पंचांग · बुधवार, 4 अक्टूबर 2028जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण प्रतिपदा00:04, 5 अक्टू॰ तक
- कृष्ण द्वितीया01:58, 6 अक्टू॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध00:27, 5 अक्टू॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु02:54, 6 अक्टू॰ तक
- ध्रुव10:02 तक
- व्याघात10:36, 5 अक्टू॰ तक
- बालव11:01 तक
- कौलव00:04, 5 अक्टू॰ तक
- तैतिल13:03, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:21बिंब मध्य 06:24
- सूर्यास्त
- 18:10बिंब मध्य 18:05
- चंद्रोदय
- 18:15
- चंद्रास्त
- 06:44
- दिनमान
- 11h 49m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मीन00:27, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2085
- शक संवत
- 1950
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:32
- प्रातः संध्या05:08 –06:21
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:39
- विजय मुहूर्त14:13 –15:01
- गोधूलि मुहूर्त18:10 –18:34
- सायाह्न संध्या18:10 –19:23
- निशीथ मुहूर्त23:51 –00:40, 5 अक्टू॰
- अमृत काल21:47 –23:34
- राहु काल12:15 –13:44
- यमगंड07:49 –09:18
- गुलिक काल10:47 –12:15
- दुर्मुहूर्त11:52 –12:39
- वर्ज्य11:07 –12:54
- गंड मूल06:21 –00:27, 5 अक्टू॰
- गंड मूल00:27 –06:21, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:21 – 07:49
- अमृतश्रेष्ठ07:49 – 09:18
- कालहानि09:18 – 10:47
- शुभशुभ10:47 – 12:15
- रोगअनिष्ट12:15 – 13:44
- उद्वेगअशुभ13:44 – 15:12
- चरसम15:12 – 16:41
- लाभलाभ16:41 – 18:10
- उद्वेगअशुभ18:10 – 19:41
- शुभशुभ19:41 – 21:13
- अमृतश्रेष्ठ21:13 – 22:44
- चरसम22:44 – 00:16
- रोगअनिष्ट00:16 – 01:47
- कालहानि01:47 – 03:18
- लाभलाभ03:18 – 04:50
- उद्वेगअशुभ04:50 – 06:21
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:21–07:20 |
| चन्द्र | 07:20–08:19 |
| शनि | 08:19–09:18 |
| गुरु | 09:18–10:17 |
| मंगल | 10:17–11:16 |
| सूर्य | 11:16–12:15 |
| शुक्र | 12:15–13:14 |
| बुध | 13:14–14:13 |
| चन्द्र | 14:13–15:12 |
| शनि | 15:12–16:12 |
| गुरु | 16:12–17:11 |
| मंगल | 17:11–18:10 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:10–19:11 |
| शुक्र | 19:11–20:12 |
| बुध | 20:12–21:13 |
| चन्द्र | 21:13–22:14 |
| शनि | 22:14–23:15 |
| गुरु | 23:15–00:16 |
| मंगल | 00:16–01:16 |
| सूर्य | 01:16–02:17 |
| शुक्र | 02:17–03:18 |
| बुध | 03:18–04:19 |
| चन्द्र | 04:19–05:20 |
| शनि | 05:20–06:21 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 2 पद11:09 तक
- रेवती 3 पद17:48 तक
- रेवती 4 पद00:27, 5 अक्टू॰ तक
- अश्विनी 1 पद07:05, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 49m
- रात्रिमान
- 12h 11m
- मध्याह्न
- 12:15
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 00:27, 5 अक्टू॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 00:04, 5 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 00:04, 5 अक्टू॰ तकसभा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:21 –07:22
- शुभ मुहूर्त07:22 –09:40
- मृत्यु पंचक09:40 –11:58
- अग्नि पंचक11:58 –14:02
- शुभ मुहूर्त14:02 –15:46
- राज पंचक15:46 –17:15
- शुभ मुहूर्त17:15 –20:19
- राज पंचक20:19 –22:15
- शुभ मुहूर्त22:15 –00:04, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक00:04 –00:27, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:27 –00:29, 5 अक्टू॰
- रोग पंचक00:29 –02:48, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:48 –05:04, 5 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक05:04 –06:21, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:08 –07:22
- तुला07:22 –09:40
- वृश्चिक09:40 –11:58
- धनु11:58 –14:02
- मकर14:02 –15:46
- कुम्भ15:46 –17:15
- मीन17:15 –18:42
- मेष18:42 –20:19
- वृषभ20:19 –22:15
- मिथुन22:15 –00:29, 5 अक्टू॰
- कर्क00:29 –02:48, 5 अक्टू॰
- सिंह02:48 –05:04, 5 अक्टू॰
- कन्या05:04 –07:18, 5 अक्टू॰
पंचांग · जयपुर, 4 अक्टूबर 2028
बुधवार, 4 अक्टूबर 2028 को जयपुर में सूर्योदय 06:21 और सूर्यास्त 18:10 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 5 अक्टूबर 00:04 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र रेवती 5 अक्टूबर 00:27 तक, फिर अश्विनी; योग ध्रुव 10:02 तक, फिर व्याघात; करण बालव 11:01 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 12:15–13:44, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 अक्टूबर 2028 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण प्रतिपदा 5 अक्टूबर 00:04 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 06:21, जयपुर)।
4 अक्टूबर 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 5 अक्टूबर 00:27 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 5 अक्टूबर 00:27 तक।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2028 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:15–13:44, यमगण्ड 07:49–09:18, गुलिक काल 10:47–12:15।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:10, चंद्रोदय 18:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2588° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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