पंचांग · शुक्रवार, 4 नवंबर 2022जयपुर

कार्तिक · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2079देवउठनी एकादशीप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:38सूर्योदय17:42सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 18:08 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
00:12, 5 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3817:42
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:47 –12:10
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:38दिन17:42
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:42रात06:39
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    18:08 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    17:07, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    00:12, 5 नव॰ तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    23:56, 5 नव॰ तक
योग
  1. व्याघात
    03:15, 5 नव॰ तक
  2. हर्षण
    01:23, 6 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    06:47 तक
  2. विष्टि
    18:08 तक
  3. बव
    05:35, 5 नव॰ तक
  4. बालव
    17:07, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:38
बिंब मध्य 06:42
सूर्यास्त
17:42
बिंब मध्य 17:38
चंद्रोदय
15:25
चंद्रास्त
02:25
दिनमान
11h 4m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कुम्भ
18:19 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:47
  • प्रातः संध्या05:21 –06:38
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:01 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
  • सायाह्न संध्या17:42 –19:00
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:37, 5 नव॰
  • अमृत काल16:24 –17:58
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:47 –12:10
  • यमगंड14:56 –16:19
  • गुलिक काल08:01 –09:24
  • दुर्मुहूर्त08:51 –09:35
  • दुर्मुहूर्त12:32 –13:17
  • वर्ज्य07:03 –08:36
  • भद्रा06:47 –18:08

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:38 – 08:01
  • लाभलाभ08:01 – 09:24
  • अमृतश्रेष्ठ09:24 – 10:47
  • कालहानि10:47 – 12:10
  • शुभशुभ12:10 – 13:33
  • रोगअनिष्ट13:33 – 14:56
  • उद्वेगअशुभ14:56 – 16:19
  • चरसम16:19 – 17:42
रात
  • रोगअनिष्ट17:42 – 19:19
  • कालहानि19:19 – 20:56
  • लाभलाभ20:56 – 22:33
  • उद्वेगअशुभ22:33 – 00:11
  • शुभशुभ00:11 – 01:48
  • अमृतश्रेष्ठ01:48 – 03:25
  • चरसम03:25 – 05:02
  • रोगअनिष्ट05:02 – 06:39

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:38–07:34
बुध07:34–08:29
चन्द्र08:29–09:24
शनि09:24–10:20
गुरु10:20–11:15
मंगल11:15–12:10
सूर्य12:10–13:06
शुक्र13:06–14:01
बुध14:01–14:56
चन्द्र14:56–15:51
शनि15:51–16:47
गुरु16:47–17:42
रात
ग्रहसमय
मंगल17:42–18:47
सूर्य18:47–19:52
शुक्र19:52–20:56
बुध20:56–22:01
चन्द्र22:01–23:06
शनि23:06–00:11
गुरु00:11–01:15
मंगल01:15–02:20
सूर्य02:20–03:25
शुक्र03:25–04:30
बुध04:30–05:34
चन्द्र05:34–06:39

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 1 पद06:38 तक
  • पूर्वभाद्रपद 2 पद12:28 तक
  • पूर्वभाद्रपद 3 पद18:19 तक
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद00:12, 5 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद06:06, 5 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद12:01, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 4m
रात्रिमान
12h 57m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कुम्भ · 18:19 तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 00:12, 5 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 18:19 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 18:08 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 18:08 तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:38 –07:40
  • शुभ मुहूर्त07:40 –09:58
  • चोर पंचक09:58 –12:02
  • शुभ मुहूर्त12:02 –13:46
  • रोग पंचक13:46 –15:15
  • शुभ मुहूर्त15:15 –18:08
  • रोग पंचक18:08 –18:19
  • शुभ मुहूर्त18:19 –20:15
  • मृत्यु पंचक20:15 –22:29
  • अग्नि पंचक22:29 –00:12, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:12 –00:48, 5 नव॰
  • राज पंचक00:48 –03:04, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:04 –05:18, 5 नव॰
  • चोर पंचक05:18 –06:39, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:22 –07:40
  • वृश्चिक07:40 –09:58
  • धनु09:58 –12:02
  • मकर12:02 –13:46
  • कुम्भ13:46 –15:15
  • मीन15:15 –16:42
  • मेष16:42 –18:19
  • वृषभ18:19 –20:15
  • मिथुन20:15 –22:29
  • कर्क22:29 –00:48, 5 नव॰
  • सिंह00:48 –03:04, 5 नव॰
  • कन्या03:04 –05:18, 5 नव॰
  • तुला05:18 –07:36, 5 नव॰

पंचांग · जयपुर, 4 नवंबर 2022

शुक्रवार, 4 नवंबर 2022 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग व्याघात 5 नवंबर 03:15 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 06:47 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:47–12:10, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 4 नवंबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।

4 नवंबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 18:19 तक।

जयपुर में 4 नवंबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:47–12:10, यमगण्ड 14:56–16:19, गुलिक काल 08:01–09:24।

जयपुर में 4 नवंबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 15:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 नवंबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1762° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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