पंचांग · बुधवार, 30 अक्टूबर 2030जम्मू
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्थी13:08 तक
- शुक्ल पंचमी10:25, 31 अक्टू॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध12:05 तक
- मूलस्वामी केतु10:06, 31 अक्टू॰ तक
- अतिगण्ड23:29 तक
- सुकर्मा20:13, 31 अक्टू॰ तक
- विष्टि13:08 तक
- बव23:44 तक
- बालव10:25, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:46बिंब मध्य 06:50
- सूर्यास्त
- 17:42बिंब मध्य 17:37
- चंद्रोदय
- 10:27
- चंद्रास्त
- 20:53
- दिनमान
- 10h 56m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक12:05 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:02 –05:54
- प्रातः संध्या05:28 –06:46
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:36
- विजय मुहूर्त14:03 –14:47
- गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
- सायाह्न संध्या17:42 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:48 –00:41, 31 अक्टू॰
- अमृत काल04:14 –05:42, 31 अक्टू॰
- राहु काल12:14 –13:36
- यमगंड08:08 –09:30
- गुलिक काल10:52 –12:14
- दुर्मुहूर्त11:52 –12:36
- गंड मूल06:46 –12:05
- गंड मूल12:05 –06:47, 31 अक्टू॰
- भद्रा06:46 –13:08
चौघड़िया
- लाभलाभ06:46 – 08:08
- अमृतश्रेष्ठ08:08 – 09:30
- कालहानि09:30 – 10:52
- शुभशुभ10:52 – 12:14
- रोगअनिष्ट12:14 – 13:36
- उद्वेगअशुभ13:36 – 14:58
- चरसम14:58 – 16:20
- लाभलाभ16:20 – 17:42
- उद्वेगअशुभ17:42 – 19:20
- शुभशुभ19:20 – 20:58
- अमृतश्रेष्ठ20:58 – 22:36
- चरसम22:36 – 00:14
- रोगअनिष्ट00:14 – 01:53
- कालहानि01:53 – 03:31
- लाभलाभ03:31 – 05:09
- उद्वेगअशुभ05:09 – 06:47
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:46–07:41 |
| चन्द्र | 07:41–08:36 |
| शनि | 08:36–09:30 |
| गुरु | 09:30–10:25 |
| मंगल | 10:25–11:19 |
| सूर्य | 11:19–12:14 |
| शुक्र | 12:14–13:09 |
| बुध | 13:09–14:03 |
| चन्द्र | 14:03–14:58 |
| शनि | 14:58–15:53 |
| गुरु | 15:53–16:47 |
| मंगल | 16:47–17:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:42–18:47 |
| शुक्र | 18:47–19:53 |
| बुध | 19:53–20:58 |
| चन्द्र | 20:58–22:04 |
| शनि | 22:04–23:09 |
| गुरु | 23:09–00:14 |
| मंगल | 00:14–01:20 |
| सूर्य | 01:20–02:25 |
| शुक्र | 02:25–03:31 |
| बुध | 03:31–04:36 |
| चन्द्र | 04:36–05:42 |
| शनि | 05:42–06:47 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 4 पद12:05 तक
- मूल 1 पद17:34 तक
- मूल 2 पद23:03 तक
- मूल 3 पद04:34, 31 अक्टू॰ तक
- मूल 4 पद10:06, 31 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 56m
- रात्रिमान
- 13h 5m
- मध्याह्न
- 12:14
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 12:05 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 13:08 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 13:08 तककैलाश पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:46 –08:15
- शुभ मुहूर्त08:15 –10:35
- रोग पंचक10:35 –12:05
- शुभ मुहूर्त12:05 –12:38
- मृत्यु पंचक12:38 –13:08
- अग्नि पंचक13:08 –14:17
- शुभ मुहूर्त14:17 –15:40
- राज पंचक15:40 –17:00
- अग्नि पंचक17:00 –18:32
- शुभ मुहूर्त18:32 –20:25
- राज पंचक20:25 –22:41
- शुभ मुहूर्त22:41 –01:05, 31 अक्टू॰
- चोर पंचक01:05 –03:26, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:26 –05:47, 31 अक्टू॰
- रोग पंचक05:47 –06:47, 31 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:51 –08:15
- वृश्चिक08:15 –10:35
- धनु10:35 –12:38
- मकर12:38 –14:17
- कुम्भ14:17 –15:40
- मीन15:40 –17:00
- मेष17:00 –18:32
- वृषभ18:32 –20:25
- मिथुन20:25 –22:41
- कर्क22:41 –01:05, 31 अक्टू॰
- सिंह01:05 –03:26, 31 अक्टू॰
- कन्या03:26 –05:47, 31 अक्टू॰
- तुला05:47 –08:11, 31 अक्टू॰
पंचांग · जम्मू, 30 अक्टूबर 2030
बुधवार, 30 अक्टूबर 2030 को जम्मू में सूर्योदय 06:46 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 13:08 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 12:05 तक, फिर मूल; योग अतिगण्ड 23:29 तक, फिर सुकर्मा; करण विष्टि 13:08 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:14–13:36, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:36। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जम्मू में 30 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्थी 13:08 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:46, जम्मू)।
30 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 12:05 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 12:05 तक।
जम्मू में 30 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:14–13:36, यमगण्ड 08:08–09:30, गुलिक काल 10:52–12:14।
जम्मू में 30 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 10:27 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 05:02–05:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जम्मू हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2877° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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