:47 |
| शनि | 04:47–05:44 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 1 पद08:11 तक
- अनुराधा 2 पद13:51 तक
- अनुराधा 3 पद19:31 तक
- अनुराधा 4 पद01:11, 5 सित॰ तक
- ज्येष्ठा 1 पद06:51, 5 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 37m
- रात्रिमान
- 11h 23m
- मध्याह्न
- 12:03
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:43 तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 16:43 तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:44 –06:45
- शुभ मुहूर्त06:45 –09:00
- रोग पंचक09:00 –11:19
- शुभ मुहूर्त11:19 –13:37
- मृत्यु पंचक13:37 –15:41
- अग्नि पंचक15:41 –16:43
- शुभ मुहूर्त16:43 –17:24
- राज पंचक17:24 –18:52
- शुभ मुहूर्त18:52 –21:54
- राज पंचक21:54 –23:50
- शुभ मुहूर्त23:50 –01:11, 5 सित॰
- चोर पंचक01:11 –02:05, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:05 –04:24, 5 सित॰
- रोग पंचक04:24 –05:44, 5 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:28 –06:45
- कन्या06:45 –09:00
- तुला09:00 –11:19
- वृश्चिक11:19 –13:37
- धनु13:37 –15:41
- मकर15:41 –17:24
- कुम्भ17:24 –18:52
- मीन18:52 –20:18
- मेष20:18 –21:54
- वृषभ21:54 –23:50
- मिथुन23:50 –02:05, 5 सित॰
- कर्क02:05 –04:24, 5 सित॰
- सिंह04:24 –06:41, 5 सित॰
पंचांग · काठमांडू, 4 सितंबर 2030
बुधवार, 4 सितंबर 2030 को काठमांडू में सूर्योदय 05:44 और सूर्यास्त 18:21 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 16:43 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र अनुराधा 5 सितंबर 01:11 तक, फिर ज्येष्ठा; योग वैधृति 17:42 तक, फिर विष्कुम्भ; करण गर 05:46 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 12:03–13:37, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:28। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
काठमांडू में 4 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 16:43 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:44, काठमांडू)।
4 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 5 सितंबर 01:11 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 5 सितंबर 23:51 तक।
काठमांडू में 4 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:03–13:37, यमगण्ड 07:18–08:53, गुलिक काल 10:28–12:03।
काठमांडू में 4 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 18:21, चंद्रोदय 12:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:37–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
काठमांडू हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2856° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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