पंचांग · सोमवार, 15 अप्रैल 2030जम्मू
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी18:04 तक
- शुक्ल त्रयोदशी15:26, 16 अप्रैल तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र20:20 तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य18:24, 16 अप्रैल तक
- वृद्धि18:07 तक
- ध्रुव14:52, 16 अप्रैल तक
- बव07:09 तक
- बालव18:04 तक
- कौलव04:49, 16 अप्रैल तक
- तैतिल15:26, 16 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:01बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 19:00बिंब मध्य 18:56
- चंद्रोदय
- 16:06
- चंद्रास्त
- 03:47
- दिनमान
- 12h 59m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- सिंह01:54, 16 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:17
- प्रातः संध्या04:55 –06:01
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:57
- विजय मुहूर्त14:41 –15:33
- गोधूलि मुहूर्त19:00 –19:22
- सायाह्न संध्या19:00 –20:06
- निशीथ मुहूर्त00:08 –00:52, 16 अप्रैल
- अमृत काल14:17 –15:48
- राहु काल07:39 –09:16
- यमगंड10:54 –12:31
- गुलिक काल14:08 –15:46
- दुर्मुहूर्त12:57 –13:49
- दुर्मुहूर्त15:33 –16:25
- वर्ज्य05:12 –06:43
- वर्ज्य02:57 –04:26, 16 अप्रैल
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:01 – 07:39
- कालहानि07:39 – 09:16
- शुभशुभ09:16 – 10:54
- रोगअनिष्ट10:54 – 12:31
- उद्वेगअशुभ12:31 – 14:08
- चरसम14:08 – 15:46
- लाभलाभ15:46 – 17:23
- अमृतश्रेष्ठ17:23 – 19:00
- चरसम19:00 – 20:23
- रोगअनिष्ट20:23 – 21:45
- कालहानि21:45 – 23:08
- लाभलाभ23:08 – 00:30
- उद्वेगअशुभ00:30 – 01:53
- शुभशुभ01:53 – 03:15
- अमृतश्रेष्ठ03:15 – 04:38
- चरसम04:38 – 06:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:01–07:06 |
| शनि | 07:06–08:11 |
| गुरु | 08:11–09:16 |
| मंगल | 09:16–10:21 |
| सूर्य | 10:21–11:26 |
| शुक्र | 11:26–12:31 |
| बुध | 12:31–13:36 |
| चन्द्र | 13:36–14:41 |
| शनि | 14:41–15:46 |
| गुरु | 15:46–16:51 |
| मंगल | 16:51–17:56 |
| सूर्य | 17:56–19:00 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 19:00–19:55 |
| बुध | 19:55–20:50 |
| चन्द्र | 20:50–21:45 |
| शनि | 21:45–22:40 |
| गुरु | 22:40–23:35 |
| मंगल | 23:35–00:30 |
| सूर्य | 00:30–01:25 |
| शुक्र | 01:25–02:20 |
| बुध | 02:20–03:15 |
| चन्द्र | 03:15–04:10 |
| शनि | 04:10–05:05 |
| गुरु | 05:05–06:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद09:04 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद14:43 तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद20:20 तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद01:54, 16 अप्रैल तक
- उत्तर फाल्गुनी 2 पद07:26, 16 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 59m
- रात्रिमान
- 11h 0m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 01:54, 16 अप्रैल तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:04 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 18:04 तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक06:01 –06:03
- रोग पंचक06:03 –07:34
- शुभ मुहूर्त07:34 –09:27
- मृत्यु पंचक09:27 –11:43
- अग्नि पंचक11:43 –14:07
- शुभ मुहूर्त14:07 –16:29
- राज पंचक16:29 –18:04
- शुभ मुहूर्त18:04 –18:49
- चोर पंचक18:49 –20:20
- शुभ मुहूर्त20:20 –21:13
- रोग पंचक21:13 –23:34
- शुभ मुहूर्त23:34 –01:37, 16 अप्रैल
- मृत्यु पंचक01:37 –03:15, 16 अप्रैल
- अग्नि पंचक03:15 –04:38, 16 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:38 –05:59, 16 अप्रैल
- मृत्यु पंचक05:59 –06:00, 16 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:42 –06:03
- मेष06:03 –07:34
- वृषभ07:34 –09:27
- मिथुन09:27 –11:43
- कर्क11:43 –14:07
- सिंह14:07 –16:29
- कन्या16:29 –18:49
- तुला18:49 –21:13
- वृश्चिक21:13 –23:34
- धनु23:34 –01:37, 16 अप्रैल
- मकर01:37 –03:15, 16 अप्रैल
- कुम्भ03:15 –04:38, 16 अप्रैल
- मीन04:38 –05:59, 16 अप्रैल
- मेष05:59 –07:30, 16 अप्रैल
पंचांग · जम्मू, 15 अप्रैल 2030
सोमवार, 15 अप्रैल 2030 को जम्मू में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 19:00 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 18:04 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 20:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 18:07 तक, फिर ध्रुव; करण बव 07:09 तक, फिर बालव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:39–09:16, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जम्मू में 15 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 18:04 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 06:01, जम्मू)।
15 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 20:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 16 अप्रैल 01:54 तक।
जम्मू में 15 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:39–09:16, यमगण्ड 10:54–12:31, गुलिक काल 14:08–15:46।
जम्मू में 15 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 19:00, चंद्रोदय 16:06 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
15 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:17। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
15 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
सोम प्रदोष।
जम्मू हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2802° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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