पंचांग · मंगलवार, 1 अक्टूबर 2030हरिद्वार
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी02:54, 2 अक्टू॰ तक
- शुक्ल षष्ठी00:33, 3 अक्टू॰ तक
- विशाखास्वामी गुरु08:21 तक
- अनुराधास्वामी शनि06:36, 2 अक्टू॰ तक
- प्रीति23:23 तक
- आयुष्मान्20:18, 2 अक्टू॰ तक
- बव16:09 तक
- बालव02:54, 2 अक्टू॰ तक
- कौलव13:42, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:10बिंब मध्य 06:14
- सूर्यास्त
- 18:03बिंब मध्य 17:59
- चंद्रोदय
- 10:13
- चंद्रास्त
- 20:55
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- वृश्चिक05:02, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:22
- प्रातः संध्या04:58 –06:10
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:31
- विजय मुहूर्त14:06 –14:53
- गोधूलि मुहूर्त18:03 –18:27
- सायाह्न संध्या18:03 –19:16
- निशीथ मुहूर्त23:43 –00:31, 2 अक्टू॰
- अमृत काल20:57 –22:26
- राहु काल15:05 –16:34
- यमगंड09:09 –10:38
- गुलिक काल12:07 –13:36
- दुर्मुहूर्त08:33 –09:21
- दुर्मुहूर्त22:54 –23:43
- वर्ज्य12:03 –13:32
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:10 – 07:40
- उद्वेगअशुभ07:40 – 09:09
- चरसम09:09 – 10:38
- लाभलाभ10:38 – 12:07
- अमृतश्रेष्ठ12:07 – 13:36
- कालहानि13:36 – 15:05
- शुभशुभ15:05 – 16:34
- रोगअनिष्ट16:34 – 18:03
- कालहानि18:03 – 19:34
- लाभलाभ19:34 – 21:05
- उद्वेगअशुभ21:05 – 22:36
- शुभशुभ22:36 – 00:07
- अमृतश्रेष्ठ00:07 – 01:38
- चरसम01:38 – 03:09
- रोगअनिष्ट03:09 – 04:40
- कालहानि04:40 – 06:11
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:10–07:10 |
| सूर्य | 07:10–08:09 |
| शुक्र | 08:09–09:09 |
| बुध | 09:09–10:08 |
| चन्द्र | 10:08–11:07 |
| शनि | 11:07–12:07 |
| गुरु | 12:07–13:06 |
| मंगल | 13:06–14:06 |
| सूर्य | 14:06–15:05 |
| शुक्र | 15:05–16:04 |
| बुध | 16:04–17:04 |
| चन्द्र | 17:04–18:03 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:03–19:04 |
| गुरु | 19:04–20:04 |
| मंगल | 20:04–21:05 |
| सूर्य | 21:05–22:06 |
| शुक्र | 22:06–23:06 |
| बुध | 23:06–00:07 |
| चन्द्र | 00:07–01:08 |
| शनि | 01:08–02:08 |
| गुरु | 02:08–03:09 |
| मंगल | 03:09–04:10 |
| सूर्य | 04:10–05:10 |
| शुक्र | 05:10–06:11 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 4 पद08:21 तक
- अनुराधा 1 पद13:54 तक
- अनुराधा 2 पद19:27 तक
- अनुराधा 3 पद01:01, 2 अक्टू॰ तक
- अनुराधा 4 पद06:36, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:07
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 02:54, 2 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- कैलाश पर · 02:54, 2 अक्टू॰ तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:10 –07:29
- राज पंचक07:29 –08:21
- शुभ मुहूर्त08:21 –09:50
- चोर पंचक09:50 –12:09
- शुभ मुहूर्त12:09 –14:13
- रोग पंचक14:13 –15:54
- शुभ मुहूर्त15:54 –17:20
- मृत्यु पंचक17:20 –18:44
- रोग पंचक18:44 –20:18
- शुभ मुहूर्त20:18 –22:13
- मृत्यु पंचक22:13 –00:28, 2 अक्टू॰
- अग्नि पंचक00:28 –02:49, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:49 –02:54, 2 अक्टू॰
- राज पंचक02:54 –05:08, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:08 –06:11, 2 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:12 –07:29
- तुला07:29 –09:50
- वृश्चिक09:50 –12:09
- धनु12:09 –14:13
- मकर14:13 –15:54
- कुम्भ15:54 –17:20
- मीन17:20 –18:44
- मेष18:44 –20:18
- वृषभ20:18 –22:13
- मिथुन22:13 –00:28, 2 अक्टू॰
- कर्क00:28 –02:49, 2 अक्टू॰
- सिंह02:49 –05:08, 2 अक्टू॰
- कन्या05:08 –07:25, 2 अक्टू॰
पंचांग · हरिद्वार, 1 अक्टूबर 2030
मंगलवार, 1 अक्टूबर 2030 को हरिद्वार में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 18:03 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 2 अक्टूबर 02:54 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र विशाखा 08:21 तक, फिर अनुराधा; योग प्रीति 23:23 तक, फिर आयुष्मान्; करण बव 16:09 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 15:05–16:34, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:31। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
हरिद्वार में 1 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 2 अक्टूबर 02:54 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:10, हरिद्वार)।
1 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 08:21 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 3 अक्टूबर 05:02 तक।
हरिद्वार में 1 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:05–16:34, यमगण्ड 09:09–10:38, गुलिक काल 12:07–13:36।
हरिद्वार में 1 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:03, चंद्रोदय 10:13 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
हरिद्वार हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2866° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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