पंचांग · बुधवार, 4 सितंबर 2030हरिद्वार
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी16:28 तक
- शुक्ल अष्टमी14:22, 5 सित॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि00:56, 5 सित॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध23:36, 5 सित॰ तक
- वैधृति17:27 तक
- विष्कुम्भ14:40, 5 सित॰ तक
- वणिज16:28 तक
- विष्टि03:25, 5 सित॰ तक
- बव14:22, 5 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:56बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 18:37बिंब मध्य 18:32
- चंद्रोदय
- 12:22
- चंद्रास्त
- 22:59
- दिनमान
- 12h 41m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक23:36, 5 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:11
- प्रातः संध्या04:48 –05:56
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:42
- विजय मुहूर्त14:23 –15:14
- गोधूलि मुहूर्त18:37 –18:59
- सायाह्न संध्या18:37 –19:45
- निशीथ मुहूर्त23:54 –00:39, 5 सित॰
- अमृत काल15:06 –16:37
- राहु काल12:16 –13:51
- यमगंड07:31 –09:06
- गुलिक काल10:41 –12:16
- दुर्मुहूर्त11:51 –12:42
- वर्ज्य06:02 –07:33
- गंड मूल00:56 –05:56, 5 सित॰
- भद्रा16:28 –03:25, 5 सित॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:56 – 07:31
- अमृतश्रेष्ठ07:31 – 09:06
- कालहानि09:06 – 10:41
- शुभशुभ10:41 – 12:16
- रोगअनिष्ट12:16 – 13:51
- उद्वेगअशुभ13:51 – 15:26
- चरसम15:26 – 17:01
- लाभलाभ17:01 – 18:37
- उद्वेगअशुभ18:37 – 20:02
- शुभशुभ20:02 – 21:27
- अमृतश्रेष्ठ21:27 – 22:51
- चरसम22:51 – 00:16
- रोगअनिष्ट00:16 – 01:41
- कालहानि01:41 – 03:06
- लाभलाभ03:06 – 04:31
- उद्वेगअशुभ04:31 – 05:56
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:56–06:59 |
| चन्द्र | 06:59–08:03 |
| शनि | 08:03–09:06 |
| गुरु | 09:06–10:09 |
| मंगल | 10:09–11:13 |
| सूर्य | 11:13–12:16 |
| शुक्र | 12:16–13:20 |
| बुध | 13:20–14:23 |
| चन्द्र | 14:23–15:26 |
| शनि | 15:26–16:30 |
| गुरु | 16:30–17:33 |
| मंगल | 17:33–18:37 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:37–19:33 |
| शुक्र | 19:33–20:30 |
| बुध | 20:30–21:27 |
| चन्द्र | 21:27–22:23 |
| शनि | 22:23–23:20 |
| गुरु | 23:20–00:16 |
| मंगल | 00:16–01:13 |
| सूर्य | 01:13–02:10 |
| शुक्र | 02:10–03:06 |
| बुध | 03:06–04:03 |
| चन्द्र | 04:03–05:00 |
| शनि | 05:00–05:56 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 1 पद07:56 तक
- अनुराधा 2 पद13:36 तक
- अनुराधा 3 पद19:16 तक
- अनुराधा 4 पद00:56, 5 सित॰ तक
- ज्येष्ठा 1 पद06:36, 5 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 41m
- रात्रिमान
- 11h 19m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:28 तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 16:28 तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:56 –06:58
- शुभ मुहूर्त06:58 –09:15
- रोग पंचक09:15 –11:36
- शुभ मुहूर्त11:36 –13:55
- मृत्यु पंचक13:55 –15:59
- अग्नि पंचक15:59 –16:28
- शुभ मुहूर्त16:28 –17:40
- राज पंचक17:40 –19:06
- शुभ मुहूर्त19:06 –22:04
- राज पंचक22:04 –23:59
- शुभ मुहूर्त23:59 –00:56, 5 सित॰
- चोर पंचक00:56 –02:14, 5 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:14 –04:35, 5 सित॰
- रोग पंचक04:35 –05:56, 5 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:39 –06:58
- कन्या06:58 –09:15
- तुला09:15 –11:36
- वृश्चिक11:36 –13:55
- धनु13:55 –15:59
- मकर15:59 –17:40
- कुम्भ17:40 –19:06
- मीन19:06 –20:30
- मेष20:30 –22:04
- वृषभ22:04 –23:59
- मिथुन23:59 –02:14, 5 सित॰
- कर्क02:14 –04:35, 5 सित॰
- सिंह04:35 –06:54, 5 सित॰
पंचांग · हरिद्वार, 4 सितंबर 2030
बुधवार, 4 सितंबर 2030 को हरिद्वार में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 18:37 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 16:28 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र अनुराधा 5 सितंबर 00:56 तक, फिर ज्येष्ठा; योग वैधृति 17:27 तक, फिर विष्कुम्भ; करण वणिज 16:28 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 12:16–13:51, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:42। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
हरिद्वार में 4 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 16:28 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 05:56, हरिद्वार)।
4 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 5 सितंबर 00:56 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 5 सितंबर 23:36 तक।
हरिद्वार में 4 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:16–13:51, यमगण्ड 07:31–09:06, गुलिक काल 10:41–12:16।
हरिद्वार में 4 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:37, चंद्रोदय 12:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:42, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:11। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
हरिद्वार हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2856° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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