पंचांग · गुरुवार, 11 अप्रैल 2030हरिद्वार
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी21:01 तक
- शुक्ल नवमी21:33, 12 अप्रैल तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु20:40 तक
- पुष्यस्वामी शनि21:50, 12 अप्रैल तक
- सुकर्मा01:06, 12 अप्रैल तक
- धृति00:22, 13 अप्रैल तक
- विष्टि08:26 तक
- बव21:01 तक
- बालव09:24, 12 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 18:42बिंब मध्य 18:38
- चंद्रोदय
- 11:52
- चंद्रास्त
- 01:03
- दिनमान
- 12h 47m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मिथुन14:15 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:10
- प्रातः संध्या04:48 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:44
- विजय मुहूर्त14:26 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:42 –19:04
- सायाह्न संध्या18:42 –19:49
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:41, 12 अप्रैल
- अमृत काल18:04 –19:48
- राहु काल13:54 –15:30
- यमगंड05:55 –07:31
- गुलिक काल09:07 –10:43
- दुर्मुहूर्त10:11 –11:02
- दुर्मुहूर्त15:18 –16:09
- वर्ज्य07:42 –09:26
- वर्ज्य05:03 –06:44, 12 अप्रैल
- भद्रा05:55 –08:26
चौघड़िया
- शुभशुभ05:55 – 07:31
- रोगअनिष्ट07:31 – 09:07
- उद्वेगअशुभ09:07 – 10:43
- चरसम10:43 – 12:19
- लाभलाभ12:19 – 13:54
- अमृतश्रेष्ठ13:54 – 15:30
- कालहानि15:30 – 17:06
- शुभशुभ17:06 – 18:42
- अमृतश्रेष्ठ18:42 – 20:06
- चरसम20:06 – 21:30
- रोगअनिष्ट21:30 – 22:54
- कालहानि22:54 – 00:18
- लाभलाभ00:18 – 01:42
- उद्वेगअशुभ01:42 – 03:06
- शुभशुभ03:06 – 04:30
- अमृतश्रेष्ठ04:30 – 05:54
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:55–06:59 |
| मंगल | 06:59–08:03 |
| सूर्य | 08:03–09:07 |
| शुक्र | 09:07–10:11 |
| बुध | 10:11–11:15 |
| चन्द्र | 11:15–12:19 |
| शनि | 12:19–13:23 |
| गुरु | 13:23–14:26 |
| मंगल | 14:26–15:30 |
| सूर्य | 15:30–16:34 |
| शुक्र | 16:34–17:38 |
| बुध | 17:38–18:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:42–19:38 |
| शनि | 19:38–20:34 |
| गुरु | 20:34–21:30 |
| मंगल | 21:30–22:26 |
| सूर्य | 22:26–23:22 |
| शुक्र | 23:22–00:18 |
| बुध | 00:18–01:14 |
| चन्द्र | 01:14–02:10 |
| शनि | 02:10–03:06 |
| गुरु | 03:06–04:02 |
| मंगल | 04:02–04:58 |
| सूर्य | 04:58–05:54 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 2 पद07:47 तक
- पुनर्वसु 3 पद14:15 तक
- पुनर्वसु 4 पद20:40 तक
- पुष्य 1 पद03:02, 12 अप्रैल तक
- पुष्य 2 पद09:21, 12 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 47m
- रात्रिमान
- 11h 12m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पश्चिम · 14:15 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 21:01 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 21:01 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:55 –07:42
- राज पंचक07:42 –09:37
- शुभ मुहूर्त09:37 –11:52
- चोर पंचक11:52 –14:13
- शुभ मुहूर्त14:13 –16:32
- रोग पंचक16:32 –18:49
- शुभ मुहूर्त18:49 –20:40
- मृत्यु पंचक20:40 –21:01
- अग्नि पंचक21:01 –21:10
- शुभ मुहूर्त21:10 –23:29
- राज पंचक23:29 –01:33, 12 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:33 –03:14, 12 अप्रैल
- चोर पंचक03:14 –04:40, 12 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:40 –05:54, 12 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:44 –06:08
- मेष06:08 –07:42
- वृषभ07:42 –09:37
- मिथुन09:37 –11:52
- कर्क11:52 –14:13
- सिंह14:13 –16:32
- कन्या16:32 –18:49
- तुला18:49 –21:10
- वृश्चिक21:10 –23:29
- धनु23:29 –01:33, 12 अप्रैल
- मकर01:33 –03:14, 12 अप्रैल
- कुम्भ03:14 –04:40, 12 अप्रैल
- मीन04:40 –06:04, 12 अप्रैल
पंचांग · हरिद्वार, 11 अप्रैल 2030
गुरुवार, 11 अप्रैल 2030 को हरिद्वार में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 18:42 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 21:01 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 20:40 तक, फिर पुष्य; योग सुकर्मा 12 अप्रैल 01:06 तक, फिर धृति; करण विष्टि 08:26 तक, फिर बव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:54–15:30, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
हरिद्वार में 11 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 21:01 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 05:55, हरिद्वार)।
11 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 20:40 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 14:15 तक।
हरिद्वार में 11 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:54–15:30, यमगण्ड 05:55–07:31, गुलिक काल 09:07–10:43।
हरिद्वार में 11 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:42, चंद्रोदय 11:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
हरिद्वार हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2800° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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