पंचांग · सोमवार, 20 अक्टूबर 2031कानपुर

आश्विन · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:10सूर्योदय17:36सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 08:24 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
01:06, 21 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1017:36
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:36 –09:02
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:10दिन17:36
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
गुलिक काल
वर्ज्य
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:36रात06:11
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    08:24 तक
  2. शुक्ल पंचमी
    06:26, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    01:06, 21 अक्टू॰ तक
  2. मूलस्वामी केतु
    23:46, 21 अक्टू॰ तक
योग
  1. सौभाग्य
    09:50 तक
  2. शोभन
    07:05, 21 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    08:24 तक
  2. बव
    19:27 तक
  3. बालव
    06:26, 21 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:10
बिंब मध्य 06:14
सूर्यास्त
17:36
बिंब मध्य 17:32
चंद्रोदय
09:55
चंद्रास्त
20:55
दिनमान
11h 26m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
01:06, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:20
  • प्रातः संध्या04:55 –06:10
  • अभिजित मुहूर्त11:30 –12:16
  • विजय मुहूर्त13:48 –14:33
  • गोधूलि मुहूर्त17:36 –18:02
  • सायाह्न संध्या17:36 –18:52
  • निशीथ मुहूर्त23:28 –00:19, 21 अक्टू॰
  • अमृत काल16:45 –18:16
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:36 –09:02
  • यमगंड10:28 –11:53
  • गुलिक काल13:19 –14:45
  • दुर्मुहूर्त12:16 –13:02
  • दुर्मुहूर्त14:33 –15:19
  • वर्ज्य07:38 –09:09
  • गंड मूल06:10 –01:06, 21 अक्टू॰
  • गंड मूल01:06 –06:11, 21 अक्टू॰
  • भद्रा06:10 –08:24

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:10 – 07:36
  • कालहानि07:36 – 09:02
  • शुभशुभ09:02 – 10:28
  • रोगअनिष्ट10:28 – 11:53
  • उद्वेगअशुभ11:53 – 13:19
  • चरसम13:19 – 14:45
  • लाभलाभ14:45 – 16:11
  • अमृतश्रेष्ठ16:11 – 17:36
रात
  • चरसम17:36 – 19:11
  • रोगअनिष्ट19:11 – 20:45
  • कालहानि20:45 – 22:19
  • लाभलाभ22:19 – 23:54
  • उद्वेगअशुभ23:54 – 01:28
  • शुभशुभ01:28 – 03:02
  • अमृतश्रेष्ठ03:02 – 04:37
  • चरसम04:37 – 06:11

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:10–07:07
शनि07:07–08:05
गुरु08:05–09:02
मंगल09:02–09:59
सूर्य09:59–10:56
शुक्र10:56–11:53
बुध11:53–12:51
चन्द्र12:51–13:48
शनि13:48–14:45
गुरु14:45–15:42
मंगल15:42–16:39
सूर्य16:39–17:36
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:36–18:39
बुध18:39–19:42
चन्द्र19:42–20:45
शनि20:45–21:48
गुरु21:48–22:51
मंगल22:51–23:54
सूर्य23:54–00:56
शुक्र00:56–01:59
बुध01:59–03:02
चन्द्र03:02–04:05
शनि04:05–05:08
गुरु05:08–06:11

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद08:02 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद13:44 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद19:25 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद01:06, 21 अक्टू॰ तक
  • मूल 1 पद06:47, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 26m
रात्रिमान
12h 35m
मध्याह्न
11:53

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 01:06, 21 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 01:06, 21 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 01:06, 21 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 08:24 तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:10 –08:22
  • शुभ मुहूर्त08:22 –08:24
  • चोर पंचक08:24 –10:39
  • शुभ मुहूर्त10:39 –12:43
  • रोग पंचक12:43 –14:27
  • शुभ मुहूर्त14:27 –15:57
  • मृत्यु पंचक15:57 –17:24
  • रोग पंचक17:24 –19:02
  • शुभ मुहूर्त19:02 –20:58
  • मृत्यु पंचक20:58 –23:12
  • अग्नि पंचक23:12 –01:06, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:06 –01:31, 21 अक्टू॰
  • राज पंचक01:31 –03:46, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:46 –06:00, 21 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:00 –06:11, 21 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:04 –08:22
  • वृश्चिक08:22 –10:39
  • धनु10:39 –12:43
  • मकर12:43 –14:27
  • कुम्भ14:27 –15:57
  • मीन15:57 –17:24
  • मेष17:24 –19:02
  • वृषभ19:02 –20:58
  • मिथुन20:58 –23:12
  • कर्क23:12 –01:31, 21 अक्टू॰
  • सिंह01:31 –03:46, 21 अक्टू॰
  • कन्या03:46 –06:00, 21 अक्टू॰
  • तुला06:00 –08:18, 21 अक्टू॰

पंचांग · कानपुर, 20 अक्टूबर 2031

सोमवार, 20 अक्टूबर 2031 को कानपुर में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 17:36 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल; योग सौभाग्य 09:50 तक, फिर शोभन; करण विष्टि 08:24 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:36–09:02, अभिजित मुहूर्त 11:30–12:16। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कानपुर में 20 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:10, कानपुर)।

20 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 21 अक्टूबर 01:06 तक।

कानपुर में 20 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:36–09:02, यमगण्ड 10:28–11:53, गुलिक काल 13:19–14:45।

कानपुर में 20 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:36, चंद्रोदय 09:55 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:30–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:20। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कानपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3013° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP