पंचांग · शुक्रवार, 4 नवंबर 2022जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी18:08 तक
- शुक्ल द्वादशी17:07, 5 नव॰ तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु00:12, 5 नव॰ तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि23:56, 5 नव॰ तक
- व्याघात03:15, 5 नव॰ तक
- हर्षण01:23, 6 नव॰ तक
- वणिज06:47 तक
- विष्टि18:08 तक
- बव05:35, 5 नव॰ तक
- बालव17:07, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:38बिंब मध्य 06:42
- सूर्यास्त
- 17:42बिंब मध्य 17:38
- चंद्रोदय
- 15:25
- चंद्रास्त
- 02:25
- दिनमान
- 11h 4m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- कुम्भ18:19 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2079
- शक संवत
- 1944
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:47
- प्रातः संध्या05:21 –06:38
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
- विजय मुहूर्त14:01 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
- सायाह्न संध्या17:42 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:37, 5 नव॰
- अमृत काल16:24 –17:58
- राहु काल10:47 –12:10
- यमगंड14:56 –16:19
- गुलिक काल08:01 –09:24
- दुर्मुहूर्त08:51 –09:35
- दुर्मुहूर्त12:32 –13:17
- वर्ज्य07:03 –08:36
- भद्रा06:47 –18:08
चौघड़िया
- चरसम06:38 – 08:01
- लाभलाभ08:01 – 09:24
- अमृतश्रेष्ठ09:24 – 10:47
- कालहानि10:47 – 12:10
- शुभशुभ12:10 – 13:33
- रोगअनिष्ट13:33 – 14:56
- उद्वेगअशुभ14:56 – 16:19
- चरसम16:19 – 17:42
- रोगअनिष्ट17:42 – 19:19
- कालहानि19:19 – 20:56
- लाभलाभ20:56 – 22:33
- उद्वेगअशुभ22:33 – 00:11
- शुभशुभ00:11 – 01:48
- अमृतश्रेष्ठ01:48 – 03:25
- चरसम03:25 – 05:02
- रोगअनिष्ट05:02 – 06:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:38–07:34 |
| बुध | 07:34–08:29 |
| चन्द्र | 08:29–09:24 |
| शनि | 09:24–10:20 |
| गुरु | 10:20–11:15 |
| मंगल | 11:15–12:10 |
| सूर्य | 12:10–13:06 |
| शुक्र | 13:06–14:01 |
| बुध | 14:01–14:56 |
| चन्द्र | 14:56–15:51 |
| शनि | 15:51–16:47 |
| गुरु | 16:47–17:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 17:42–18:47 |
| सूर्य | 18:47–19:52 |
| शुक्र | 19:52–20:56 |
| बुध | 20:56–22:01 |
| चन्द्र | 22:01–23:06 |
| शनि | 23:06–00:11 |
| गुरु | 00:11–01:15 |
| मंगल | 01:15–02:20 |
| सूर्य | 02:20–03:25 |
| शुक्र | 03:25–04:30 |
| बुध | 04:30–05:34 |
| चन्द्र | 05:34–06:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वभाद्रपद 1 पद06:38 तक
- पूर्वभाद्रपद 2 पद12:28 तक
- पूर्वभाद्रपद 3 पद18:19 तक
- पूर्वभाद्रपद 4 पद00:12, 5 नव॰ तक
- उत्तरभाद्रपद 1 पद06:06, 5 नव॰ तक
- उत्तरभाद्रपद 2 पद12:01, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 4m
- रात्रिमान
- 12h 57m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 18:19 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 18:08 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 18:08 तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:38 –07:40
- शुभ मुहूर्त07:40 –09:58
- चोर पंचक09:58 –12:02
- शुभ मुहूर्त12:02 –13:46
- रोग पंचक13:46 –15:15
- शुभ मुहूर्त15:15 –18:08
- रोग पंचक18:08 –18:19
- शुभ मुहूर्त18:19 –20:15
- मृत्यु पंचक20:15 –22:29
- अग्नि पंचक22:29 –00:12, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:12 –00:48, 5 नव॰
- राज पंचक00:48 –03:04, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:04 –05:18, 5 नव॰
- चोर पंचक05:18 –06:39, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:22 –07:40
- वृश्चिक07:40 –09:58
- धनु09:58 –12:02
- मकर12:02 –13:46
- कुम्भ13:46 –15:15
- मीन15:15 –16:42
- मेष16:42 –18:19
- वृषभ18:19 –20:15
- मिथुन20:15 –22:29
- कर्क22:29 –00:48, 5 नव॰
- सिंह00:48 –03:04, 5 नव॰
- कन्या03:04 –05:18, 5 नव॰
- तुला05:18 –07:36, 5 नव॰
पंचांग · जयपुर, 4 नवंबर 2022
शुक्रवार, 4 नवंबर 2022 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग व्याघात 5 नवंबर 03:15 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 06:47 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:47–12:10, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 नवंबर 2022 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 18:08 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।
4 नवंबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वभाद्रपद 5 नवंबर 00:12 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 18:19 तक।
जयपुर में 4 नवंबर 2022 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:47–12:10, यमगण्ड 14:56–16:19, गुलिक काल 08:01–09:24।
जयपुर में 4 नवंबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 15:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 नवंबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1762° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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