पंचांग · रविवार, 30 अक्टूबर 2022जयपुर

कार्तिक · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2079छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:35सूर्योदय17:46सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 03:28, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल
07:25 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3517:46
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:22 –17:46
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:35दिन17:46
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:46रात06:36
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    03:28, 31 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    01:11, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    07:25 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:47, 31 अक्टू॰ तक
  3. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    04:15, 1 नव॰ तक
योग
  1. सुकर्मा
    19:15 तक
  2. धृति
    16:12, 31 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    16:38 तक
  2. तैतिल
    03:28, 31 अक्टू॰ तक
  3. गर
    14:19, 31 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:35
बिंब मध्य 06:39
सूर्यास्त
17:46
बिंब मध्य 17:41
चंद्रोदय
11:39
चंद्रास्त
22:03
दिनमान
11h 11m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
धनु
11:24, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:44
  • प्रातः संध्या05:18 –06:35
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:47
  • गोधूलि मुहूर्त17:46 –18:11
  • सायाह्न संध्या17:46 –19:03
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 31 अक्टू॰
  • अमृत काल01:19 –02:48, 31 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:22 –17:46
  • यमगंड12:10 –13:34
  • गुलिक काल14:58 –16:22
  • दुर्मुहूर्त16:16 –17:01
  • वर्ज्य05:56 –07:25
  • वर्ज्य16:22 –17:52
  • गंड मूल06:35 –07:25

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:35 – 07:59
  • चरसम07:59 – 09:23
  • लाभलाभ09:23 – 10:47
  • अमृतश्रेष्ठ10:47 – 12:10
  • कालहानि12:10 – 13:34
  • शुभशुभ13:34 – 14:58
  • रोगअनिष्ट14:58 – 16:22
  • उद्वेगअशुभ16:22 – 17:46
रात
  • शुभशुभ17:46 – 19:22
  • अमृतश्रेष्ठ19:22 – 20:58
  • चरसम20:58 – 22:34
  • रोगअनिष्ट22:34 – 00:11
  • कालहानि00:11 – 01:47
  • लाभलाभ01:47 – 03:23
  • उद्वेगअशुभ03:23 – 04:59
  • शुभशुभ04:59 – 06:36

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:35–07:31
शुक्र07:31–08:27
बुध08:27–09:23
चन्द्र09:23–10:19
शनि10:19–11:14
गुरु11:14–12:10
मंगल12:10–13:06
सूर्य13:06–14:02
शुक्र14:02–14:58
बुध14:58–15:54
चन्द्र15:54–16:50
शनि16:50–17:46
रात
ग्रहसमय
गुरु17:46–18:50
मंगल18:50–19:54
सूर्य19:54–20:58
शुक्र20:58–22:02
बुध22:02–23:07
चन्द्र23:07–00:11
शनि00:11–01:15
गुरु01:15–02:19
मंगल02:19–03:23
सूर्य03:23–04:27
शुक्र04:27–05:32
बुध05:32–06:36

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 4 पद07:25 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद13:01 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद18:36 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद00:11, 31 अक्टू॰ तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:47, 31 अक्टू॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद11:24, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 11m
रात्रिमान
12h 50m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 07:25 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · 05:47, 31 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:28, 31 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 03:28, 31 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:35 –07:25
  • शुभ मुहूर्त07:25 –08:00
  • रोग पंचक08:00 –10:18
  • शुभ मुहूर्त10:18 –12:22
  • मृत्यु पंचक12:22 –14:06
  • अग्नि पंचक14:06 –15:35
  • शुभ मुहूर्त15:35 –17:02
  • मृत्यु पंचक17:02 –18:38
  • अग्नि पंचक18:38 –20:35
  • शुभ मुहूर्त20:35 –22:49
  • राज पंचक22:49 –01:08, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:08 –03:23, 31 अक्टू॰
  • चोर पंचक03:23 –03:28, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:28 –05:38, 31 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:38 –05:47, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:47 –06:36, 31 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:42 –08:00
  • वृश्चिक08:00 –10:18
  • धनु10:18 –12:22
  • मकर12:22 –14:06
  • कुम्भ14:06 –15:35
  • मीन15:35 –17:02
  • मेष17:02 –18:38
  • वृषभ18:38 –20:35
  • मिथुन20:35 –22:49
  • कर्क22:49 –01:08, 31 अक्टू॰
  • सिंह01:08 –03:23, 31 अक्टू॰
  • कन्या03:23 –05:38, 31 अक्टू॰
  • तुला05:38 –07:56, 31 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 30 अक्टूबर 2022

रविवार, 30 अक्टूबर 2022 को जयपुर में सूर्योदय 06:35 और सूर्यास्त 17:46 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 31 अक्टूबर 03:28 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र मूल 07:25 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग सुकर्मा 19:15 तक, फिर धृति; करण कौलव 16:38 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 16:22–17:46, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 30 अक्टूबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 31 अक्टूबर 03:28 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 06:35, जयपुर)।

30 अक्टूबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 07:25 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 31 अक्टूबर 11:24 तक।

जयपुर में 30 अक्टूबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:22–17:46, यमगण्ड 12:10–13:34, गुलिक काल 14:58–16:22।

जयपुर में 30 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:46, चंद्रोदय 11:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अक्टूबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

30 अक्टूबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1760° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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