पंचांग · मंगलवार, 16 नवंबर 2027गुवाहाटी

कार्तिक · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:42सूर्योदय16:33सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 03:42, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:00 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4216:33
मंगलवार · मंगल
राहु काल
13:51 –15:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:42दिन16:33
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
16:33रात05:42
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    03:42, 17 नव॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    01:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:00 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    04:42, 17 नव॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:17, 18 नव॰ तक
योग
  1. शिव
    12:38 तक
  2. सिद्ध
    09:47, 17 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    16:43 तक
  2. विष्टि
    03:42, 17 नव॰ तक
  3. बव
    14:39, 17 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:42
बिंब मध्य 05:45
सूर्यास्त
16:33
बिंब मध्य 16:29
चंद्रोदय
18:22
चंद्रास्त
07:48
दिनमान
10h 51m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृषभ
17:22 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:57 –04:49
  • प्रातः संध्या04:23 –05:42
  • अभिजित मुहूर्त10:46 –11:29
  • विजय मुहूर्त12:56 –13:40
  • गोधूलि मुहूर्त16:33 –17:00
  • सायाह्न संध्या16:33 –17:52
  • निशीथ मुहूर्त22:42 –23:34
  • अमृत काल20:23 –21:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:51 –15:12
  • यमगंड08:25 –09:46
  • गुलिक काल11:08 –12:29
  • दुर्मुहूर्त07:52 –08:36
  • दुर्मुहूर्त21:49 –22:42
  • वर्ज्य11:18 –12:49
  • भद्रा16:43 –03:42, 17 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:42 – 07:03
  • उद्वेगअशुभ07:03 – 08:25
  • चरसम08:25 – 09:46
  • लाभलाभ09:46 – 11:08
  • अमृतश्रेष्ठ11:08 – 12:29
  • कालहानि12:29 – 13:51
  • शुभशुभ13:51 – 15:12
  • रोगअनिष्ट15:12 – 16:33
रात
  • कालहानि16:33 – 18:12
  • लाभलाभ18:12 – 19:51
  • उद्वेगअशुभ19:51 – 21:29
  • शुभशुभ21:29 – 23:08
  • अमृतश्रेष्ठ23:08 – 00:47
  • चरसम00:47 – 02:25
  • रोगअनिष्ट02:25 – 04:04
  • कालहानि04:04 – 05:42

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:42–06:36
सूर्य06:36–07:30
शुक्र07:30–08:25
बुध08:25–09:19
चन्द्र09:19–10:13
शनि10:13–11:08
गुरु11:08–12:02
मंगल12:02–12:56
सूर्य12:56–13:51
शुक्र13:51–14:45
बुध14:45–15:39
चन्द्र15:39–16:33
रात
ग्रहसमय
शनि16:33–17:39
गुरु17:39–18:45
मंगल18:45–19:51
सूर्य19:51–20:56
शुक्र20:56–22:02
बुध22:02–23:08
चन्द्र23:08–00:14
शनि00:14–01:19
गुरु01:19–02:25
मंगल02:25–03:31
सूर्य03:31–04:37
शुक्र04:37–05:42

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:00 तक
  • मृगशिरा 1 पद11:41 तक
  • मृगशिरा 2 पद17:22 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:02 तक
  • मृगशिरा 4 पद04:42, 17 नव॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद10:21, 17 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 51m
रात्रिमान
13h 9m
मध्याह्न
11:08

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 17:22 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:00 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 04:42, 17 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
दक्षिण · 17:22 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 03:42, 17 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 03:42, 17 नव॰ तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:42 –05:49
  • चोर पंचक05:49 –06:00
  • शुभ मुहूर्त06:00 –08:07
  • रोग पंचक08:07 –10:11
  • शुभ मुहूर्त10:11 –11:55
  • मृत्यु पंचक11:55 –13:25
  • अग्नि पंचक13:25 –14:53
  • शुभ मुहूर्त14:53 –16:30
  • मृत्यु पंचक16:30 –18:27
  • अग्नि पंचक18:27 –20:41
  • शुभ मुहूर्त20:41 –23:00
  • राज पंचक23:00 –01:14, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:14 –03:28, 17 नव॰
  • चोर पंचक03:28 –03:42, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:42 –04:42, 17 नव॰
  • रोग पंचक04:42 –05:42, 17 नव॰

उदय लग्न

  • तुला03:32 –05:49
  • वृश्चिक05:49 –08:07
  • धनु08:07 –10:11
  • मकर10:11 –11:55
  • कुम्भ11:55 –13:25
  • मीन13:25 –14:53
  • मेष14:53 –16:30
  • वृषभ16:30 –18:27
  • मिथुन18:27 –20:41
  • कर्क20:41 –23:00
  • सिंह23:00 –01:14, 17 नव॰
  • कन्या01:14 –03:28, 17 नव॰
  • तुला03:28 –05:45, 17 नव॰

पंचांग · गुवाहाटी, 16 नवंबर 2027

मंगलवार, 16 नवंबर 2027 को गुवाहाटी में सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 16:33 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा; योग शिव 12:38 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 16:43 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:51–15:12, अभिजित मुहूर्त 10:46–11:29। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

गुवाहाटी में 16 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:42, गुवाहाटी)।

16 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 17:22 तक।

गुवाहाटी में 16 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:51–15:12, यमगण्ड 08:25–09:46, गुलिक काल 11:08–12:29।

गुवाहाटी में 16 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 16:33, चंद्रोदय 18:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 10:46–11:29, ब्रह्म मुहूर्त 03:57–04:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

गुवाहाटी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2465° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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