पंचांग · शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2030जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्दशी22:56 तक
- अमावस्या21:37, 2 फ़र॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य04:49, 2 फ़र॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र04:16, 3 फ़र॰ तक
- वज्र14:28 तक
- सिद्धि12:05, 2 फ़र॰ तक
- विष्टि11:43 तक
- शकुनि22:56 तक
- चतुष्पाद10:13, 2 फ़र॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 07:12बिंब मध्य 07:16
- सूर्यास्त
- 18:09बिंब मध्य 18:04
- चंद्रोदय
- 05:53
- चंद्रास्त
- 16:57
- दिनमान
- 10h 57m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु11:28 तक
- सूर्य राशि
- मकर
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- पौष
- पूर्णिमांत मास
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- हेमंत
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:28 –06:20
- प्रातः संध्या05:54 –07:12
- अभिजित मुहूर्त12:19 –13:02
- विजय मुहूर्त14:30 –15:14
- गोधूलि मुहूर्त18:09 –18:35
- सायाह्न संध्या18:09 –19:27
- निशीथ मुहूर्त00:14 –01:06, 2 फ़र॰
- अमृत काल22:39 –00:11, 2 फ़र॰
- राहु काल11:18 –12:41
- यमगंड15:25 –16:47
- गुलिक काल08:34 –09:56
- दुर्मुहूर्त09:24 –10:07
- दुर्मुहूर्त13:02 –13:46
- वर्ज्य13:25 –14:57
- भद्रा07:12 –11:43
चौघड़िया
- चरसम07:12 – 08:34
- लाभलाभ08:34 – 09:56
- अमृतश्रेष्ठ09:56 – 11:18
- कालहानि11:18 – 12:41
- शुभशुभ12:41 – 14:03
- रोगअनिष्ट14:03 – 15:25
- उद्वेगअशुभ15:25 – 16:47
- चरसम16:47 – 18:09
- रोगअनिष्ट18:09 – 19:47
- कालहानि19:47 – 21:24
- लाभलाभ21:24 – 23:02
- उद्वेगअशुभ23:02 – 00:40
- शुभशुभ00:40 – 02:18
- अमृतश्रेष्ठ02:18 – 03:56
- चरसम03:56 – 05:34
- रोगअनिष्ट05:34 – 07:12
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 07:12–08:07 |
| बुध | 08:07–09:02 |
| चन्द्र | 09:02–09:56 |
| शनि | 09:56–10:51 |
| गुरु | 10:51–11:46 |
| मंगल | 11:46–12:41 |
| सूर्य | 12:41–13:35 |
| शुक्र | 13:35–14:30 |
| बुध | 14:30–15:25 |
| चन्द्र | 15:25–16:19 |
| शनि | 16:19–17:14 |
| गुरु | 17:14–18:09 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:09–19:14 |
| सूर्य | 19:14–20:19 |
| शुक्र | 20:19–21:24 |
| बुध | 21:24–22:30 |
| चन्द्र | 22:30–23:35 |
| शनि | 23:35–00:40 |
| गुरु | 00:40–01:46 |
| मंगल | 01:46–02:51 |
| सूर्य | 02:51–03:56 |
| शुक्र | 03:56–05:01 |
| बुध | 05:01–06:07 |
| चन्द्र | 06:07–07:12 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 1 पद11:28 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद17:13 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद23:00 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद04:49, 2 फ़र॰ तक
- श्रवण 1 पद10:38, 2 फ़र॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- श्रवण 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शिशिर
- ऋतु (वैदिक)
- हेमंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 10h 57m
- रात्रिमान
- 13h 3m
- मध्याह्न
- 12:41
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व · 11:28 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 22:56 तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 22:56 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त07:12 –07:55
- राज पंचक07:55 –09:24
- शुभ मुहूर्त09:24 –12:28
- राज पंचक12:28 –14:24
- शुभ मुहूर्त14:24 –16:39
- चोर पंचक16:39 –18:58
- शुभ मुहूर्त18:58 –21:13
- रोग पंचक21:13 –22:56
- शुभ मुहूर्त22:56 –23:28
- मृत्यु पंचक23:28 –01:46, 2 फ़र॰
- अग्नि पंचक01:46 –04:03, 2 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त04:03 –04:49, 2 फ़र॰
- राज पंचक04:49 –06:08, 2 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त06:08 –07:12, 2 फ़र॰
उदय लग्न
- मकर06:12 –07:55
- कुम्भ07:55 –09:24
- मीन09:24 –10:51
- मेष10:51 –12:28
- वृषभ12:28 –14:24
- मिथुन14:24 –16:39
- कर्क16:39 –18:58
- सिंह18:58 –21:13
- कन्या21:13 –23:28
- तुला23:28 –01:46, 2 फ़र॰
- वृश्चिक01:46 –04:03, 2 फ़र॰
- धनु04:03 –06:08, 2 फ़र॰
- मकर06:08 –07:51, 2 फ़र॰
पंचांग · जयपुर, 1 फ़रवरी 2030
शुक्रवार, 1 फ़रवरी 2030 को जयपुर में सूर्योदय 07:12 और सूर्यास्त 18:09 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 22:56 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 2 फ़रवरी 04:49 तक, फिर श्रवण; योग वज्र 14:28 तक, फिर सिद्धि; करण विष्टि 11:43 तक, फिर शकुनि। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 11:18–12:41, अभिजित मुहूर्त 12:19–13:02। मास माघ (पूर्णिमांत) / पौष (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 1 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्दशी 22:56 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 07:12, जयपुर)।
1 फ़रवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 2 फ़रवरी 04:49 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा धनु राशि में 11:28 तक।
जयपुर में 1 फ़रवरी 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:18–12:41, यमगण्ड 15:25–16:47, गुलिक काल 08:34–09:56।
जयपुर में 1 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 18:09, चंद्रोदय 05:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 फ़रवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:19–13:02, ब्रह्म मुहूर्त 05:28–06:20। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2774° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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