पंचांग · रविवार, 31 अक्टूबर 2027जयपुर

कार्तिक · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2084भाई दूज

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:36सूर्योदय17:45सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 17:13 तक
नक्षत्र
विशाखा
09:31 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3617:45
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:21 –17:45
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:36दिन17:45
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:45रात06:36
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    17:13 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    17:16, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    09:31 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    09:57, 1 नव॰ तक
योग
  1. सौभाग्य
    20:55 तक
  2. शोभन
    19:53, 1 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    17:13 तक
  2. तैतिल
    05:09, 1 नव॰ तक
  3. गर
    17:16, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:36
बिंब मध्य 06:39
सूर्यास्त
17:45
बिंब मध्य 17:41
चंद्रोदय
08:16
चंद्रास्त
18:51
दिनमान
11h 9m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
वृश्चिक
11:06, 2 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:44
  • प्रातः संध्या05:19 –06:36
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:47
  • गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:11
  • सायाह्न संध्या17:45 –19:02
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 1 नव॰
  • अमृत काल23:22 –00:59, 1 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:21 –17:45
  • यमगंड12:10 –13:34
  • गुलिक काल14:58 –16:21
  • दुर्मुहूर्त16:16 –17:00
  • वर्ज्य13:35 –15:13

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:36 – 07:59
  • चरसम07:59 – 09:23
  • लाभलाभ09:23 – 10:47
  • अमृतश्रेष्ठ10:47 – 12:10
  • कालहानि12:10 – 13:34
  • शुभशुभ13:34 – 14:58
  • रोगअनिष्ट14:58 – 16:21
  • उद्वेगअशुभ16:21 – 17:45
रात
  • शुभशुभ17:45 – 19:21
  • अमृतश्रेष्ठ19:21 – 20:58
  • चरसम20:58 – 22:34
  • रोगअनिष्ट22:34 – 00:11
  • कालहानि00:11 – 01:47
  • लाभलाभ01:47 – 03:23
  • उद्वेगअशुभ03:23 – 05:00
  • शुभशुभ05:00 – 06:36

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:36–07:31
शुक्र07:31–08:27
बुध08:27–09:23
चन्द्र09:23–10:19
शनि10:19–11:15
गुरु11:15–12:10
मंगल12:10–13:06
सूर्य13:06–14:02
शुक्र14:02–14:58
बुध14:58–15:53
चन्द्र15:53–16:49
शनि16:49–17:45
रात
ग्रहसमय
गुरु17:45–18:49
मंगल18:49–19:54
सूर्य19:54–20:58
शुक्र20:58–22:02
बुध22:02–23:06
चन्द्र23:06–00:11
शनि00:11–01:15
गुरु01:15–02:19
मंगल02:19–03:23
सूर्य03:23–04:28
शुक्र04:28–05:32
बुध05:32–06:36

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद09:31 तक
  • अनुराधा 1 पद15:33 तक
  • अनुराधा 2 पद21:39 तक
  • अनुराधा 3 पद03:47, 1 नव॰ तक
  • अनुराधा 4 पद09:57, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 9m
रात्रिमान
12h 51m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 09:31 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:13 तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 17:13 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:36 –07:57
  • शुभ मुहूर्त07:57 –09:31
  • मृत्यु पंचक09:31 –10:15
  • अग्नि पंचक10:15 –12:19
  • शुभ मुहूर्त12:19 –14:03
  • राज पंचक14:03 –15:32
  • शुभ मुहूर्त15:32 –17:13
  • राज पंचक17:13 –18:36
  • शुभ मुहूर्त18:36 –20:32
  • चोर पंचक20:32 –22:46
  • शुभ मुहूर्त22:46 –01:05, 1 नव॰
  • रोग पंचक01:05 –03:21, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:21 –05:35, 1 नव॰
  • मृत्यु पंचक05:35 –06:36, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:39 –07:57
  • वृश्चिक07:57 –10:15
  • धनु10:15 –12:19
  • मकर12:19 –14:03
  • कुम्भ14:03 –15:32
  • मीन15:32 –16:59
  • मेष16:59 –18:36
  • वृषभ18:36 –20:32
  • मिथुन20:32 –22:46
  • कर्क22:46 –01:05, 1 नव॰
  • सिंह01:05 –03:21, 1 नव॰
  • कन्या03:21 –05:35, 1 नव॰
  • तुला05:35 –07:53, 1 नव॰

पंचांग · जयपुर, 31 अक्टूबर 2027

रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को जयपुर में सूर्योदय 06:36 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 17:13 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र विशाखा 09:31 तक, फिर अनुराधा; योग सौभाग्य 20:55 तक, फिर शोभन; करण कौलव 17:13 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 16:21–17:45, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 31 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 17:13 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 06:36, जयपुर)।

31 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 09:31 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 2 नवंबर 11:06 तक।

जयपुर में 31 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:21–17:45, यमगण्ड 12:10–13:34, गुलिक काल 14:58–16:21।

जयपुर में 31 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 08:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

31 अक्टूबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

भाई दूज।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2459° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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