पंचांग · गुरुवार, 16 दिसंबर 2027जम्मू

मार्गशीर्ष · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:26सूर्योदय17:26सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 13:22 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
09:12 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:2617:26
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:41 –14:56
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:26दिन17:26
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:26रात07:26
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
गंड मूल
18:0020:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    13:22 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    10:34, 17 दिस॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    09:12 तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    07:07, 17 दिस॰ तक
  3. अश्लेषास्वामी बुध
    05:11, 18 दिस॰ तक
योग
  1. ब्रह्मा
    09:41 तक
  2. इन्द्र
    06:10, 17 दिस॰ तक
  3. वैधृति
    02:46, 18 दिस॰ तक
करण
  1. विष्टि
    13:22 तक
  2. बव
    23:57 तक
  3. बालव
    10:34, 17 दिस॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:26
बिंब मध्य 07:30
सूर्यास्त
17:26
बिंब मध्य 17:21
चंद्रोदय
20:26
चंद्रास्त
09:49
दिनमान
10h 0m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
कर्क
05:11, 18 दिस॰ तक
सूर्य राशि
वृश्चिक

चांद्र पंचांग

अमांत मास
मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास
पौष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:34 –06:30
  • प्रातः संध्या06:02 –07:26
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:46
  • विजय मुहूर्त14:06 –14:46
  • गोधूलि मुहूर्त17:26 –17:54
  • सायाह्न संध्या17:26 –18:50
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:54, 17 दिस॰
  • अमृत काल07:01 –08:29
  • अमृत काल01:16 –02:44, 17 दिस॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:41 –14:56
  • यमगंड07:26 –08:41
  • गुलिक काल09:56 –11:11
  • दुर्मुहूर्त10:46 –11:26
  • दुर्मुहूर्त14:46 –15:26
  • वर्ज्य16:31 –17:58
  • गंड मूल07:07 –07:26, 17 दिस॰
  • भद्रा07:26 –13:22

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ07:26 – 08:41
  • रोगअनिष्ट08:41 – 09:56
  • उद्वेगअशुभ09:56 – 11:11
  • चरसम11:11 – 12:26
  • लाभलाभ12:26 – 13:41
  • अमृतश्रेष्ठ13:41 – 14:56
  • कालहानि14:56 – 16:11
  • शुभशुभ16:11 – 17:26
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:26 – 19:11
  • चरसम19:11 – 20:56
  • रोगअनिष्ट20:56 – 22:41
  • कालहानि22:41 – 00:26
  • लाभलाभ00:26 – 02:11
  • उद्वेगअशुभ02:11 – 03:56
  • शुभशुभ03:56 – 05:41
  • अमृतश्रेष्ठ05:41 – 07:26

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु07:26–08:16
मंगल08:16–09:06
सूर्य09:06–09:56
शुक्र09:56–10:46
बुध10:46–11:36
चन्द्र11:36–12:26
शनि12:26–13:16
गुरु13:16–14:06
मंगल14:06–14:56
सूर्य14:56–15:46
शुक्र15:46–16:36
बुध16:36–17:26
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:26–18:36
शनि18:36–19:46
गुरु19:46–20:56
मंगल20:56–22:06
सूर्य22:06–23:16
शुक्र23:16–00:26
बुध00:26–01:36
चन्द्र01:36–02:46
शनि02:46–03:56
गुरु03:56–05:06
मंगल05:06–06:16
सूर्य06:16–07:26

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 4 पद09:12 तक
  • पुष्य 1 पद14:41 तक
  • पुष्य 2 पद20:09 तक
  • पुष्य 3 पद01:38, 17 दिस॰ तक
  • पुष्य 4 पद07:07, 17 दिस॰ तक
  • अश्लेषा 1 पद12:37, 17 दिस॰ तक
सूर्य नक्षत्र
ज्येष्ठा 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 0m
रात्रिमान
14h 0m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 09:12 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · 07:07, 17 दिस॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
अश्लेषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:22 तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 13:22 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक07:26 –07:31
  • शुभ मुहूर्त07:31 –09:12
  • राज पंचक09:12 –09:34
  • शुभ मुहूर्त09:34 –11:13
  • चोर पंचक11:13 –12:36
  • शुभ मुहूर्त12:36 –13:22
  • रोग पंचक13:22 –13:56
  • चोर पंचक13:56 –15:28
  • शुभ मुहूर्त15:28 –17:21
  • रोग पंचक17:21 –19:37
  • शुभ मुहूर्त19:37 –22:01
  • मृत्यु पंचक22:01 –00:22, 17 दिस॰
  • अग्नि पंचक00:22 –02:43, 17 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त02:43 –05:07, 17 दिस॰
  • राज पंचक05:07 –07:07, 17 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त07:07 –07:26, 17 दिस॰

उदय लग्न

  • वृश्चिक05:11 –07:31
  • धनु07:31 –09:34
  • मकर09:34 –11:13
  • कुम्भ11:13 –12:36
  • मीन12:36 –13:56
  • मेष13:56 –15:28
  • वृषभ15:28 –17:21
  • मिथुन17:21 –19:37
  • कर्क19:37 –22:01
  • सिंह22:01 –00:22, 17 दिस॰
  • कन्या00:22 –02:43, 17 दिस॰
  • तुला02:43 –05:07, 17 दिस॰
  • वृश्चिक05:07 –07:27, 17 दिस॰

पंचांग · जम्मू, 16 दिसंबर 2027

गुरुवार, 16 दिसंबर 2027 को जम्मू में सूर्योदय 07:26 और सूर्यास्त 17:26 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 13:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र पुनर्वसु 09:12 तक, फिर पुष्य; योग ब्रह्मा 09:41 तक, फिर इन्द्र; करण विष्टि 13:22 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 13:41–14:56, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:46। मास पौष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जम्मू में 16 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 13:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 07:26, जम्मू)।

16 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 09:12 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा कर्क राशि में 18 दिसंबर 05:11 तक।

जम्मू में 16 दिसंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:41–14:56, यमगण्ड 07:26–08:41, गुलिक काल 09:56–11:11।

जम्मू में 16 दिसंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:26, सूर्यास्त 17:26, चंद्रोदय 20:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 दिसंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 05:34–06:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

16 दिसंबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

जम्मू हिन्दू कैलेंडर दिसंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2476° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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